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कड़ाके की सर्दी से राजस्थान में फसल को 50% तक नुकसान

Dinesh Sharma | News18 Rajasthan
Updated: January 17, 2019, 6:43 PM IST
कड़ाके की सर्दी से राजस्थान में फसल को 50% तक नुकसान
पाले से तबाह हुई टमाटर की फसल.

राजस्थान में कड़ाके की सर्दी का सितम किसानों पर भी जारी है. किसानों को अपनी मेहनत से उपजाई फसल पशुओं को खिलाने और कचरे में फेंकने को मजबूर होना पड़ रहा है. कई इलाकों में तो फसल में 50 फीसदी तक का नुकसान हो चुका है.

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प्रदेश में कड़ाके की सर्दी खेतों में कहर ढा रही है. पाला पड़ने के चलते बड़े स्तर पर फसल में नुकसान हो रहा है. खास तौर से सब्जी की फसल पर सर्दी की मार पड़ रही है. और फसल झुलसने के कगार पर पहुंच गई है. हालात इस तरह के बन रहे हैं कि किसानों को अपनी मेहनत से उपजाई फसल पशुओं को खिलाने और कचरे में फेंकने को मजबूर होना पड़ रहा है. कई इलाकों में तो फसल में 50 फीसदी तक का नुकसान हो चुका है.

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प्रदेश में जारी कड़ाके की सर्दी से जनजीवन तो अस्त-व्यस्त है ही किसानों के चेहरे भी मुरझाए हुए हैं. पाला पड़ने के चलते प्रदेश में बड़े स्तर पर फसल में खराबा हो रहा है और खास तौर से सब्जी की फसल इससे प्रभावित हो रही है. लगातार पाला पड़ने के चलते सब्जियों की फसल झुलसने के कगार पर पहुंच गई है. पाले से अपनी फसल को बचाने के लाख जतन करने के बावजूद किसानों के निराशा हाथ लग रही है और उन्हें अपनी फसल को अपनी आंखों के आगे बर्बाद होते हुए देखना पड़ रहा है. हालात ये हैं कि पाले से बर्बाद हुई फसल को किसान कचरे में फेकने और पशुओ को खिलाने के लिए मजबूर हो रहे हैं.

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जयपुर के गोविन्दगढ क्षेत्र के किसान मालीराम ने अपने दो बीघा खेत में टमाटर की फसल बोई थी लेकिन पाले ने सब कुछ चौपट कर दिया है और करीब 50 से 70 हजार रुपए का नुकसान हो चुका है. मालीराम का कहना है कि सबसे ज्यादा नुकसान टमाटर और मटर की खेती में हुआ है और उन्हें अपनी फसल को पशुओं को खिलाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है. मालीराम का यह भी कहना है कि अभी तक उनके खेत में हुए नुकसान का जायजा लेने कोई भी सरकारी अधिकारी-कर्मचारी नहीं आया है.

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दक्षिणी राजस्थान के 3-4 जिलों को अगर छोड़ दें तो पूरे राजस्थान से पाला पड़ने की खबरें आई हैं और किसानों का बड़े स्तर पर नुकसान हुआ है. सरसों की फसल हालांकि खेतों में लहलहाती हुई दिख रही है लेकिन हकीकत यह है कि पाले के चलते उसका दाना कमजोर हो रहा है. टमाटर, बैंगन, भिण्डी, मटर जैसी सब्जी की फसल में तो पाले से नुकसान हुआ ही है अरण्डी, तारामीरा, कपास और जीरे की फसल में भी पाला पड़ने से नुकसान हुआ है. असिंचित चने की फसल जहां फ्लावरिंग स्टेज पर है उसमें नुकसान हो रहा है साथ ही मैरीगोल्ड यानी गैंदा की खेती में भी कड़ाके की सर्दी ने नुकसान हुआ है.
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सरकार पाले से हुए नुकसान का आकलन करवा रही है लेकिन हकीकत ये है कि नुकसान झेलने वाले कई किसानों तक सरकारी मुलाजिम पहुंचे ही नहीं है. सरकार द्वारा नुकसान के आकलन की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है और अब आंकड़ों को एकजाई करने का काम चल रहा है.

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उद्यानिकी विभाग को मिले आंकड़ों के मुताबिक राजसमंद जिले में सब्जियों की फसल में सर्वाधिक करीब 50 फीसदी का नुकसान हुआ है. चूरू में 10 से 20 प्रतिशत और प्रतापगढ़ में 10-15 प्रतिशत का नुकसान बताया जा रहा है. दौसा समेत प्रदेश के कई जिले ऐसे हैं जिनमें 10 प्रतिशत से ज्यादा का नुकसान है हालांकि आधिकारिक आंकड़े आना अभी शेष है.

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First published: January 17, 2019, 6:39 PM IST
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