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हार्दिक पटेल का टोल को लेकर फिर 'पंगा', पुलिस के दखल के बाद चार्ज वसूला

हार्दिक पटेल का टोल को लेकर फिर 'पंगा', पुलिस के दखल के बाद चार्ज वसूला

गुजरात पहुंचकर रैली को संबोधित करते हार्दिक पटेल. (फोटो- पीटीआई)

गुजरात पहुंचकर रैली को संबोधित करते हार्दिक पटेल. (फोटो- पीटीआई)

अपने गृह राज्य से 6 महीने बाहर बिताने के बाद मंगलवार को पटेल कोटा आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल राजस्थान से गुजरात लौट गए.

अपने गृह राज्य से 6 महीने बाहर बिताने के बाद मंगलवार को पटेल कोटा आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल राजस्थान से गुजरात लौट गए. लेकिन हार्दिक जाते-जाते फिर से टोल प्लाजा पर टोल नहीं देने पर अड़ते हुए राजस्थान पुलिस से 'पंगा' भी ले गए. उन्होंने अपने काफिले में शामिल करीब 150 कारों का टोल नहीं चुकाने पर अड़े और इस बात पर जमकर हंगामा हुआ. हालांकि पुलिस की सख्ती के बाद टोल कर्मी 130 गाड़ियों का टोल वसूल सके.
उल्लेखनीय है कि छह महीने पहले भी हार्दिक टोल को लेकर बवाल कर चुके हैं. तीन दिन पहले ही राजस्थान की देलवाडा पुलिस ने इस मामले में हार्दिक को समन जारी थाने में तलब किया था. बता दें कि इस मामले में पटेल जुलाई महीने में श्रीनाथ जी दर्शन करने जा रहे थे. उस दौरान उनके साथियों ने नेगडीया टोलनाके पर टोल नहीं चुकाने को लेकर हंगामा कर दिया था. इस दौरान कांग्रेस से पूर्व विधायक पुष्कर लाल डांगी भी हार्दिक के साथ मौजूद थे. छह महीने उदयपुर में रहने के दौरान भी हार्दिक कई बार राजस्थान पुलिस पर सख्ती, बेवजह परेशान करने और कैदी की तरह व्यवहार करने के आरोप लगा चुके हैं.
गुजरात में तानाशाही के खिलाफ ‘दंगल’ का आह्वान
गुजरात लौटने के बाद अप्रत्यक्ष तौर पर सत्तारूढ़ भाजपा का हवाला देते हुए राज्य में व्याप्त ‘तानाशाही’ के खिलाफ पटेलों से एकजुट होकर आंदोलन का दूसरा चरण शुरू करने की अपील की. साबरकांठा जिले के हिम्मतनगर में रैली को संबोधित करने हुए 23 वर्षीय नेता ने ओबीसी कोटा के तहत अपने समुदाय के लिए आरक्षण का हक पाने के लिए लड़ाई को अंजाम तक ले जाने का संकल्प जताया और ‘जीएमडीसी जैसे दंगल’ के लिए उनसे तैयार रहने को कहा. उन्होंने इस तरह 2015 की अपनी रैली का हवाला दिया जिसके माध्यम से राज्य में पटेल समुदाय के लोग एकजुट हुए.

चुनाव से पहले सरकार पर हमला
हार्दिक ने कहा, ‘हम सब में हो सकता है कि मतभेद हो. हो सकता है कि आप में से कुछ मेरी मुखर प्रवृति के कारण मुझे पसंद नहीं करते हों. लेकिन सारे मतभेद भुला दीजिए और गुजरात में व्याप्त तानाशाही के खिलाफ एकजुट होकर लड़िए.’ हार्दिक का यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब राज्य सरकार पटेल समुदाय के साथ अपने संबंधों को दुरूस्त करने की कोशिश कर रही है. पटेल समुदाय को भाजपा का समर्पित वोटर माना जाता है. गुजरात में इस साल बाद में चुनाव होना है.
आश्वस्त कराया, आरक्षण लेंगे अन्यथा छीन लेंगे
हार्दिक ने कहा, ‘हम आपको आश्वस्त करना चाहते हैं कि हम आपको आरक्षण दिलाने तक नहीं बैठेंगे. हम इसे निश्चित तौर पर लेंगे अन्यथा छीन लेंगे.’

'दंगल' के दूसरे चरण में नेता हों एकजुट
पिछले साल कोटा आंदोलन के पहले चरण में हिंसा के लिए देशद्रोह के आरोपों का सामना कर रहे हार्दिक उदयपुर से लौटने के बाद सीधे रैली स्थल पर गए. गुजरात उच्च न्यायालय ने इस शर्त पर जमानत दी थी कि वह छह महीने तक राज्य से बाहर रहेंगे. जमानत मिलने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया था. इसके बाद से वह राजस्थान के उदयपुर में रह रहे थे. हार्दिक ने कहा, ‘मेरा अब दो ही लक्ष्य है. पहला किसी भी कीमत पर पटेलों के लिए आरक्षण. दूसरा मैं आपको राज्य में डर के इस शासन से निजात दिलाना चाहता हूं.’ उन्होंने ‘दंगल’ के दूसरे चरण के लिए अपने समुदाय के नेताओं को एकजुट होकर काम करने को कहा.
फिर जीएमडीसी मैदान में रैली को तैयार
हार्दिक ने कहा, ‘एक बार फिर साथ आइए. मैं राज्य के हरेक हिस्से में हर नागरिक के पास पहुंचना चाहता हूं. हमारे मुद्दों पर उन्हें जगाइए. जीएमडीसी जैसे दंगल के लिए फिर से हाथ मिलाइए. अगर सरकार हमें अनुमति देती है तो मैं जीएमडीसी में रैली को संबोधित करने के लिए तैयार हूं. ’ अगस्त 2015 में हार्दिक ने कोटा लाभ के लिए अपने समुदाय को ओबीसी श्रेणी में शामिल किए जाने की मांग पर जीएमडीसी मैदान में विशाल रैली का आयोजन किया था. हालांकि, उन्होंने जोर दिया कि आंदोलन का मकसद सरकार को उखाड़ना नहीं है. रैली को संबोधित करने के बाद हार्दिक पूर्व मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल का आशीर्वाद लेने गांधीनगर रवाना हो गए.

Tags: Hardik Patel, Rajasthan news, Udaipur news

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