अपने इलाके की सूरत बदलने के लिए छोड़ा ऑस्ट्रेलिया का ऐशोआराम, चुने गए विधायक

वाजिब अली
वाजिब अली

वाजिब अली बताते हैं कि 'एक तरफ ऑस्ट्रेलिया है जहां विकास ही विकास है और दूसरी तरफ उनका अपना मेवात है, जिसे आप सबसे अधिक पिछड़ा कह सकते हैं, मुझे इस इलाके की बेहतरी के लिए काम करना है.

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  • Last Updated: December 25, 2018, 11:25 AM IST
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(कासिम खान)

11 दिसंबर को संपन्न हुए राजस्थान विधानसभा चुनाव यूं तो कई तरह से याद रखा जाएगा, लेकिन इस चुनाव में कुछ ऐसे उम्मीदवारों ने भी जीत दर्ज की है जिनके बारे में आप जानना चाहेंगे. ऐसे समय में जबकि पॉलिटिक्स में युवाओं की भागीदारी को लेकर अलग-अलग तरह की गठजोड़ की कोशिश चल रही है. इसी दौरान राज्य में मेवात क्षेत्र के वाजिब अली ने सियासत के नए आयाम बनाए हैं.

मेवात, हरियाणा के नूंह, पलवल, गुरुग्राम, फरीदाबाद, राजस्थान के भरतपुर, अलवर, धौलपुर और उत्तर प्रदेश के आगरा और मथुरा तक फैला हुआ हिस्सा है. एक समय में मेवात का इलाका दिल्ली के रायसीना से लेकर फतेहपुर सीकरी के बीच फैला था.
वाजिब, भरतपुर जिले के नगर विधानसभा क्षेत्र से बसपा के टिकट पर विधायक चुने गए हैं.
वाजिब के रिश्तेदार और जानने वाले हरियाणा के मेवात इलाके में रहते हैं. वाजिब जब ऑस्ट्रेलिया से वापस चुनाव लड़ने आए तो उनके रिश्तेदारों ने भी उनका साथ दिया और प्रचार किया. वाजिब के रिश्तेदारों और जानने वालों को उनसे बदलाव की उम्मीद है.



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कौन हैं वाजिब अली?

36 वर्षीय वाजिब अली का जन्म भरतपुर जिले में हुआ था. दिल्ली स्थित जामिया से इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद वाजिब अली बड़े भाई इंताज खान के पास ऑस्ट्रेलिया चले गए और वहां से आईटी में एमटेक किया.

फर्राटेदार अंग्रेजी बोलने वाले वाजिब अली ने अपनी मिट्टी की खुशबू को कभी नहीं भुलाया, इसीलिए ऑस्ट्रेलिया में रहकर भी उन्हें इलाके की पिछड़ेपन की याद सताती रही. राजनीति के जरिए देश के सबसे पिछड़े इलाके की तस्वीर बदलने की अलख जगाई. लिहाजा वे वापस मेवात लौट आए और राजनीति में कदम रखा.

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वाजिब अली


हालांकि पहले चुनाव में उन्हें कामयाबी नहीं मिल पाई थी, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और शायद इसीलिए बीएसपी के टिकट पर 2018 में उन्होंने एक ऐसे किले को फतेह किया जिसकी दीवारें यकीनन बहुत ऊंची थी. वाजिब अली के भाई इनताज़ खान और सरताज खान ऑस्ट्रेलिया के मेलबॉर्न में कई शिक्षण संस्थान चलाते हैं.

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उनके वहां सात कॉलेज और एक स्कूल भी हैं, जिसमें हजारों बच्चे पढ़ते हैं. आपको बता दें कि इनताज़ खान मेलबॉर्न शहर के पार्षद (काउंसलर) हैं और इनका परिवार मेलबॉर्न शहर में करीब 9.5 मिलियन डॉलर की कीमत वाले घर में रहता है.

वाजिब अली बताते हैं कि 'एक तरफ ऑस्ट्रेलिया है जहां विकास ही विकास है और दूसरी तरफ उनका अपना मेवात है, जिसे आप सबसे अधिक पिछड़ा कह सकते हैं, मुझे इस इलाके की बेहतरी के लिए काम करना है.'

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