लाइव टीवी

श्रीगंगानगर में लगातार तापमान बढ़ने से कॉटन की फसल पहुंची बर्बादी के कगार पर

Bhawani Singh | News18 Rajasthan
Updated: June 8, 2019, 5:14 PM IST
श्रीगंगानगर में लगातार तापमान बढ़ने से कॉटन की फसल पहुंची बर्बादी के कगार पर
फोटो : न्यूज 18 राजस्थान ।

गर्मी के कहर के चलते आमजन तो परेशान है ही, लेकिन अब तो उसका असर फसलों पर भी नजर आने लगा है. तेज गर्मी व बढ़े हुए तापमान के चलते श्रीगंगानगर में कॉटन की फसल पर बर्बादी के कगार पर पहुंच चुकी है.

  • Share this:
गर्मी के कहर के चलते आमजन तो परेशान है ही, लेकिन अब तो उसका असर फसलों पर भी नजर आने लगा है. तेज गर्मी व बढ़े हुए तापमान के चलते श्रीगंगानगर में कॉटन की फसल पर सबसे ज्यादा नुकसान हो रहा है. राजस्थान में कॉटन की पैदावार श्रीगंगानगर जिले में सबसे अधिक होती है. वहीं किन्नू के बागों में भी गर्मी का असर दिखाई देने लगा है. ऐसे में किसान इस बार गर्मी के कहर से बर्बादी के कगार पर पहुंच चुके हैं.

घटता पानी, बढ़ती प्यास- प्रदेश के अधिकतर बांध सूखे, कुछ में ही बचा है सीमित पानी

दो बार सिंचाई की जरूरत पड़ रही है
भयंकर गर्मी व लू के प्रकोप से फसलों पर भी विपरीत असर पड़ रहा है. श्रीगंगानगर जिले में तापमान अधिक रहने से कॉटन की फसल पर संकट आ खड़ा हुआ है. गर्मी को देखते हुए किसानों को खेतों में सप्ताह में दो बार सिंचाई की जरूरत पड़ रही है. कुछ दिन पहले बुवाई की गई नरमा और ग्वार की फसल अपने प्रथम चरण में अंकुरित हो रही है, लेकिन जमीन बहुत ज्यादा गर्म होने से पौधों के अंकुरण पर विपरीत असर पड़ रहा है. दूसरी पूर्व में बुवाई की गई कॉटन को फसल गर्मी से जलने लगी है.

जोधपुर में दर्दनाक हादसा- आग से दो मासूम भाई-बहन जिंदा जले, तीन घर खाक हुए

बीटी कॉटन की 1.21 लाख हैक्टेयर में हुई बुवाई
श्रीगंगानगर जिले में इस बार बीटी कॉटन की फसल 1.21 लाख हैक्टेयर में बुवाई हो चुकी है. नरमा अब तक मात्र 9,434 तथा देसी कपास 2,302 हैक्टेयर में ही बोया गया है. इस साल कृषि विभाग ने अमरीकन कपास की बुवाई का लक्ष्य 25,000 हैक्टेयर और बीटी कॉटन का लक्ष्य 80,000 हैक्टेयर रखा था. बीटी कॉटन की लक्ष्य की तुलना में 33 प्रतिशत अधिक बुवाई की जा चुकी है.नई पहल की तैयारी- आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और साथिन बनेंगी रेप पीड़िताओं की मददगार

पौधे बढ़ने की बजाए जलने लगे
किसानों की मानें तो बुवाई के बाद लगातार तेज गर्मी व तापमान अधिक रहने से कॉटन की फसल पर संकट आ खड़ा हुआ है. हालांकि किसान कॉटन की फसल को बचाने के लिए ट्यूबवैल के पानी का भी सहारा ले रहे है, लेकिन गर्म हवाएं अधिक चलने से धरती आग उगल रही है और पौधे बढ़ने की बजाए जलने लगे हैं. खेतों में खड़ी हरे चारे की फसल को भी काफी नुकसान हो रहा है.

जयपुर के एसएमएस अस्पताल में लगी आग, ऑपरेशन थिएटर हुआ खाक, मरीजों में मची अफरा-तफरी

एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएंगी आपके पास, सब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी  WhatsApp अपडेट्स

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए श्रीगंगानगर से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: June 8, 2019, 5:03 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर