जयपुर के इस शख्स ने सड़क पर कुत्तों के बीच केक काटकर मनाया जन्मदिन, 12 हजार कुत्तों को खिलाया खाना

जयपुर की सड़क पर कुत्तों के बीच केक काटकर अपना जन्मदिन मनाते वीरेन शर्मा.
जयपुर की सड़क पर कुत्तों के बीच केक काटकर अपना जन्मदिन मनाते वीरेन शर्मा.

जयपुर (Jaipur) में वीरेन शर्मा नाम के एक व्यक्ति ने अपना जन्मदिन (Birtday) शहर की सड़कों पर कुत्तों (Dogs) के साथ केक काटकर मनाया. शर्मा ने अपने जन्मदिन पर खाने के 12 हजार पैकेट कुत्तों को बंटवाया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 2, 2020, 9:48 PM IST
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जयपुर. आपने लोगों को बड़े-बेडे होटलों या फार्म हाउस में जन्मदिन मनाते देखा होगा, लोग अपने जन्मदिन को शानदार बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ते हैं, लेकिन आज हम आपको एक ऐसे जन्मदिन के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके बारे में सुनकर आप भी कहेंगे क्या बात है. यह जन्म दिन एक ऐसे आदमी का जन्म दिन है, जिसने अपना जन्मदिन बहुत अलग अंदाज में मनाया है और वो भी सड़क पर कुत्तो के बीच.

आज हम बात कर रहे हैं जयपुर के रहने वाले पशु प्रेमी वीरेन शर्मा की. दो दिन पहले उनका जन्मदिन था. वीरेन ने अपना जन्मदिन अपने परिवार और यार दोस्तों के बीच मनाने की बजाय जयपुर के सड़क पर घूमने वाले आवारा कुत्तों के बीच मनाया. वीरेन बड़ा सा केक लेकर शहर के कई इलाको में पहुंचे और उसे काटकर अपने हाथ से इन बेजुबान कुत्तों को खिलाया. यही नहीं इन सड़कों पर घूमने वाले कुत्तों के लिए खास तौर पर वीरेन ने खाना भी तैयार बनवाया. करीब 12 हजार से ज्यादा खाने के पैकेट तैयार करके बेजुबान कुत्तों खिलाया गया. इस तरह से वीरेन ने अपने जन्मदिन को यादगार बनाया.

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वीरेन का पशु प्रेम नया नहीं है
सड़क पर घूमने वाले कुत्तों के लिए जयपुर के वीरेन शर्मा का ये प्यार कोई नया नहीं है. लॉकडाउन में हर रोज करीब 600 खाने के पैकेट तैयार कर वीरेन इन आवारा कुत्तों की भूख मिटाने का काम किया है. यही नहीं शहर में विभिन्न स्थानों पर रहने वाले बंदरों को भी लॉकडाउन में रोज करीब 500 किलो से ज्यादा फल खिलाकर उनकी भूख मिटाने का काम भी वीरेन शर्मा ने किया है. वीरेन के कुत्तों के प्रति प्रेम का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि शहर में जब भी इनको कहीं सड़क पर नवजात कुत्ते के बच्चों को घूमने की जानकारी मिलती है, तो उनको संभालने पहुंच जाते हैं.वीरेन कुत्तों के बच्चों को अपने घर के पास लाते हैं और योग्य परिवारों से उनको पालने के लिए कहते हैं. वीरेन जैसे लोग समाज के उन लोगो के लिए नजीर हैं जो अक्सर बेजुबानों को पास आने पर भी दुत्कार कर भगा देते हैं.
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