शिक्षक दिवस विशेष- यह है ननद-भौजाई वाला सरकारी स्कूल, प्राइवेट स्कूल को भी देता है मात

Teacher's Day Special: सीकर में सगी ननद-भौजाई की जोड़ी ने एक सरकारी स्कूल (Government school) में शिक्षक (Teacher) बनकर ऐसा काम किया है कि अब लोग उस स्कूल को ही 'ननद-भौजाई वाला स्कूल' (School of nanad bhaujai) के नाम से जानने लग गए हैं.

Ashok sharma | News18 Rajasthan
Updated: September 5, 2019, 3:38 PM IST
शिक्षक दिवस विशेष- यह है ननद-भौजाई वाला सरकारी स्कूल, प्राइवेट स्कूल को भी देता है मात
सीकर में ननद-भौजाई की इस जोड़ी ने एक सरकारी स्कूल में शिक्षक बनकर ऐसा काम किया है कि अब लोग उस स्कूल को ही 'ननद-भौजाई वाला स्कूल' के नाम से जानने लग गए हैं. फोटो : न्यूज 18 राजस्थान ।
Ashok sharma | News18 Rajasthan
Updated: September 5, 2019, 3:38 PM IST
सीकर. ननद-भौजाई (Nanad Bhaujai) का नाम सामने आते ही जहां अक्सर हमारे दिमाग में लड़ाई-झगड़े की तस्वीर सामने आती है. लेकिन इसी तस्वीर का एक दूसरा पहलू भी सीकर जिले (Sikar district) में सामने आया है. सीकर में ननद-भौजाई की इस जोड़ी ने एक सरकारी स्कूल (Government school) में शिक्षक (Teacher) बनकर ऐसा काम किया है कि अब लोग उस स्कूल को ही 'ननद-भौजाई वाला स्कूल' (School of nanad bhaujai) के नाम से जानने लग गए हैं.

प्राइवेट स्कूल जैसी सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई
हम बात कर रहे हैं सीकर जिले के कटराथल के पास समदड़ी जोहड़ी के राजकीय प्राथमिक विद्यालय की. यहां सगी ननद-भौजाई ने अपनी मेहनत के दम पर इस सरकारी स्कूल को प्राइवेट स्कूल की तर्ज पर विकसित ही नहीं किया, बल्कि खुद के और भामाशाहों के आर्थिक सहयोग से इस स्कूल में हर वो सुविधा जुटा डाली जो एक प्राइवेट स्कूल में होती है.

This is a nanad bhaujai government school-सीकर-यह है ननद-भौजाई वाला सरकारी स्कूल
संस्था प्रधान शारदा देवी। फोटो : न्यूज 18 राजस्थान ।


यहां हर दिन का अलग ड्रेस कोड भी लागू
सीकर जिले के सददड़ी जोहड़ी में स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय में ननद-भौजाई की ये जोड़ी 2006 से कार्यरत है. स्कूल की संस्था प्रधान शारदादेवी और सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्त उनकी ननद कमला काजला ने शिक्षा और विकास के कई नए आयाम बनाए हैं. आज इस स्कूल में जहां कम्यूटर के माध्यम से बच्चों को शिक्षा दी जाती है, वहीं प्राइवेट स्कूलों की तरह बच्चों के लिए हर दिन का अलग ड्रेस कोड भी लागू किया गया है. स्कूल के वातावरण को रमणीक बनाने के लिए इसे बगीचे के रूप में विकसित किया जा रहा है.

ग्रामीण प्राइवेट स्कूलों से बच्चों को निकालकर इसमें करा रहे हैं भर्ती
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ननद-भौजाई के इस स्कूल में बच्चों की पढ़ाई के स्तर और शिक्षकों की मेहनत को देखकर ग्रामीणों ने भी स्कूल का सहयोग करना शुरू कर दिया. इस स्कूल में बच्चों के लिए 10 कम्यूटर लगे हुए हैं. वहीं दूर दराज से आने वाले बच्चों के लिए वैन की व्यवस्था भी भामाशाहों ने अपने स्तर पर करके दी है. अब ग्रामीण अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूलों से निकालकर वापिस इस सरकारी स्कूल में भर्ती भी करवा रहे हैं.

Assistant Teacher Kamala Kajala-सहायक शिक्षक कमला काजला
सहायक शिक्षक कमला काजला। -photo news18 rajasthan


अब फोकस नामांकन बढ़ाने पर
ननद-भौजाई के इस स्कूल में कार्यरत भोजाई शारदा देवी और ननद कमला काजला का पूरा फोकस अब स्कूल के नामांकन बढ़ाने के साथ-साथ स्कूल में बच्चों को दी जाने वाली सुविधा पर भी है. ताकि इस सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले गांवों के बच्चों को भी वे सभी सुविधाएं और शिक्षा मिल सके जो शहरों मे प्राइवेट स्कूलों में बच्चों मिलती हैं. शिक्षक दिवस पर ऐसे शिक्षकों के जज्बे को सलाम करते हुए ग्रामीण भी इस स्कूल के विकास के लिए जी-जान से जुटे हुए हैं.

2 साल में 10 बच्चे प्राइवेट स्कूल छोड़कर इस सरकारी स्कूल में आए
संस्था प्रधान शारदा देवी का कहना है कि गत दो वर्षों में 10 बच्चों को उनके परिजनों ने प्राइवेट स्कूल से निकालकर हमारी स्कूल में भर्ती कराया है. अब हमारा फोकस नामांकन बढ़ाने और स्कूल को बगीचे के रूम में विकसित करना है.

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First published: September 5, 2019, 12:36 PM IST
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