चीन-नेपाल ही नहीं भारत के इन राज्यों के बीच भी है सीमा विवाद, जमीन की खातिर हो चुकी है झड़प!
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चीन-नेपाल ही नहीं भारत के इन राज्यों के बीच भी है सीमा विवाद, जमीन की खातिर हो चुकी है झड़प!
राजस्थान और गुजरात के किसानों में जमीन विवाद को लेकर झड़प हो चुकी है.

राजस्थान-गुजरात (Rajasthan-Gujarat) के बीच तकरीबन 64 वर्षों से 200 बीघे जमीन को लेकर विवाद चला आ रहा है.

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उदयपुर. इन दिनों सीमा विवाद पर विशेष चर्चा है. भारत-चीन (India-China) का सीमा विवाद हो या भारत-नेपाल (Indo-Nepal) का, सीमाई इलाकों पर हक को लेकर बहस छिड़ी हुई है. अब भारत में राष्ट्रीय सीमा विवाद के बीच राज्यों की सीमा विवाद को भी सुलझाने की पहल की जा रही है. करीब 64 साल पुराने राजस्थान-गुजरात सीमा विवाद को सुलझाने की कवायद अब तेज हो गई है. उदयपुर के मांडवा थाना इलाके के झांझर गांव की क्यारी फला में करीब 200 बीघा जमीन को लेकर विवाद है. इस जमीन पर दोनों ही राज्यों के किसान दावा करते आ रहे हैं.

यह 200 बीघा जमीन उदयपुर के मांडवा के किसान अपनी बताते हैं, तो गुजरात के साबरकांठा जिले की पोसीना तहसील के कालिकाकर पंचायत के गवरी फला गांव के किसान इसे अपना बता रहे हैं. इसे लेकर वर्ष 1955 से विवाद चल रहा है. करीब 64 साल से चल रहा यह विवाद सिर्फ किसानों के बीच का नहीं है, बल्कि राजस्थान और गुजरात राज्यों के बीच भी है क्योंकि यह 200 बीघा जमीन दोनों तरफ के राजस्व खाते में दर्ज है.

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विवाद का इनपर प्रभाव
आदिवासी बाहुल्य इलाके में पहले भी प्रशासनिक अधिकारियों ने सीमा विवाद को सुलझाया है, लेकिन यह विवाद जस का तस बना हुआ है. दरअसल, यह मामला ओवरलैपिंग का है, जिससे 22 काश्तकार प्रभावित हो रहे हैं. यह जमीन राजस्थान और गुजरात दोनों ओर के किसानों के नाम चढ़ी हुई है. इन छह दशकों में कई अधिकारी बदल गए, लेकिन मसला हल नहीं सका. इस बीच वर्ष 2014 में गुजरात के किसानों ने इस जमीन पर बुवाई करने की कोशिश की थी, लेकिन राजस्थान की ओर से इन्हें भगाने की कोशिश की और फिर दोनों ओर के किसानों में झड़प हुई और उन्होंने एक दूसरे पर हमला बोल दिया.

अब सुलझाने की कोशिश
इस बार राजस्थान गुजरात सीमा पर चल रहे इस भूमि विवाद को सुलझाने के सकारात्मक प्रयास करने की बात की जा रही है. 22 जून से 30 जून तक राजस्व विभाग, सेटलमेंट विभाग और वन विभाग के राजस्थान और गुजरात के अधिकारी संयुक्त रूप से सर्वे करेंगे और इस सर्वे में सकारात्मक रास्ता निकालने की कोशिश करेंगे. कोटडा के एसडीएम मंगलाराम पुनिया ने बताया कि दोनों और के अधिकारी आपसी समझाइश से इसका रास्ता निकालना चाहते हैं और इसी को लेकर उदयपुर और साबरकांठा के जिला कलेक्टर त्वरित रूप से कार्य को शुरू करवा रहे हैं.
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