Tonk News: स्कूल के कबाड़ में नाग-नागिन का जोड़ा, पकड़ने के लिये प्रबंधन ने बुलाई जेसीबी

विद्यालय प्रबंधन नाग-नागिन की खोज के लिये आगे क्या तरीके अपनाता है यह कहना मुश्किल है. लेकिन वह अगर अब भी नहीं मिला तो पुराने किस्से कहानियों की तरह यहां सपेरों को भी बुलाया जा सकता है.

विद्यालय प्रबंधन नाग-नागिन की खोज के लिये आगे क्या तरीके अपनाता है यह कहना मुश्किल है. लेकिन वह अगर अब भी नहीं मिला तो पुराने किस्से कहानियों की तरह यहां सपेरों को भी बुलाया जा सकता है.

Pair of Snakes in School: टोंक जिला मुख्यालय स्थित गर्ल्स स्कूल में नाग-नागिन का जोड़ा देखा गया है. इसने स्कूल प्रबंधन की जान सांसत में डाल दी है. इसे खोजने के लिए स्कूल प्रबंधन (School management) ने जेसीबी को बुलाया है.

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टोंक. सांप चाहे किसी भी प्रजाति का हो उसका खौफ हर इंसान के मन में रहता है. ऐसे में अगर किसी को नाग-नागिन (Naag-Naagin) का जोड़ा दिख जाए तो जान सूखना स्वाभाविक है. कुछ ऐसा ही हुआ है टोंक जिला मुख्यालय पर. यहां एक स्कूल में दशकों से भरे कबाड़ में जब नाग-नागिन का जोड़ा दिखाई दिया तो शिक्षकों की सांसें अटक गईं. अब इस कबाड़ में नाग-नागिन को खोजने के लिए जेसीबी बुलाई गई है, लेकिन नाग-नागिन के जोड़े का अभी तक पता नहीं चल पाया है.

जानकारी के अनुसार, मामला टोंक जिला मुख्यालय पर स्थित ऐतिहासिक बग्घी खाने के भवन में चलने वाले राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय से जुड़ा है. स्कूल के एक कक्ष में करीब चार दशक से कबाड़ भरा हुआ है. शिक्षकों की मानें तो इसमें नाग-नागिन का जोड़ा है. नाग-नागिन का जोड़ा यहां पिछले कुछ दिनों से लगातार नजर आ रहा है. यह जोड़ा कभी भी स्टाफ और छात्राओं के लिये खतरा साबित हो सकता है.

सिविल डिफेंस और सेव द स्नैक टीम सर्च ऑपरेशन चला चुकी है

लिहाजा पहले नाग-नागिन के इस जोड़े को पकड़ने के लिये गत दिनों यहां दो बार सिविल डिफेंस और सेव द स्नैक टीम ने सर्च ऑपरेशन चलाया था. लेकिन, कबाड़ में नाग-नागिन की खोज करना उनके लिए टेढ़ी खीर साबित हुआ और वह नहीं मिला. इस पर अब जेसीबी को बुलाया गया है. अब इसके जरिये इस कबाड़ में नाग-नागिन के जोड़े की तलाश की जा रही है.
नाग-नागिन का जोड़ा न मिलने से सब हैरान

खास बात यह कि पहले चलाए गए दो दिनों के सर्च ऑपरेशन के बाद नाग-नागिन का जोड़ा नजर नहीं आया है. इससे स्कूल प्रबंधन हैरान है, क्योंकि न तो उसे पकड़ा जा सका है और न ही वह अब नजर आ रहा है. उनका मानना है कि यह जोड़ा अभी भी कबाड़ में या फिर कहीं कक्ष की जर्जर दीवारों या फर्श में छिपा हुआ है. विद्यालय प्रबंधन नाग-नागिन की खोज के लिए आगे क्या तरीके अपनाता है यह कहना मुश्किल है. अगर अब भी नहीं मिला तो पुराने किस्से कहानियों की तरह यहां सपेरों को भी बुलाया जा सकता है.
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