लोकसभा चुनाव-2019: श्रीगंगानगर में जबर्दस्त उबाल, मेघवाल के नाम पर बवाल

श्रीगंगानगर लोकसभा क्षेत्र में टिकट को लेकर अनुसूचित जाति वर्ग की राजनीति में उबाल आया हुआ है. अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित इस सीट पर 1977 के बाद से मेघवाल समाज का एकाधिकार रहा है.

Rakesh Mitwa | News18 Rajasthan
Updated: March 17, 2019, 1:14 PM IST
लोकसभा चुनाव-2019: श्रीगंगानगर में जबर्दस्त उबाल, मेघवाल के नाम पर बवाल
फाइल फोटो।
Rakesh Mitwa | News18 Rajasthan
Updated: March 17, 2019, 1:14 PM IST
लोकसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही जगह-जगह बगावत और खिलाफत की राजनीति हावी होने लग गई है. श्रीगंगानगर लोकसभा क्षेत्र में इसका साफ असर देखा जा सकता है. श्रीगंगानगर लोकसभा क्षेत्र में टिकट को लेकर अनुसूचित जाति वर्ग की राजनीति में उबाल आया हुआ है.

अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित इस सीट पर 1977 के बाद से मेघवाल समाज का एकाधिकार रहा है. लेकिन इस बार यहां इस मसले को लेकर एससी वर्ग की अन्य जातियां उद्वेलित हो रही हैं. मेघवाल समाज के अलावा एससी वर्ग की 58 जातियां लामबंद होनी शुरू हो गई हैं. इससे बीजेपी और कांग्रेस दोनों की परेशानियां बढ़ गई हैं. मेघवाल जाति के प्रत्याशी को टिकट देने का कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही पार्टियों में विरोध शु्रू हो गया है.

1977 के बाद से आज तक मेघवाल जाति के अलावा अन्य को नहीं मिला टिकट
आठ विधानसभा क्षेत्रों वाले इस लोकसभा क्षेत्र के कुल 19,35000 मतदाताओं में से मेघवाल समाज महज 6.5 प्रतिशत ही होने का दावा किया जा रहा है. अनुसूचित जाति की 59 जातियों के 36 प्रतिशत मतदाताओं में से 28 प्रतिशत मतदाता मेघवाल समाज के अलावा अन्य जातियों बताए जा रहे हैं. इसके बावजूद 1977 के बाद से आज तक मेघवाल जाति के अलावा अन्य किसी को टिकट नहीं मिली. इसी को लेकर एससी वर्ग की 58 जातियों में रोष पैदा हो रहा है.

अन्य को टिकट देने से दूर हो सकती है यह नाराजगी


कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रेम नायक का दावा है कि अगर पार्टी इस बार मेघवाल समाज के अलावा एससी वर्ग के अन्य प्रत्याशी को टिकट देती है तो पार्टी की जीत सुनिश्चित है. गत बार पार्टी करीब 3 लाख मतों से हारी थी. वजह एससी वर्ग की 58 जातियां काफी नाराज चल रही थी. मेघवाल समाज के अलावा अन्य को टिकट देने से यह नाराजगी दूर हो सकती है.

बीजेपी में हो रहा है इसका विरोध
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वहीं बीकानेर में अपने विरोध के चलते केंद्रीय राज्य मंत्री अर्जुन मेघवाल द्वारा श्री गंगानगर में संभावना तलाशने के लिए बार-बार क्षेत्र का दौरा करने को लेकर पूर्व मंत्री देवी सिंह भाटी ने यहां भी मेघवाल समाज के विरोध को लेकर बैठक डाली थी. इसमें अनूपगढ़ की पूर्व बीजेपी विधायक शिमला बावरी का शामिल होना श्रीगंगानगर में बीजेपी द्वारा मेघवाल समाज को टिकट देने के विरोध के रूप में देखा जा रहा है.

बावरी ने कहा फिर गलती दोहराई तो भुगतना पड़ेगा खामियाजा
पूर्व विधायक शिमला बावरी का कहना है कि बीजेपी ने मेघवाल समाज के अलावा कभी भी अन्य किसी को लोकसभा से टिकट नहीं दी, जिससे इस वर्ग की अन्य जातियों में रोष है. अगर पार्टी इस बार फिर से मेघवाल प्रत्याशी को ही गंगानगर से उतारती है तो उसे इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है.

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