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सरकारी अस्पताल में प्रसव पीड़ा कम करने के लिए गायत्री मंत्र का सहारा, मुस्लिमों ने जताया विरोध

News18 Rajasthan
Updated: May 19, 2019, 4:36 PM IST
सरकारी अस्पताल में प्रसव पीड़ा कम करने के लिए गायत्री मंत्र का सहारा, मुस्लिमों ने जताया विरोध
सांकेतिक तस्वीर

एक मुस्लिम कार्यकर्ता ने मामले की शिकायत स्वास्थ्य विभाग से की है, जिसके बाद इस संबंध में कार्रवाई करने की बात कही गई है.

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राजस्थान में एक सराकरी अस्पताल के प्रसव कक्ष में बजाए जा रहे गायत्री मंत्र पाठ का मुस्लिमों ने नाराजगी जताई है. मुस्लिम प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि प्रसव पीड़ा को कम करने के नाम पर गर्भवती महिलाओं को गायत्री मंत्र सुनाया जा रहा है. एक मुस्लिम कार्यकर्ता ने मामले की शिकायत स्वास्थ्य विभाग से की है, जिसके बाद इस संबंध में कार्रवाई करने की बात कही गई है. मामला सवार्ई माधोपुर के अस्पताल का है.

सवाई माधोपुर के मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉक्टर तेजराम मीणा का कहना है कि ''फिलहाल जिला अस्पताल में गायत्री मंत्र को बजाया जा रहा है. जल्द ही इसको जिले के कई अन्य अस्पतालों में भी बजाया जाएगा. प्रसव पीड़ा के दौरान इस मंत्र को सुनने से दर्द में राहत मिलती है.'' उन्होंने तर्क दिया, 'अगर एक महिला गायत्री मंत्र सुनती है तो उसे लेबर पेन नहीं होता है.

सिरोही जिले के प्रिंसिपल मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर रतना ग्रोवर के मुताबिक पिछले एक साल से भी ज्यादा समय से सिरोही जिला अस्पताल के लेबर रूम में डिलिवरी के वक्त महिलाओं को गायत्री मंत्र सुनाया जा रहा है. वहीं उदयपुर में भी सरकारी मेडिकल कॉलेज के लेबर रूम में गायत्री मंत्र बजाने की तैयारी की जा रही है. उदयपुर जिले के प्रजनन और बाल स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर अशोक आदित्य का कहना है कि, 'हम जल्द ही लेबर रूम में गायत्री मंत्र बजाएंगे.'

स्वास्थ्य विभाग के स्पेशल सेक्रेटरी का मामले में कहना है कि राज्य सरकार की ओर से किसी भी तरह का कोई आदेश जारी नहीं किया गया है. इस तरह के सलाह जरूर मिले हैं कि कि ध्यान करने वाले म्यूजिक का प्रयोग करें. इससे दर्द में राहत मिलेगी. उन्होंने कहा कि ‘कुछ अधिकारी वह ऑडियो इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं, जो हमने उन्हें दिए थे. हम मामले की जांच करेंगे.'

लेकिन, विवाद उस वक्त शुरू हो गया जब मुस्लिम कार्यकर्ताओं ने इस अभ्यास का विरोध करने लगे. मुस्लिम कार्यकर्ताओं का कहना है कि नवजात बच्चे के कान में पहली आवाज अजान की जानी चाहिए न कि गायत्री मंत्र की.

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First published: May 19, 2019, 4:25 PM IST
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