बाल-विवाह की शिकार बहू ने की पढ़ने की बात तो पंचों ने लगा दिया 2 लाख जुर्माना

राजस्थान के राजसमंद जिले के रेलमगरा उपखण्ड की सकरावास पंचायत की बाल-विवाह की शिकार बहू ने जब आगे पढ़ाई करने की बात तो पंचों ने 2 लाख रुपए जुर्माना लगा दिया.

News18 Madhya Pradesh
Updated: August 6, 2019, 6:18 PM IST
बाल-विवाह की शिकार बहू ने की पढ़ने की बात तो पंचों ने लगा दिया 2 लाख जुर्माना
सुखी अहीर जिसके पढ़ने पर समाज ने किया बहिष्कृत
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Updated: August 6, 2019, 6:18 PM IST
राजसमंद में बाल-विवाह होने के बाद उसे ससुराल वालों ने सिर्फ इसलिए घर से निकाल दिया क्योंकि वह आगे पढ़कर अपना करियर बनाना चाहती है जबकि उसका पति दसवीं फेल है. बहू की पढ़ने की इच्छा समाज के ठेकेदारों को इतनी नागवार गुजरी कि उन्होंने इसे समाज से बहिष्कृत कर दिया और इस परिवार को फिर से समाज मे लेने के लिए जुर्माना लगाया. दो लाख रुपए के साथ में लड़के के परिवार ने 11 लाख रुपए मांगे जो यह परिवार सपने मे भी नहीं सोच सकता. अब यह परिवार समाज के पटेलों के खिलाफ न्याय के लिए दर-दर भटक रहा है.

लक्ष्मण अहीर ( उपाध्यक्ष,सामाजिक पंचायत ) ने मामला तूल पकड़ने के बाद सामाजिक बहिष्कार किए जाने का खंडन किया


यह कहानी राजसमंद के रेलमगरा उपखण्ड की सकरावास पंचायत की है. बाल विवाह की शिकार इस लड़की का नाम सुखी अहीर है. सुखी का विवाह बचपन में ही हो गया था. युवा होने पर वह दिल में अरमान लेकर ससुराल पहुंची. वह आगे पढ़ना चाहती है. इसलिए उसने स्नातक करने के बाद समाजशास्त्र में स्नात्तकोत्तर की पढ़ाई शुरू की, लेकिन ससुरालवालों ने पढ़ाई बंद करने का यह कहकर दबाव बनाया कि चूल्हा चौका काम करो. तेरा पति तो दसवीं से आगे नहीं पढ़ा तू पढ़कर क्या करेगी. सुखी ने आगे पढ़ने की जिद की तो ससुरालवालों ने इसे प्रताड़ित करके घर से निकाल दिया. समझाने पर पर 11 लाख रुपए बतौर दहेज देने की मांग रखी.

इस पर तलाक का मुकदमा रेलमगरा थाने पर विचाराधीन है. लेकिन ससुरालपक्ष ने इसके फैसले के लिए समाज के पंचो के दखलंदाजी की मांग की जब पीड़ित गोपीलाल गंभीर बीमारी का जयपुर मे उपचार करवा रहा था तभी पंच-पटेलों ने पंचायती करके पीड़ित परिवार का हुक्कापानी बंद करवाकर उस पर दो लाख रुपये का जुर्माना जड़ दिया. अब इस परिवार को पंचों के फरमान मानने के लिए धमकियां दी जा रही हैं. पीड़िता ने अपने पिता के साथ एसपी कार्यालय पंहुचकर न्याय की मांग की है. पीड़िता के आरोप का खण्डन करते हुए समाज के पंच पटेलों ने सामाजिक बहिष्कार जैसी घटना से साफ इंकार करते हुए केवल समझाने की बात स्वीकार की है.

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First published: August 6, 2019, 5:56 PM IST
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