Assembly Banner 2021

दिल्ली हिंसा: हेड कॉन्स्टेबल रतन लाल को शहीद का दर्जा, आश्रित को मिलेगी नौकरी और मुआवजा

सोमवार को उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भड़की हिंसा में दिल्ली पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल रतन लाल की मौत हो गई थी (फाइल फोटो)

सोमवार को उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भड़की हिंसा में दिल्ली पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल रतन लाल की मौत हो गई थी (फाइल फोटो)

दिल्ली में हिंसा (Delhi) के दौरान जान गंवाने वाले पुलिसकर्मी रतन लाल को केंद्र सरकार शहीद का दर्जा देगी. राजस्थान के सीकर से बीजेपी सासंद सुमेधानंद ने केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के शीर्ष नेताओं से इस मामले में बातचीत की.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 26, 2020, 1:12 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. उत्तर-पूर्वी दिल्ली में जारी हिंसा और उपद्रव (Delhi Violence) के दौरान जान गंवाने वाले पुलिसकर्मी रतन लाल को केंद्र सरकार ने शहीद का दर्जा दिया है. राजस्थान के सीकर से बीजेपी सासंद सुमेधानंद ने केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के शीर्ष नेताओं से इस मामले में बातचीत की. सुमेधानंद ने केंद्रीय गृह राज्य मंत्री से बातचीत के बाद मीडिया को इस बात की जानकारी दी. बताया जा रहा है कि दिल्ली पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल रतन लाल को शहीद का दर्जा मिल चुका है. इसके अलावा उनके परिजनों को एक करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता राशि और एक आश्रित को सरकारी नौकरी मिलेगी. इस घोषणा के बाद शहीद रतन लाल के अंतिम संस्कार का रास्ता साफ हो गया है.

मंत्री और बीजेपी नेताओं से हुई बात
इस संबंध में सीकर के सांसद सुमेधानंद का बयान सामने आया है. उन्होंने बताया कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से उनकी बातचीत हुई है. इस पर एक बैठक भी हुई है. उन्होंने बताया कि रतन लाल की पत्नी को योग्यतानुसार नौकरी मिलेगी. इसके अलावा एक करोड़ रुपए की सहायता राशि भी मिलेगी.

परिजन और स्थानीय ग्रामीणों ने किया था सड़क जाम
बता दें कि हेड कॉन्स्टेबल रतन लाल की मौत के बाद परिजन और स्थानीय ग्रामीण नाराज थे. मंगलवार को उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक आवास सीकर जिले के सदीनसर गांव के पास सड़क पर रखकर प्रदर्शन हो रहा था. ग्रामीण दिवंगत पुलिसकर्मी को शहीद का दर्जा दिलाने की मांग कर रहे थे. इस मामले में सीकर सांसद के हस्तक्षेप और आश्वासन के बाद परिजन और ग्रामीणों ने सड़क जाम और धरना खत्म कर दिया है. हेड कॉन्स्टेबल रतनलाल का शव उनके पैतृक गांव में अंतिम संस्कार के लिए जा चुका है.



गोकुलपुरी के ACP ऑफिस में थे तैनात
दिल्ली के गोकुलपुरी एसीपी ऑफिस में तैनात हेड कांस्टेबल रतन लाल को अपनी जान हिंसा के दौरान गंवानी पड़ी थी. दिल्ली के गोकुलपुरी थाना क्षेत्र के मौजपुर में सोमवार को वो पत्थरबाजी के दौरान घायल हो गए थे. 42 वर्षीय रतन लाल वर्ष 1998 में दिल्ली पुलिस में कॉन्स्टेबल के तौर पर नियुक्त हुए थे. घटना के दौरान वो गोकुलपुरी एसीपी के ऑफिस में नियुक्त थे. जानकारी के अनुसार, वो यहां अपनी पत्नी और तीन बच्चों के साथ रहते थे.

स्टेडियम का नामकरण करने की उठी मांग
दिल्ली पुलिस में नौकरी करने वाले रतन लाल की मां संतरा देवी और भाई दिनेश गांव में अपने परिवार के साथ रहते हैं. उनके दिवंगत होने के बाद ग्रामीण ने गांव के स्कूल के एक स्टेडियम का नामकरण करने की मांग कर रहे हैं.

ये भी पढ़ें:

उपद्रवी जलाने जा रहे थे मुस्लिम परिवार का घर, बीजेपी पार्षद ने बचाया

उपद्रवियों के खिलाफ हिन्दू-मुसलमान एकजुट, दोनों मिलकर कर रहे इलाके की सुरक्षा
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज