राजस्थान: सियासी घमासान के बीच नहीं मनाया जाएगा 'कांग्रेस' का जन्मदिन, जानें क्या है पूरा मामला
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राजस्थान: सियासी घमासान के बीच नहीं मनाया जाएगा 'कांग्रेस' का जन्मदिन, जानें क्या है पूरा मामला
विनोद जैन द्वारा अपने पुत्र का नाम कांग्रेस रखने पर कई लोगों की नाराजगी भी झेलनी पड़ी. (सांकेतिक फोटो)

उदयपुर (Udaipur) के एक कांग्रेसी कार्यकर्ता विनोद जैन ने एक वर्ष पहले 18 जुलाई 2019 को अपने यहं जन्मे पुत्र का नाम कांग्रेस जैन रख दिया था. कांग्रेस जैन नाम पर विनोद जैन को परिवार का भी सहयोग नहीं मिला और उनकी पत्नी और बेटी ने भी इसका विरोध किया था.

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उदयपुर. राजस्थान कांग्रेस (Rajasthan Congress) में सियासी घमासान मचा हुआ है. सरकार ने अपने ही विधायकों पर खरीद फरोख्त के गंभीर आरोप लगाए हैं. वहीं, कांग्रेस के ही दो धड़े अलग-अलग होटलों में बाड़ेबंदी में हैं. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उपमुख्यमंत्री व प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सचिन पायलट (Sachin Pilot) के बीच हुई तनातनी भी अब सड़क पर आ गई है. अब दोनों धड़े एक- दूसरे के खिलाफ जमकर बयानबाजी भी करने लगे हैं. इस सियासी घमासान के बीच आपको यह जानकर खुशी होगी कि अब 'कांग्रेस' भी अब एक साल का हो गया है. 'कांग्रेस' के एक वर्ष के होने पर जन्मदिन (Birthday) नहीं मनाया जा रहा, क्योंकि कोरोना संक्रमण का दौर है. साथ ही कांग्रेस पार्टी में भी स्थिति सामान्य नहीं हैं.

दरअसल, उदयपुर के एक कांग्रेसी कार्यकर्ता विनोद जैन ने एक वर्ष पहले 18 जुलाई 2019 को अपने यहं जन्मे पुत्र का नाम कांग्रेस जैन रख दिया था. कांग्रेस जैन नाम पर विनोद जैन को परिवार का भी सहयोग नहीं मिला और उनकी पत्नी और बेटी ने भी इसका विरोध किया था. हालांकि, कांग्रेस पार्टी के प्रति अटूट आस्था रखने वाले विनोद जैन की मंशा को कोई डिगा नहीं सका और उन्होंने 20 जनवरी 2020 को कांग्रेस जैन के नाम से अपने पुत्र का जन्म प्रमाण पत्र भी जारी करवा दिया. इससे यह पुख्ता हो गया कि अब इस बच्चे को कांग्रेस जैन के नाम से ही पहचाना जायेगा. विनोद जैन कांग्रेस के कार्यकर्ता हैं और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के प्रति वफादार होने के साथ ही उनकी आईटी टीम का भी हिस्सा हैं.

अपने पुत्र का नाम कांग्रेस रखने पर कई लोगों की नाराजगी भी झेलनी पड़ी
विनोद जैन द्वारा अपने पुत्र का नाम कांग्रेस रखने पर कई लोगों की नाराजगी भी झेलनी पड़ी. दरअसल, लोगों का कहना था कि पार्टी के प्रति आस्था अलग विषय है. वहीं, पुत्र के भविष्य को लेकर इस तरह की नासमजी ठीक नहीं है. हालांकि, विनोद जैन ने पार्टी के प्रति आस्था रखते हुए पुत्र का नाम कांग्रेस रखा और दावा किया कि यहीं नाम इस बच्चे को कांग्रेस का भविष्य बनायेगा. विनोद जैन की पत्नी वंदना जैन और उनकी पुत्रियां भी इस निर्णय से खुश नहीं थीं. उन्हें भी लगा था कि राजनैतिक पार्टी के नाम के अनुसार अपने बेटे का नाम रखकर उसके लिये भविष्य में परेशानी खड़ी हो सकती है. विनोद की पत्नी वंदना जैन ने शुरूआत में काफी नाराजगी भी जाहिर की थी लेकिन अब वे भी अपने पुत्र को कांग्रेस नाम से ही पुकारती हैं. हालांकि, शुरुआती दौर में यह नाम मजाकिया तौर पर भी लिया गया लेकिन विनोद जैन की पार्टी के प्रति आस्था ने किसी की परवाह नहीं की और वह कांग्रेस नाम रखने पर ही अड़े रहे.
निष्ठावान कार्यकर्ता के रूप में कांग्रेस की सेवा करेगा


कांग्रेस की वरिष्ठ और युवा पीढ़ी में बीच चल रहे इस घमासान के बीच विनोद जैन की यह सोच थी की उनके पुत्र को 18 वर्ष बाद ही पार्टी में अच्छी जगह मिलेगी और वो भी निष्ठावान कार्यकर्ता के रूप में कांग्रेस की सेवा करेगा. हालांकि, कांग्रेस जैन अब कौनसी पार्टी की विचारधारा को अपनाता है यह तो भविष्य के गर्भ में छिपा है. लेकिन विनोद जैन को यह पूरा विश्वास है कि वह कांग्रेस का ही वह पक्का सिपाही बनेगा.
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