तहसीलदार ने जला डाले घूस के 20 लाख के नोट, ACB की टीम घर के बाहर खिड़की से देखती ही रह गई

एसीबी की टीम को देख घूसखोर तहसीलदार ने दरवाजा बंद कर लिया.

एसीबी की टीम को देख घूसखोर तहसीलदार ने दरवाजा बंद कर लिया.

एसीबी की टीम को देख घूसखोर तहसीलदार ने दरवाजा बंद कर लिया. काफी कोशिश के बावजूद दरवाजा नहीं खोला तो पुलिस ने कटर मंगवाया. कल्पेश और उसकी पत्नी ने घूस की रकम निकालकर रसोई में ले गए. नोटों के बंडल गैस के चूल्हे पर रखे और आग लगा दी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 25, 2021, 7:44 PM IST
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सिरोही. राजस्थान के सिरोही में एक घूसखोर तहसीलदार ने पकड़े जाने से बचने के लिए बीस लाख के नोट अपने घर के चूल्हे पर जला डाले. एसीबी की टीम घर के बाहर खिड़की से नोट जलाते देखती रही. आरोपी को नोट जलाने के लिए समझाती रही है लेकिन तहसीलदार नहीं माना. पत्नी की मदद से बीस लाख फूंक डाले. एसीबी ने घूसखोर तहसीलदार औऱ रेवन्यू इंसपेक्टर को गिरफ्तार कर लिया. एसीबी को करोड़ों के जमीन जायदाद के कागजात भी मिले. आंशका है कि आरोपी तहसीलदार ने बड़े पैमाने पर घूस से संपत्ति बनाई. एसीबी की टीम खिड़की खोलने की जद्दोजहद करती रही. तहसीलदार कल्पेश जैन को जलाने से नहीं रोक पाई. खिड़की के दूसरी तरफ से टीम जलते नोटों का वीडियो बनाती रही.

दरअसल कहानी शुरू होती है सिरोही के पिंडवाडा में सरकारी जमीन पर आंवले की छाल और तेंदू पत्तों के ठेकों से. ठेके के लिए तहसीलदार कल्पेश जैन ने ठेकेदार मूल सिंह से पांच लाख की घूस मांगी थी. ठेका खुली नीलामी में दिया जाना था. मूल सिंह से एक लाख एडवांस की मांग रेवन्यू इंसपेक्टर परबत सिंह ने की. मूलसिंह ने एसीबी में शिकायत की. पाली जिले की एसीबी टीम मूल सिंह के साथ पहुंची. जैसे ही मूलसिंह ने परबत सिंह को एक लाख की घूस की रकम दी और रंगे हाथों पकड़ लिया, लेकिन परबत सिंहब ने एसीबी को बता दिया कि घूंस तहसीलदार कल्पेश जैन के लिए ली थी तो एसीबी की टीम पिंडवाडा में तहसीलदार के घर पहुंची. टीम को देखकर कल्पेश समझ चुका था कि एसीबी की टीम छापा मारेगी तो पकड़ा जाएगा. घर में जमा घूस की रकम भी मौजूद थी. सबूत मिटाने के लिए बीस लाख के नोट जला डाले.

एसीबी की टीम को देख घूसखोर तहसीलदार ने दरवाजा बंद कर लिया. काफी कोशिश के बावजूद दरवाजा नहीं खोला तो पुलिस ने कटर मंगवाया. कटर से दरवाजा काटकर खोला जाने लगा तो कल्पेश और उसकी पत्नी ने घूस की रकम निकालकर रसोई में ले गए. नोटों के बंडल, गैस के चूल्हे पर रखे और आग लगा दी. एसीबी की टीम ने दरवाजा खोला तब तक अधिकतर नोटों के बंडल जल चुके थे. अधजले नोट बरामद किए. घर की तलाशी ली, करोड़ों की संपत्ति के दस्तावेज मिले. अब एसीबी बैंक लॉकरों की तलाशी लेगी. आंशका है कि तहसीलदार ने घूस से करोड़ों की संपत्ति बनाई. कलपेश जैन औऱ रेवन्यू इंसपेक्टर परबत सिंह को गिरफ्तार कर पाली में कोर्ट में पेश किया गया.

राजस्थान में बड़े पैमाने पर घूस का ये पहला मामला नहीं है. इससे पहले दौसा में दिल्ली-मुंबाई एक्सप्रेस हाईवे का काम करने वाली कंपनी से दौसा के तत्कालीन एसपी मनीष अग्रवाल, दो एसडीएम पिंकी मीणा और पुष्कर मित्तल ने घूस की बड़ी रकम ली. पुष्कर मित्तल को पांच लाख की घूस के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया था. पिंकी मीणा को दलाल के जरिये लेने के बाद,मनीष वसूली का मास्टमाइंड निकला. पिंकी मीणा की शादी भी घूस लने के बाद गिरफ्तारी के बाद एक जज से हुई. पिकी को शादी के लिए दस दिन की अंतरिम जमानत दी थी. फिहलाल तीनों जेल में हैं.
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