BJP का दावा- डूंगरपुर और उदयपुर में आदिवासियों को बीटीपी नेताओं ने हिंसा के लिए भड़काया

डूंगरपुर और उदयपुर में हुए उपद्र को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करते बीजेपी नेता.
डूंगरपुर और उदयपुर में हुए उपद्र को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करते बीजेपी नेता.

डूंगरपुर और उदयपुर (Udaipur) में हुए उपद्रव के पीछे भाजपा (BJP) ने नक्सली कनेक्शन का दावा किया है. बीजेपी ने कहा कि पीड़ितों से मिलने के बाद उनको नक्सली (Naxalite) कनेक्शन का पता चला है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 29, 2020, 4:52 PM IST
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उदयपुर. डूंगरपुर और उदयपुर (Udaipur) में हुए उपद्रव के पीछे भाजपा (BJP) ने नक्सली कनेक्शन का दावा किया है. भाजपा द्वारा हिंसा प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने के लिये बनाई गई तीन सदस्यीय कमेटी ने आज उदयपुर में पत्रकार वार्ता में इस बात का दावा किया है. सोमवार को समिति ने प्रशासनिक और पुलिस (Police) अधिकारियों के अलावा प्रभावित लोगों से भी मुलाकात की और सामने आये तथ्यों के आधार पर बीटीपी नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए.

भाजपा नेता मदन दिलावर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के नक्सलियों से ट्रेनिंग लेकर आने वाले लोग स्थानीय भोले-भाले आदिवासियों को भड़काने का काम कर रहे हैं. दिलावर ने बीटीपी प्रदेशाध्यक्ष वेलाराम घोघरा, विधायक राजकुमार रोत, बीटीपी नेता कांतिलाल रोत और डीएस पालीवाल पर नक्सली क्षेत्रों से मुलाकात करने और उन्हें राजस्थान लाकर चिंतन बैठकों के नाम पर लोगों की मानसिकता बदलने के आरोप लगाये. मदन दिलावर ने इस आंदोलन में मुख्य रूप से धार्मातरण कर ईसाई बनने वाले लोग और देश के प्रति आस्था नहीं रखने वाले मुस्लिम समुदाय के लोगों को जिम्मेदार बताया.

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यहीं नहीं दिलावर ने बताया कि स्थानीय लोगों ने आईपीएस और आरएएस अधिकारियों के नाम लेकर भी आरोप लगाये हैं. दिलावर ने आईपीएस कालूराम रावत, आरएएस महावीर खराडी का नाम लेकर ऐसे आन्दोलनों के लिये फंड जमा कराने के आरोप लगाये. भाजपा ने कांग्रेस सरकार पर भी निशान साधा. दिलावर ने कहा कि हाल ही में बीटीपी विधायकों ने सरकार को बचाया हैं, और शायद यहीं वजह हैं कि सरकार ने आन्दोलन को रोकने के लिये किसी तरह की सख्ती नहीं बरती हैं. मदन दिलावर ने बीटीपी के लोगों की कॉल डिटेल और सम्पत्ति की जांच विशेष एजेंसी से कराने की मांग की हैं, जिससे राजस्थान के आदिवासी अंचल में पनप रही अराष्ट्रीय गतिविधियों को रोकने में सफलता मिल सके.
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