Udaipur News: रेमडेसीविर इंजेक्शन की कालाबाजारी, 35000 रुपए में बेचते डॉक्टर और MBBS स्टूडेंट गिरफ्तार

 रेमडिसिविर इंजेक्शन की   (सांकेतिक तस्वीर)

रेमडिसिविर इंजेक्शन की (सांकेतिक तस्वीर)

Remdesivir-injection black marketing in Udaipur: लेकसिटी उदयपुर में पुलिस ने डिकॉय ऑपेरेशन कर रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करने वाले एक डॉक्टर और मेडिकल स्टूडेंट को गिरफ्तार किया है.

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उदयपुर. कोरोना संक्रमण (COVID-19) से पूरे राजस्‍थान में हाहाकार मचा हुआ है. इस भयावह दौर में गंभीर मरीजों को रेमडेसीविर इंजेक्शन (Remdesivir-injection) की सख्त जरूरत है, लेकिन इसकी कमी के चलते मरीजों के परिजन काफी परेशान हो रहे हैं. इस बीच कुछ लोग पीड़ितों की मजबूरी का फायदा उठा कर इस इंजेक्शन को मुनाफाखोरी (Black marketing) का जरिया बना लिया है. उदयपुर की डीएसटी और हिरणमगरी थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में इसका खुलासा हुआ है. पुलिस ने इस मामले में एक डॉक्टर और एक मेडिकल स्टूडेंट को गिरफ्तार किया है.

रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी को लेकर पुलिस को सूचना मिल रही थी. ऐसे में इस मामले के खुलासे के लिए डिकॉय ऑपरेशन प्लान किया गया. पुलिस का एक जवान बोगस ग्राहक बनकर इंजेक्शन की तलाश में जुट गया. इस दौरान 2 डॉक्टर से उसका संपर्क हुआ. उन्होंने इंजेक्शन उपलब्ध कराने की बात कही. रुपयों के लेन-देन को लेकर हुई बातचीत में 2 इंजेक्शन लेने पर प्रति इंजेक्शन 35000 रुपए की मांग की गई. बोगस ग्राहक बनकर पहुंचे जवान से आरोपी डॉक्टर्स ने कहा कि सिर्फ एक इंजेक्शन लेने पर 35000 रुपए से भी ज्यादा राशि देनी पड़ेगी.

एकलिंगपुरा चौराहे पर की गई कार्रवाई

बुधवार को उदयपुर के एकलिंगपुरा चौराहे पर इस पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया गया. बोगस ग्राहक बन कर गए पुलिस के जवान ने इंजेक्शन लेने के दौरान आस-पास मौजूद टीम के सदस्‍यों को इशारा कर दिया. इसके बाद तत्काल दबिश देकर डॉक्टर मोहम्मद आमिर खान और मोहित पाटीदार को गिरफ्तार कर लिया गया. उनके कब्जे से इंजेक्शन भी बरामद किया गया. मोहित पाटीदार एमबीबीएस सेकंड ईयर का स्टूडेंट है. दोनों को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस आरोपियों से पूछताछ में जुटी है. अब यह पता लगाया जा रहा है कि इनके द्वारा इंजेक्शन कहां से लाए गए और अब तक कितनी कालाबाजारी कर चुके हैं.
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