टोंक: तालाब में नहा रहे तीन बच्चों में एक की डूबकर मौत, दो डरकर भागे, तीनों को डूबा समझ चला तीन घंटे रेस्क्यू

(टोंक: तालाब में नहा रहे तीन बच्चों में एक की डूबकर मौत सांकेतिक तस्वीर)

(टोंक: तालाब में नहा रहे तीन बच्चों में एक की डूबकर मौत सांकेतिक तस्वीर)

टोंक जिले के मालपुरा में तीन बच्चों के तालाब में डूबने की खबर से हड़कंप मच गया. इस घटना में पुलिस काफी देर तक परेशान होती रही. काफी कोशिश के बाद तालाब से एक बच्चे का शव बरामद किया गया. दो बच्चे अभी भी गायब थे. दरअसल वे साथी के डूबने के बाद डरकर भाग गए थे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: June 11, 2021, 10:59 PM IST
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टोंक. राजस्थान ( rajasthan ) के टोंक ( tonk) जिले के मालपुरा में तीन बच्चों के तालाब में डूबने की खबर से हड़कंप मच गया. इस घटना में पुलिस काफी देर तक परेशान होती रही. काफी कोशिश के बाद तालाब से एक बच्चे का शव बरामद किया गया. दो बच्चे अभी भी गायब थे. इन्हें घंटों वहां खोजा गया. बाद में पता चला कि दो अन्य बच्चे अपने साथी के तालाब में डूबने से डरकर बिना कपड़ों के वहां से भागकर कहीं और छुप गए थे. दो बच्चों के सही होने पर पुलिस के साथ स्थानीय लोगों ने भी राहत की सांस ली है.

दरअसल टोंक जिले के तिलांजू ग्राम पंचायत के देवल्यापट्टी गुजरान गांव के तीन बच्चे बलराम, सांवरमल और शिवकरण सुबह नहर की पाल पर दौड़ लगाने निकले थे. वह वहीं खेत में बने कच्चे फार्मपाण्ड में नहाने लगे. नहाते समय 13 वर्षीय बलराम मिट्टी में फिसल जाने से गहरे पानी में चला गया. वह वहां दलदल में फंस जाने के कारण पानी में डूब गया. साथी बालकों ने बलराम को बचाने की कोशिश की लेकिन नाकाम रहे. बलराम के पानी में डूबने के बाद वापस नहीं निकलने के बाद दोनों बालक घबरा गए. दोनों ही अपने कपड़े फार्मपाण्ड के किनारे ही छोड़ मोके से भागकर पास ही टोरडी गांव में एक दुकान के पास दुबक कर बैठ गए.

बच्चों के घर नहीं पहुंचने के कारण परिजनों ने तलाश शुरू की. इसी दौरान नहर के पास कपड़े और चप्पल देखकर लोगों पुलिस को सूचना दी. सूचना के बाद पुलिस उपाधीक्षक चक्रवर्ती सिंग राठौड़, एसडीएम राकेश कुमार मीणा, बीडीओ सतपाल कुमावत, थाना प्रभारी गोपाल सिंह नाथावत घटना स्थल पहुंचे. एक घंटे की तलाशी के बाद पानी में डूबे बालक बलराम को बाहर निकालकर मालपुरा अस्पताल में लाया गया. जहां उसे मृत घोषित कर दिया. ग्रामीणों के दो और बच्चों के होने और उनके कपड़े वहीं पड़े होने पर उनके भी डूबने का अंदेशा जताया गया. इसके बाद आधा दर्जन पम्प सेट लगा पोंड का पानी निकाला गया. तीन घंटे से ज्यादा समय तक तलाशी के दौरान किसी ग्रामीण ने जरिये फोन पर दोनों बच्चों के टोरडी स्टेण्ड पर बिना कपडों बैठे होने की जानकारी देने पर प्रशासन और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली. दोनों बालकों की पहचान कर पूछताछ की तो घबराए बालकों ने सारा घटनाक्रम बताया. दिन भर जिले भर में पौंड में डूबने से तीन बालकों की मौत की चर्चाएं जोरों पर रहीं.

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