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दहेज के खिलाफ पहल: बेटियां अनमोल होती हैं, शगुन में भेंट किए 31 लाख रुपए लौटाए

दहेज के खिलाफ पहल: बेटियां अनमोल होती हैं, शगुन में भेंट किए 31 लाख रुपए लौटाए

लड़की के पिता मोहन सिंह ने जब बतौर शगुन राशि 31 लाख रुपए भेंट किए तो समधी हनुमंत सिंह और दामाद बलबीर सिंह ने उसे ससम्मान वापस लौटा दिया.

लड़की के पिता मोहन सिंह ने जब बतौर शगुन राशि 31 लाख रुपए भेंट किए तो समधी हनुमंत सिंह और दामाद बलबीर सिंह ने उसे ससम्मान वापस लौटा दिया.

बेटियां (Daughters) अनमोल होती हैं. उन्हें रुपए से तोला नहीं जा सकता. एक बेटी दो घरों को संवारती है. पहले अपने पिता (Father) के घर को और बाद में अपने पति (Husband) के घर को. इसी विचारधारा पक्षधर सिरोही जिले के हनुमंत सिंह देवड़ा (Hanumantha Singh Deora) ने समाज के सामने एक अनुकरणीय मिसाल (Example) पेश की है.

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    सिरोही. बेटियां (Daughters) अनमोल होती हैं. उन्हें रुपयों से तोला नहीं जा सकता. एक बेटी दो घरों को संवारती है. पहले अपने पिता (Father) के घर को और बाद में अपने पति (Husband) के घर को. इसी विचारधारा पक्षधर सिरोही जिले के हनुमंत सिंह देवड़ा (Hanumantha Singh Deora) ने समाज के सामने एक अनुकरणीय मिसाल (Example) पेश की है. देवड़ा ने अपने पुत्र के सगाई समारोह में समधी (बेटी के पिता) की ओर से शगुन में दी गई 31 लाख रुपए  की राशि यह कहकर लौटा दी कि कन्या सुशील होनी चाहिए. उसे रुपयों में नहीं तोला नहीं जाना चाहिए. देवड़ा इसका पूरा श्रेय अपनी बेटी को सोनू को देते हैं. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी सिंह की इस पहल का स्वागत करते हुए सोशल मीडिया पर इसे शेयर किया है.

    सिरोही जिले के आमथला के हैं हनुमंत सिंह
    दरअसल आमतौर पर देखा जाता है कि यदि लक्ष्मी घर में आती है तो उसे कोई मना नहीं करता है, क्योंकि इसके बिना जीवन अधूरा नजर आता है. लेकिन कभी-कभी ऐसे वाकये भी हो जाते हैं जो न केवल चर्चा का विषय, बल्कि समाज में मिसाल भी बन जाते हैं. ऐसा ही एक वाकया हुआ है सिरोही जिले के आबूरोड इलाके में. यहां आबूरोड के आमथला निवासी हनुमंत सिंह अपने पुत्र की सगाई के समय शगुन के तौर पर दूल्हे को दी गई टीके की 31 लाख रुपए की राशि को वापस लौटकर समाज में उदाहरण पेश किया है.

    ससम्मान लौटा दी 31 लाख रुपए की राशि
    आबूरोड निवासी हनुमंत सिंह के पुत्र का सगाई समारोह हाल ही में उनके गांव आमथला में आयोजित किया गया था. उनके बेटे बलबीर सिंह की सगाई जैसलमेर के फलसूंड निवासी मोहन सिंह जोधा की बेटी के साथ हुई है. गत रविवार को सगाई समारोह में जब मोहन सिंह ने दामाद को बतौर शगुन राशि 31 लाख रुपए भेंट की तो समधी हनुमंत सिंह और दामाद बलबीर सिंह ने उसे ससम्मान वापस लौटा दिया.

    शगुन के तौर पर 1100 रुपए स्वीकार किए
    उसके बाद में शगुन के तौर पर महज 1100 रुपए स्वीकार किए. इसके पीछे दोनों पिता-पुत्र की एक ही राय थी कि कन्या सुशील होनी चाहिए. उसे रुपयों में नहीं तोला नहीं जाना चाहिए. सगाई समारोह में पिता-पुत्र की इस राय का वहां सभी मौजूद मेहमानों ने प्रशंसा करते हुए इसे समाज के लिए अनुकरणीय उदाहरण बताया.

    राहुल गांधी बोले ये कदम स्वागत योग्य है
    राहुल गांधी ने अपने फेसबुक एकाउंट पर इस मिसाल को शेयर करते हुए लिखा कि समाज की अनेक कुरीतियो में दहेज प्रथा आज भी दुखदायी बनी हुई है. इसका जितना भी विरोध हो वो कम है. राजस्थान के हनुमंत सिंह ने इस कुरीति को बंद करने की पहल अपने बेटे का दहेज लौटा कर किया है, उनका ये कदम स्वागत योग्य है.

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    Tags: Rajasthan news, Sirohi news

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