कांग्रेस MLA पर स्पीकर को आया गुस्सा, बोले- चाहे आप मुझे हटा दें लेकिन मैं सदन ऐसे नहीं चलने दूंगा

मीडिया के सामने अपनी बात रखते विधायक रमेश मीना.

मीडिया के सामने अपनी बात रखते विधायक रमेश मीना.

राजस्थान विधानसभा (Rajasthan Legislative Assembly) में सीटिंग अरेंजमेंट को लेकर कांग्रेस विधायक (Congress MLA) स्पीकर से ही उलझ गये. इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने नाराजगी जाहिर की और कहा कि मुझे चाहें तो आप पद से हटा दें, लेकिन में सदन को तरीके से ही चलाऊंगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 10, 2021, 5:15 PM IST
  • Share this:
जयपुर. राजस्थान (Rajasthan) विधानसभा में कोरोना (Corona) से बचाव के लिए नये तरीके से तय किया गया सिटिंग अरेंजमेंट अब कई विधायकों (MLA) के लिए परेशानी का सबब बन गया है. विधानसभा में आज इस मुददे पर कांग्रेस विधायक रमेश मीना की स्पीकर से तीखी नोक झोंक हो गई. स्पीकर ने रमेश मीना के व्यवहार पर गहरी आपत्ति जताई और यहां तक कह दिया कि आपने मुझे चुना है. आप चाहें मुझे हटा दें, मुझे इस बात का कोई दुख नहीं है. लेकिन, मैं जब तक बैठा हूं तब तक हाउस ऐसे नहीं चलने दूंगा.

कांग्रेस विधायक रमेश मीना विधानसभा में नगरीय विकास विभाग से जुड़ा सवाल पूछ रहे थे. अपनी सीट पर माइक की व्यवस्था नहीं होने पर रमेश मीना विधानसभा अध्यक्ष से ही उलझ पड़े. कहा- सीट पर माइक की व्यवस्था नहीं है. इस पर स्पीकर बोले- पीछे वाली सीट पर लगा है आप वहां जाकर अपना सवाल पूछ सकते हैं. रमेश मीना और स्पीकर में इस मुद्दे पर तकरीबन 2 मिनट तक बहस चलती रही. स्पीकर बोले आप नहीं पूछना चाहते तो मत पूछिए. इस बीच दूसरे विधायक का नाम  पुकारा... लेकिन बहस नहीं थमी. इसके बाद रमेश मीना को स्पीकर ने प्रश्न पूछने की इजाजत नहीं दी.

राजस्थान बेरोजगारी भत्ता योजना 2021: जानिए कैसे करें आवेदन, क्या है पात्रता और किसे मिलेगा लाभ

सीपी जोशी बोले- आपके हिसाब से सदन में नहीं चलेगा. स्पीकर ने अपने विधायक को बैठाने के लिए मुख्य सचेतक को भी कहा. लेकिन, स्पीकर आसन पर खड़े हो गये और कहा- मुझे खेद है कि सदस्य सदन मैं नियम कायदों का पालन नहीं करते. कोविड के चलते सदन में बैठने की विशेष व्यवस्था की गई है. ये व्यवस्था मेरी ओर से नहीं पार्टी द्वारा की गई है. मैं हाउस में इसे टॉलरेट नहीं करूंगा. चाहे कोई नाराज क्यों ना हो. सरकार पक्ष की भी जिम्मेदारी बनती है कि वह भी नियम-कायदों का पालन करे.
जब तक बैठा हूं तब तक हाउस अच्छे से चलेगा

आपने मुझे चुना है आप मुझे हटा दें, इससे मुझे कोई दुख नहीं है, लेकिन मैं जब तक बैठा हूं तब तक हाउस ऐसे नहीं चलने दूंगा. सीट पार्टी का व्हिप तय करता है. पार्टी के व्हिप की यह जिम्मेदारी बनती है कि वह सभी को व्यवस्था के बारे में सूचित करें. कोविड के चलते विशेष व्यवस्था की गई है, जिसके चलते सभी सीटों पर माइक नहीं है. यह गलत इंप्रेशन दिया जा रहा है कि मैं बैठने की व्यवस्था करता हूं. सदन की कार्यवाही के दौरान सदस्य बोलते रहते हैं. मुझे सब पता चलता है कि कौन क्या बोल रहा है. मेहरबानी करके सदन की गरिमा को बनाए रखने का काम करें. मुझे कोई दुख नहीं होगा अगर आप मुझे स्पीकर पद से हटा दें. लेकिन, मैं सदन को इस तरीके से नहीं चलने दूंगा.

इस तीखी नोक झौंक के बाद रमेश मीना विधानसभा से बाहर निकले



विधायक रमेश मीना विधानसभा से तीखी नोकझोंक के बाद विधानसभा से बाहर निकले और मीडिया के सामने अपनी बात कही. उन्होंने कहा कि सीटिंग अरेंजमेंट में कमियां हैं. रमेश मीना यहीं नहीं रुके. यह भी कह गये कि उनके साथ नाइंसाफी हो रही है. आरोप लगाया कि पहली बार विधायक बने हैं तो उनकी सीटों पर सुविधाएं हैं. लेकिन, मेरी लाइन के मंत्रियों को भी माइक से वंचित रखा गया है.

हालांकि उन्होंने कहा कि स्पीकर सर्वेसर्वा हैं. उन्होंने नहीं बोलने दिया, तो कोई बात नहीं. मैं सरकार द्वारा  रियायत दरों पर आवंटित भूमि का सवाल पूछने वाला था. कई भूमाफिया हैं जो जमीनें आवंटन कराकर बैठे हैं. निर्माण तक नहीं कर रहे हैं,जबकि कई अस्पतालों ने जमीन आवंटित कराई लेकिन, सरकार की नियम शर्ताों का उल्लंघन किया. वहां गरीबों को लूटा जा रहा है. रमेश मीना के सवाल भले ही जायज थे.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज