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Pahalgam Road Accident: शहीद सुभाष चंद्र बैरवाल के पार्थिव शरीर से लिपट गई पत्नी, भर आई लोगों की आंखें

Rajasthan News: पहलगाम हादसे में शहीद जवान सुभाष चंद्र बैरवाल को नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई.

Rajasthan News: पहलगाम हादसे में शहीद जवान सुभाष चंद्र बैरवाल को नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई.

Sikar News: राजस्थान (Rajasthan News) के सीकर के लाल कॉन्स्टेबल सुभाष चंद्र बैरवाल (ITBP Constable Subhash Chandra Bair ...अधिक पढ़ें

Sandeep Hudda

सीकर.  जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में शहीद हुए राजस्थान के सीकर के लाल कॉन्स्टेबल सुभाष चंद्र बैरवाल का उनके पैतृक गांव शाहपुर में पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया. बारिश के बीच हजारों लोगों ने जवान को नम आंखों से अंतिम विदाई दी. ITBP कॉन्स्टेबल सुभाष चंद्र बैरवाल को उनके छोटे भाई ने मुखाग्नि दी. जवान का पार्थिव शरीर जैसे ही उनके घर पहुंचा कोहराम मच गया. गांव में चीख-पुकार मच गई. जवान की प्रेग्नेंट पत्नी को संभालना लोगों के लिए मुश्किल हो गया था. तिरंगे में लिपटे जवान को देखकर भाई-बहन के आंसू नहीं थम रहे थे. पत्नी आखिरी बार बस अपने पति को निहारती रही और सैल्यूट भी किया.

जम्मू-कश्मीर में आईटीबीपी की बस पलटने से शहीद हुए सीकर के लाल सुभाष बेरवाल का पार्थिव शरीर गुरुवार को पंचतत्व में विलीन हो गया. सुभाष के पैतृक गांव शाहपुरा में उनका अंतिम संस्कार किया गया. सेना के जवानों ने उन्हें अंतिम सलामी दी और उसके बाद उनके छोटे भाई ने उनको मुखाग्नि दी.

पंचतत्व में विलीन हुए जवान

शहीद सुभाष का पार्थिव शरीर बुधवार देर रात सीकर पहुंचा था. यहां सैनिक कल्याण कार्यालय में रखा गया और उसके बाद सुबह सीकर जिला मुख्यालय से गांव शाहपुरा तक करीब 40 किलोमीटर की तिरंगा यात्रा निकाली गई. इस तिरंगा यात्रा में हजारों की संख्या में युवा और आसपास के क्षेत्र के लोग शामिल हुए. भारत माता के जयकारों से आसमान गूंजता रहा जगह-जगह देशभक्ति के तराने गूंजते रहे.

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शहीद का पार्थिव शरीर उनके गांव शाहपुरा में स्थित पैतृक निवास पर पहुंचा जहां पर परिजनों के अंतिम दर्शन के लिए रखा गया. शहीद का पार्थिव शरीर घर पहुंचते ही घर में कोहराम मच गया बार-बार पत्नी और मां पार्थिव शरीर से लिपटने की कोशिश करती रही. ग्रामीणों ने बड़ी मुश्किल से उनको संभाला इसके बाद उनके घर से अंतिम यात्रा शुरू हुई और श्मशान घाट पहुंची जहां पर आईटीबीपी के जवानों ने अंतिम सलामी दी और छोटे भाई ने उनको मुखाग्नि दी. इसके बाद पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया.

Tags: ITBP, Rajasthan news, Sikar news

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