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सीकर पुलिस उपाधीक्षक सौरभ तिवाड़ी का तबादला, माकपा ने समाप्त किया महापड़ाव

माकपा ने लाठीचार्ज के दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर सीकर में कलक्ट्रेट के सामने गत 7 दिन से महापड़ाव डाल रखा था.  पूर्व विधायक अमराराम फोटो : न्यूज 18 राजस्थान ।

माकपा ने लाठीचार्ज के दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर सीकर में कलक्ट्रेट के सामने गत 7 दिन से महापड़ाव डाल रखा था. पूर्व विधायक अमराराम फोटो : न्यूज 18 राजस्थान ।

सीकर (Sikar) जिला मुख्यालय पर छात्रसंघ चुनाव (Student union election) की मतगणना के दौरान गत 28 अगस्त को एसएफआई कार्यकर्ताओं (SFI Activists) के ऊपर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज (Lathicharge) के मामले में सीकर शहर के पुलिस उपाधीक्षक सौरभ तिवाड़ी (Deputy Superintendent of Police Saurabh Tiwari)के तबादले के साथ ही माकपा (CPI (M)) का आंदोलन रविवार को समाप्त हो गया.

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सीकर. जिला मुख्यालय पर छात्रसंघ चुनाव (Student union election) की मतगणना के दौरान गत 28 अगस्त को एसएफआई कार्यकर्ताओं (SFI Activists) के ऊपर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज (Lathicharge) के मामले में सीकर शहर के पुलिस उपाधीक्षक सौरभ तिवाड़ी (Deputy Superintendent of Police Saurabh Tiwari)के तबादले के साथ ही माकपा (CPI (M)) का आंदोलन रविवार को समाप्त हो गया. माकपा ने लाठीचार्ज के दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर सीकर में कलक्ट्रेट के सामने गत 7 दिन से महापड़ाव डाल रखा था.

सात दिन तक डाले रखा महापड़ाव
माकपा के पूर्व विधायक अमराराम ने कहा कि लाठीचार्ज के दोषी सभी पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ सरकार ने कार्रवाई कर उन्हें यहां से हटा दिया है. इसलिए महापड़ाव खत्म करने का निर्णय लिया है. अमराराम ने आंदोलन के तहत प्रदेशभर में किए जाने वाले प्रदर्शन को भी वापस ले लिया है. महापड़ाव खत्म हो जाने के बाद पूर्व विधायक अमराराम और पेमाराम सैकड़ों माकपा कार्यकर्ताओं के साथ झूमते नजर आए. उन्होंने 7 दिन तक महापड़ाव के चलते रास्ता बंद होने के कारण सीकर की जनता को हुई परेशानी के लिए माफी भी मांगी.

घटना के बाद से ही लगातार चल रहा था आंदोलन
उल्लेखनीय है कि लाठीचार्ज के मामले को माकपा ने अपनी नाक का सवाल बना लिया था. लाठीचार्ज की घटना के बाद से ही माकपा इस मामले को लेकर आंदोलन कर रही थी. माकपा की मांग थी कि लाठीचार्ज के दोषी अधिकारियों को जिले से हटाया जाए. इसके तहत धरने-प्रदर्शनों का दौर लगातार चल रहा था. वहीं लाठीचार्ज के विरोध में एक बार मशाल जुलूस निकाला गया. उसके बाद एक दिन सीकर जिले में राजमार्ग और राज्य मार्ग रोककर सीकर जाम किया गया था. उसके बावजूद भी कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने कलक्ट्रेट के सामने अनिश्चितकालीन महापड़ाव डाल दिया था.



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