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उदयपुर की यह संस्था कर रही सेवा कार्य, अब तक 294 लावारिस शवों का किया अंतिम संस्कार

बैकुंठ धाम सेवा संस्था नाम की यह संस्था अब तक सैकड़ों शवों का अंतिम संस्कार कर चुकी है. यही नहीं, अंतिम संस्कार के बाद ...अधिक पढ़ें

    निशा राठौड़

    उदयपुर. राजस्थान के उदयपुर की एक संस्था पिछले कई वर्षों से लावारिस और अज्ञात शवों का अंतिम संस्कार कर रही है. बैकुंठ धाम सेवा संस्था नाम की यह संस्था अब तक सैकड़ों शवों का अंतिम संस्कार कर चुकी है. यही नहीं, अंतिम संस्कार के बाद अस्थियों को हरिद्वार ले जाकर उन्हें गंगा में प्रवाहित भी किया जाता है ताकि दिवंगत आत्मा को मोक्ष की प्राप्ति हो सके. संस्थान की ओर वैसे लावारिस शवों का अंतिम संस्कार किया जाता है जिनकी शिनाख्त नहीं हो पाती है.

    7 सदस्यों की टीम कर रही कार्य

    सेवा संस्था के सात सदस्यों की टीम लगातार यह कार्य कर रही है. इनका मुख्य उद्देश्य केवल सेवा करना है. इन लोगों ने कोरोनो से मृत पॉजिटिव मरीजों के शवों का दाह संस्कार भी किया था जिन्हें उनके परिवारवालों ने ले जाने से मना कर दिया था. इस टीम में संस्थापक मांगीलाल सुथार, हीरा लाल साहू, कन्हैयालाल जिंगर, पंकज कनेरिया, प्रथमेश सिंह चौहान, दिनेश जिंगर और भेरूलाल सुथार शामिल हैं.

    2018 से अभी तक सैकड़ों शवों का अंतिम संस्कार

    बैकुंठ धाम सेवा संस्था के मांगीलाल सुथार और हीरालाल साहू लंबे समय से यह सेवा कार्य कर रहे हैं, लेकिन इसकी विधिवत शुरुआत अक्टूबर 2018 में की गई थी. तब से लेकर अभी तक लगभग 294 शवों का अंतिम संस्कार किया गया है. इसमें 221 पुरुषों, 28 महिलाएं और 45 बच्चे शामिल हैं. इसके अलावा, संस्था की ओर से कोरोना पॉजिटिव 16 शवों का भी अंतिम संस्कार किया गया. इनके शव को इनके परिवारवालों ने ले जाने से मना कर दिया था.

    संस्था की तरफ से लावारिस शवों का हिंदू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार किया जाता है. सेवा संस्थान के सचिव प्रथमेश सिंह चौहान ने बताया कि वो लोग न सिर्फ दाह संस्कार करते हैं बल्कि उनकी अस्थियों को  भी हरिद्वार में गंगा में प्रवाहित किया जाता है. हाल ही में श्राद्ध पक्ष की अमावस्या को गंगा में अस्थियों का विसर्जन किया गया था.

    Tags: Cremated Body, Rajasthan news in hindi, Udaipur news

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