Udaipur news : झीलों के शहर के पास जांभेश्वर वन क्षेत्र में पहली बार स्लॉथ भालू होने के प्रमाण मिले

उदयपुर के पास जांभेश्वर वन क्षेत्र में स्लॉथ भालू की उपस्थिति के प्रमाण मिले हैं.

Good news for wildlife lovers : उदयपुर में पर्यावरण प्रेमियों को ट्रेकिंग के दौरान जांभेश्वर वन क्षेत्र में स्लॉथ भालू की उपस्थिति के प्रमाण मिले हैं. ये भालू वसंत और गर्मियों की शुरुआत में प्रजनन करते हैं और सर्दियों की शुरुआत के समय जन्म देते हैं.

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उदयपुर. वन्यजीव प्रेमियों के लिए अच्छी खबर है. उदयपुर के पास जांभेश्वर वन क्षेत्र में स्लॉथ भालू की उपस्थिति के प्रमाण मिले हैं. स्लॉथ भालू भारतीय उपमहाद्वीप के मूल निवासी मायरमेकोफैगस भालू प्रजाति का है. यह फल, चींटियों और दीमक को खाता है. इसे आईयूसीएन की रेड सूची में सुभेद्य जीव के रूप में सूचीबद्ध किया गया है.

उदयपुर के कुछ युवा पर्यावरण प्रेमियों को अपनी फॉरेस्ट ट्रेकिंग के दौरान जिले की समृद्ध जैव विविधता और इसमें वन्यजीवों की स्वच्छंद अवस्थिति के प्रमाण प्राप्त हुए हैं. वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर और पर्यावरण प्रेमी विधान द्विवेदी, वेदांग साखेडकर, मानस दीक्षित और भानु प्रताप सिंह ने गुरुवार को शहर के पास बाघदड़ा के आगे जांभेश्वरजी वन क्षेत्र में स्लॉथ भालू की उपस्थिति के प्रमाण देखे हैं.

ट्रैकिंग के दौरान पेड़ पर नाखून से पहचान
विधान द्विवेदी ने बताया कि वन क्षेत्र के भ्रमण के दौरान उन्हें जंगली जामुन के एक पेड़ पर स्लॉथ भालू द्वारा नाखूनों से खुरचने के निशान मिले हैं. वहीं पेड़ के नीचे मधुमक्खी के छत्ते भी गिरे हुए मिले, जिससे इस क्षेत्र में स्लॉथ बीयर की उपस्थिति के संकेत मिले हैं. उन्होंने बताया कि संभवतः उदयपुर के समीप स्लॉथ भालू की यह पहली उपस्थिति दर्ज की गई है. इधर, स्लॉथ भालू पर शोध कर रहे उत्कर्ष प्रजापति ने भी पेड़ पर मिले खरोंच के निशान को भालू की उपस्थिति का ही प्रमाण माना है.

लॉकडाउन के कारण मूवमेंट संभव
इस संबंध में सेवानिवृत्त मुख्य वन संरक्षक राहुल भटनागर ने बताया कि लॉकडाउन अवधि में उदयपुर के पास भीलों का बेदला व बड़े क्षेत्र में स्लॉथ भालू देखे जाने की अपुष्ट खबरें थी. अब यदि जांबेश्वरजी क्षेत्र में इसकी रिपोर्टिंग हुई है तो यह क्षेत्र के लिए खुशी की बात है. उन्होंने युवाओं से इसकी उपस्थिति की पुष्टि के लिए इसकी ड्रापिंग, फुटप्रिंट, बाल इत्यादि की खोज भी करने को कहा है.

स्लॉथ बीयर की पहचान और विशेषताएं
स्लॉथ बीयर में लंबा, झबरा फर, चेहरे के चारों ओर एक अयाल और लंबे, दरांती के आकार के पंजे होते हैं. यह भूरे और एशियाई काले भालुओं की तुलना में दुबले-पतले होते हैं. यह अपने लंबे निचले होंठ और तालु का उपयोग कीड़ों को चूसने के लिए करते हैं. इसलिए इसे 'लेबीटेड भालू' भी कहा जाता है. ये भालू वसंत और गर्मियों की शुरुआत में प्रजनन करते हैं और सर्दियों की शुरुआत के करीब जन्म देते हैं. जब उनके क्षेत्रों पर इंसानों का कब्जा होता है तो वे कभी-कभी उन पर हमला कर देते हैं.

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