उदयपुर: सोशल मीडिया पर तेज हुई महाराणा प्रताप के सम्मान के लिये लड़ाई, निशाने पर रहे गुलाबचंद कटारिया

लोगों ने इतने संदेश पोस्ट किए कि ट्विटर पर एक बार #बॉयकॉट गुलाबचंद कटारिया ट्रेंडिंग में भी चल पड़ा.

लोगों ने इतने संदेश पोस्ट किए कि ट्विटर पर एक बार #बॉयकॉट गुलाबचंद कटारिया ट्रेंडिंग में भी चल पड़ा.

Gulabchand Kataria's controversial statement on Maharana Pratap : महाराणा प्रताप को लेकर नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया की ओर से दिये गये विवादास्पद बयान के बाद गुरुवार को उनके खिलाफ सोशल मीडिया में विरोध प्रदर्शन किया गया. इससे यह ट्वीटर पर ट्रेंड करने लग गया.

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उदयपुर. राजस्थान के नेता प्रतिपक्ष एवं उदयपुर शहर विधानसभा से विधायक गुलाबचंद कटारिया (Gulabchand Kataria) की ओर से पिछले दिनों वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप (Maharana Pratap) को लेकर दिये गये विवादित बयान के बाद उनका विरोध (Protest) थमने का नाम नहीं ले रहा है. गुलाबचंद कटारिया ने राजसमंद विधानसभा चुनाव के दौरान राष्ट्र गौरव महाराणा प्रताप के लिए जिन शब्दों का चयन किया था, उसके चलते हैं सर्व समाज ने गुरुवार को सोशल मीडिया (Social media) पर विरोध प्रदर्शन किया. सोशल मीडिया पर #बॉयकॉट गुलाबचंद कटारिया हैशटैग के साथ संदेश पोस्ट किए गए. इससे फेसबुक और ट्विटर पर इन संदेशों की बाढ़ आ गई.

गुलाबचंद कटारिया के बयान के बाद सर्व समाज की ओर से 22 अप्रैल को विशाल प्रदर्शन प्रस्तावित था. लेकिन कर्फ्यू के चलते इस विरोध प्रदर्शन को सोशल मीडिया के मार्फत करना निर्धारित किया. #बॉयकॉट गुलाबचंद कटारिया के साथ लोगों ने गुलाबचंद कटारिया को अमर्यादित भाषा बोलने के लिए टारगेट किया. लोगों ने इतने संदेश पोस्ट किए कि ट्विटर पर एक बार #बॉयकॉट गुलाबचंद कटारिया ट्रेंडिंग में भी चल पड़ा.

कटारिया समर्थक बीजेपी के कार्यकर्ता भी कूद पड़े

सोशल मीडिया पर चल रही इस लड़ाई में कटारिया समर्थक बीजेपी के कार्यकर्ता भी कूद पड़े. उन्होंने भी इस विरोध प्रदर्शन के जवाब में #वी सपोर्ट जीसी कटारिया के साथ संदेश को पोस्ट किये. बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने गुलाबचंद कटारिया की ओर से महाराणा प्रताप से जुड़े कार्यों की डिटेल भी डाली गई. बीजेपी कार्यकर्ताओं ने अपने संदेश में बताया कि गुलाबचंद कटारिया ने अपने राजनीतिक कार्यकाल में महाराणा प्रताप से जुड़े स्थलों का विकास करवाने समेत एयरपोर्ट का नाम महाराणा प्रताप के नाम पर रखवाने सहित सैकड़ों कार्य कराएं हैं. उनके शब्दों का चयन गलत हो सकता है लेकिन उनकी भावनाएं महाराणा प्रताप के प्रति बिल्कुल सही थी. उल्लेखनीय है कि कटारिया के बयान के बाद लगातार उनका विरोध किया जा रहा है। हालांकि कटारिया अपने बयान के लिये दो बार माफी मांग चुके हैं, लेकिन लोगों का गुस्सा कम होने का नाम नहीं ले रहा है.
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