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भाई को राखी बांधने जा रही थी बहन, रास्ते में दिखा घायल तेंदुआ, फिर जो हुआ लोग रह गए हैरान

भाई को राखी बांधने जा रही थी बहन, रास्ते में दिखा घायल तेंदुआ, फिर जो हुआ लोग रह गए हैरान

Rajasthan News: राजस्थान के राजसमंद में एक महिला ने घायल तेंदुए को राखी बांधा.

Rajasthan News: राजस्थान के राजसमंद में एक महिला ने घायल तेंदुए को राखी बांधा.

Rajsamand News: राजस्थान (Rajasthan News) के राजसमंद में रक्षाबंधन के पर्व पर एक अनोखी घटना हुई. दरअसल बहन अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधन जा रही थी. इस दौरान उसे रास्ते में एक तेंदुआ दिखा. फिर महिला ने उसे राखी बांध दिया. यह देखकर लोग हैरान रह गए. इतना ही नहीं महिला ने तेंदुआ के जल्द ठीक होने की कामना भी की.

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राजसमंद. रक्षाबंधन का पावन पर्व खास तौर पर भाई बहनों का पर्व कहलाता है. इस दिन बहन भाई की कलाई पर रक्षासूत्र बांध कर भाई की लंबी आयु और स्वस्थ जीवन की कामना करती है, लेकिन राजसमंद जिले में एक महिला ने रक्षाबंधन पर्व पर कुछ ऐसा किया कि अब वह चर्चा में है. महिला अपने परिवार के साथ भाई को राखी बांधने जा रही थी. इसी दौरान रास्ते मे  देवगढ़ उपखंड के नराणा पानडी रोड पर एक तेंदुआ घायल अवस्था में जाते हुए मिला, तो पानडी गांव की मातृशक्ति कंचन कंवर ने उसे रक्षासूत्र बांधकर शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की और अपने परिजनों के सहयोग से वन विभाग को सुपुर्द किया.

आमतौर पर ऐसे फ़ोटो और वीडियो केवल फिल्मों में दिखाई देते है. एक बहन ने रक्षाबंधन पर्व पर बिग कैट्स प्रजाति को राखी बांधकर ना सिर्फ उनके संरक्षण का संदेश दिया, बल्कि उनकी लंबी उम्र की कामना की.

डूंगरपुर में अनोखी परंपरा

राजस्थान के डूंगरपुर में रक्षाबंधन के अवसर पर अनोखी हरिया परंपरा निभाई जाती है. इस रस्म के तहत घुनाथ मंदिर और लक्ष्मीनारायण मंदिर में पूजा अर्चना के बाद इस खास परंपरा की शुरुआत की जाती है. ग्रेजी वर्णमाला के टी आकार की लकड़ी हरिया की पूजा- अर्चना के बाद रघुनाथजी मंदिर परिसर में गाढ़ा गया. इसके बाद अगले साल के मौसम की भविष्यवाणी जानने की परंपरा हुई जिसमें अलग- अलग समाजों के चार प्रतिनिधि मिट्टी के कलशों में तालाब से पानी भरकर लाए.

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मिट्टी के कलशों पर बारिश के मौसम के आषाढ़, श्रावण, भाद्रपद एवं अश्विन चारों महीने के नाम लिखे हुए थे. कलशों को हरिया की लकड़ी पर फोड़ा और टुकड़ों को इकठ्ठा कर देखा गया कि कलश पर लिखे महीनों के नामों के कितने अक्षर सुरक्षित है और कितने टूट चुके हैं. माह के प्रत्येक अक्षर को दस दिन का मानकर देखा गया कि अगले साल का वर्षा योग क्या है. जितने शब्द टूटे हुए होते है उतने दिन वर्षा योग मानकर आगामी वर्ष के वर्षा योग की घोषणा की गई.

Tags: Rajasthan news, Rakshabandhan

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