रणथंभोर नेशनल पार्क में बढ़ रही है भालुओं की संख्या
Sawai-Madhopur News in Hindi

रणथंभोर नेशनल पार्क में बढ़ रही है भालुओं की संख्या
पार्क में भालू फोटो-ईटीवी

बाघों के कारण देश और दुनिया मे रणथंभोर नेशनल पार्क को जाना जाता है. लेकिन अब रणथंभोर मे ना सिर्फ बाघ बल्कि दुर्लभ प्रजाति कहे जाने वाला भालू भी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनते जा रहे हैं.

  • Share this:
बाघों के कारण देश और दुनिया मे रणथंभोर नेशनल पार्क को जाना जाता है. लेकिन अब रणथंभोर मे ना सिर्फ बाघ बल्कि दुर्लभ प्रजाति कहे जाने वाला भालू भी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनते जा रहे हैं. यहां कभी भालुओं की प्रजाति धीरे-धीरे लुप्त होने के कगार पर थी अब खुशी की बात ये है कि भालुओं की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है.

रणथंभोर नेशनल पार्क टाईगर के कारण देश दुनिया मे विख्यात है लेकिन अब रणथंभोर नेशनल पार्क दुर्लभ भालुओं के लिए भी धीरे-धीरे विख्यात होने लगा है. अपने शरीर के चारो और काले घने लम्बे बालों वाले भालू पर्यटकों के लिए आकर्षण का केन्द्र बनते जा रहे हैं.

इससे भी अधिक महत्वपूर्ण बात ये है कि भालू जंगल को सुरक्षित बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं. इसके बारे मे बहुत कम लोग जानते है. किसी समय ये प्रजाति लुप्त होने के कगार पर पहुंच गई थी लेकिन अब धीरे धीरे भालुओं की संख्या मे इजाफा देखने को मिल रहा है. यहां टाईगर की संख्या 64 के करीब बताई जा रही है वही भालुओं की संख्या 70 होने का अनुमान है.
भालू जंगल मे पेड़-पौधों के दीमक को खाते हैं जिससे वनस्पति को जीवनदान मिलता है.
एक बात भालू के बारे मे और महत्वपूर्ण है और वो ये कि अक्सर भालू की मौत एक रहस्य बनकर रह जाता है. भालू का अंत कब हो जाता है इस रहस्य से बहुत कम मर्तबा पर्दा उठ पाता है, क्योंकि भालू को निशाचर की श्रेणी मे माना जाता है.



 
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading