उदयपुर की जेलों में अब महिला प्रहरी भी रहेंगी तैनात, मुख्यालय ने जारी किए आदेश

नए आदेश के अनुसार  महिला प्रहरियों को रात 8:00 बजे से सुबह 4:00 बजे तक जेल के अंदर ड्यूटी पर तैनात किया जाएगा.

नए आदेश के अनुसार महिला प्रहरियों को रात 8:00 बजे से सुबह 4:00 बजे तक जेल के अंदर ड्यूटी पर तैनात किया जाएगा.

जेल मुख्यालय के नए आदेश के अनुसार जेलों में महिला प्रहरियों को रात आठ बजे से सुबह चार बजे तक जेल के अंदर ड्यूटी पर तैनात किया जाएगा

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उदयपुर. राजस्थान (Rajasthan) के उदयपुर (Udaipur) में जेल (Jail) में अब महिला प्रहरी (Female Guard) सुरक्षा की कमान संभालेगी. इस बदलाव के संबंध में हाल ही में जेल मुख्यालय (Jail Headquarters) ने निर्देश जारी किए हैं. महिला सुरक्षा प्रहरियों को रात्रि ड्यूटी (Night Duty) दी जाएगी. केंद्रीय कारागृह उदयपुर (Central Jail Udaipur) में यह व्यवस्था 10 फरवरी के बाद लागू होगी. केंद्रीय कारागृह उदयपुर के जेल अधीक्षक सुरेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि उदयपुर में फिलहाल 12 महिला सुरक्षा प्रहरी हैं. जल्दी ही रिक्त पदों पर नियुक्ति होने के बाद जेलों की सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव किया जाएगा.

रात 8 बजे से सुबह 4 बजे तक की ड्यूटी दी जाएगी

जेल मुख्यालय के नए आदेश के अनुसार इन महिला प्रहरियों को रात आठ बजे से सुबह चार बजे तक जेल के अंदर ड्यूटी पर तैनात किया जाएगा. महिला प्रहरियों के जेल से बाहर निकलने के बाद बंदियों को बाहर निकालने के लिए बैरक खोले जाएंगे. रात में यहां एक क्यूआरटी टीम जेल गेट पर तैनात रहेगी. टीम में इंचार्ज सहित चार पुरुष प्रहरी और एक महिला प्रहरी की ड्यूटी रहेगी. उदयपुर के केंद्रीय कारागृह में आगामी 10 फरवरी बाद से यह बदलाव किए जाएंगे.

नए आदेश में ये निर्देश दिए गए 
प्रदेश में जेल विभाग में प्रहरियों के 2907 पद स्वीकृत हैं, जबकि फिलहाल नियुक्ति 2457 की है. अधिकतर महिला जेल प्रहरियों की नियुक्तियां केंद्रीय कारागृहों में हुई हैं. इससे केंद्रीय कारागृहों में महिला प्रहरियों के 33 फीसदी या उससे ज्यादा तक भर चुके हैं. नए आदेश में कहा गया है कि महिला प्रहरियों की ड्यूटी के दौरान एक बार एक जेल अधिकारी गश्त निर्धारित करे. गेट पर तैनात मुख्य प्रहरी समय-समय पर क्यूआटी टीम के साथ कारागृह के वार्डों की गश्त करेगा. बंदियों में झगड़ा होने या किसी बंदी के बीमार होने की स्थिति में क्यूआरटी टीम जेल के अंदर जाएगी और आवश्यक कार्रवाई करेगी. साथ ही प्रहरियों की संख्या कम होने पर ड्यूटी का रोटेशन बदला जाए.

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