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Stay Alert: जानिये कोरोना काल में किस तरह साइबर ठग बना रहे हैं आम आदमी को अपना शिकार

Stay Alert: जानिये कोरोना काल में किस तरह साइबर ठग बना रहे हैं आम आदमी को अपना शिकार

कोरोना वैक्सीनेशन और इसके प्रमाण-पत्र से जुड़ी जानिकारियां सोशल मीडिया में शेयर करने में सावधानी बरतें (सांकेतिक तस्वीर)

कोरोना वैक्सीनेशन और इसके प्रमाण-पत्र से जुड़ी जानिकारियां सोशल मीडिया में शेयर करने में सावधानी बरतें (सांकेतिक तस्वीर)

Cyber fraud in the Corona era: कोरोना काल में साइबर ठग पूरी तरह से सक्रिय हो रहे हैं. वे सोशल मीडिया (Social Media) में शेयर की गई कोरोना से जुड़ी जानकारियां यथा वैक्सीनेशन आदि के जरिये लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं. पुलिस ने आम आदमी से सतर्कता बरतने की अपील की है.

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उदयपुर. कोरोना काल में वैक्सीनेशन (Vaccination) के लिए स्लॉट बुक कराना, दवाई की व्यवस्था और बेड का अरेंजमेंट करना इन दिनों लोगों के लिए मुश्किल भरा हो रहा है. लेकिन इन सबके बीच साइबर ठग (Cyber thugs) इसे ठगी का जरिया बना रहे हैं. उदयपुर (Udaypur) में ऐसे ही कई मामले सामने आये हैं. हालांकि उदयपुर की सवीना थाना पुलिस की सक्रियता से ठगों के खाते सीज करवाकर पुलिस ने उसमें से 1 लाख 22हजार 500 रुपये रिकवर कर लिए हैं. साथ ही पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे सतर्क रहें.

पुलिस अधीक्षक राजीव पचार में बताया कि सवीना थाने पर कोविड-19 वैक्सीनेशन रजिस्ट्रेशन सहित अन्य कार्यों से जुड़ी ऑनलाइन ठगी की शिकायतें मिल रही थी. ऐसे में थानाधिकारी रविन्द्र चारण की टीम ने बैंकों से तत्काल संपर्क कर ठगों के खाते फ्रीज करवा दिए. खाते फ्रीज करवाने के बाद रुपए रिकवर किए गए और पीड़ितों को उनकी ठगी गई राशि वापस दिलाई गई. इस कार्य में हेड कांस्टेबल सुनील बिश्नोई और कांस्टेबल राजकुमार जाखड़ की भूमिका महत्वपूर्ण रही.



देखें किस तरह से की जा रही है ठगी
अर्जुन ओड ने कोरोना टीका लगवाने का रजिस्ट्रेशन प्रमाण-पत्र फेसबुक पर लगाया था. फेसबुक देखकर ठग सक्रिय हो गए. ठग ने प्रार्थी को फोन किया और स्वास्थ्य विभाग का कर्मचारी बनकर बात की. उसने अर्जुन से रजिस्ट्रेशन पूर्ण नहीं होने की बात कही. रजिस्ट्रेशन करने के बहाने ठग अर्जुन ओड को फर्जी एप पर ले गया और वहां एक फॉर्म भरवाया. इस दौरान ओटीपी प्राप्त कर प्रक्रिया की और प्रार्थी के खाते से 3000 रुपये ठग लिए.
लालाराम ने सोशल मीडिया पर कोरोना वैक्सीन लग जाने की जानकारी पोस्ट की थी. यहां से ठग ने प्रार्थी की सारी जानकारी ली. इसके बाद ठग ने प्रार्थी को कॉल किया और सिम बंद हो जाने का कहकर सिम को आधार कार्ड से लिंक करवाने के लिए कहा. इस बहाने ठग ने प्रार्थी को गूगल ओपन कर उसमें बीएसएनल ऑनलाइन रिचार्ज सर्च करने को कहा. प्रार्थी ने सर्च किया और अपनी डिटेल उसमें भर दी. वह एक फर्जी वेबसाइट थी. प्रार्थी की डिटेल ठग के पास पहुंच गयी और उसके अकाउंट से चार बार में 30000, 20000, 8000 और 13000 रुपए निकाल लिए गए. इस केस में पुलिस ने 49500 रुपए रिकवर कर लिए हैं.
उदयपुर के सेक्टर 12 निवासी गोपाललाल ने आधार फाइनेंस से लोन लिया हुआ है. उनके पास कॉल आया और बताया गया कि आपकी पिछले महीने की किस्त जमा नहीं हुई है. प्रार्थी ने कहा किस्त जमा करा दी है. इस पर ठग ने प्रार्थी को कहा कि मैं चैक कर लेता हूं, आपकी किस्त जमा क्यों नहीं हुई. इस दौरान ठग ने प्रार्थी को एक लिंक भेजा. इस लिंक पर क्लिक करने पर प्रार्थी के पास ओटीपी आया. किस्त के बारे में पता करने की प्रक्रिया बताकर ठग ने प्रार्थी से ओटीपी भी पूछ लिया. फिर प्रार्थी के खाते से 50,000 रुपए ठग लिए.
उदयपुर के सेक्टर 9 निवासी विजय के साथ एटीएम क्लोनिंग की वारदात हुई. उनके खाते से 20,000 रुपये निकाल लिए गए. परिवादी ने तत्काल पुलिस से संपर्क किया तो पुलिस ने आरोपी का बैंक खाते फ्रीज करवा यह राशी वापस पीड़ित को दिलवायी.

Tags: Corona era, Crime in Rajasthan, Cyber Crime, Rajasthan latest news

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