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उदयपुर: कांग्रेस लोकसभा में बीजेपी को समर्थन देना चाहे तो हमें कोई आपत्ति नहीं- अरुण सिंह

अरुण सिंह ने आपसी गुटबाजी में उलझी गहलोत सरकार को भी कटघरे में खड़ा किया.
अरुण सिंह ने आपसी गुटबाजी में उलझी गहलोत सरकार को भी कटघरे में खड़ा किया.

लेकसिटी उदयपुर के दौरे पर आये बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री एवं राज्यसभा सांसद अरुण सिंह (Arun Singh) के बयान ने नई बहस छेड़ दी है. सिंह ने यहां प्रेसवार्ता के दौरान कांग्रेस से समर्थन लेने पर रजामंदी जताई है.

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उदयपुर. बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री एवं राज्यसभा सांसद अरुण सिंह (Arun Singh) ने कहा है कि कोई भी पार्टी चाहे कांग्रेस (Congress) भी हो यदि वह लोकसभा में भी हमें समर्थन देना चाहती है तो हमें लेने में कोई दिक्कत नहीं है. मंगलवार को उदयपुर (Udaipur) दौरे पर आये सिंह ने पत्रकार वार्ता के दौरान कांग्रेस से समर्थन लेने पर भी रजामंदी जताई.

वे हाल ही में जिला परिषद चुनाव में डूंगरपुर में सत्ता पर काबिज होने के लिए कांग्रेस और बीजेपी के बीच हुए गठबंधन पर पूछे गए सवाल पर जवाब दे रहे थे. दूसरी तरफ अरुण सिंह ने कहा कि दोनों पार्टियों की विचारधारा मेल नहीं खाती है. अरुण सिंह का यह बयान सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है.

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किसान आंदोलन को भी वामपंथी दलों द्वारा चलाया जा रहा है


पत्रकार वार्ता के दौरान अरुण सिंह ने राजस्थान की कांग्रेस सरकार पर जमकर निशाना साधा. अरुण सिंह ने कहा कि गहलोत सरकार ने पिछले 2 वर्षों में विकास के कार्यों पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया है. आपसी गुटबाजी में उलझी गहलोत सरकार को अरुण सिंह ने कटघरे में खड़ा किया. अरुण सिंह ने कहा कि किसान आंदोलन को भी वामपंथी दलों द्वारा चलाया जा रहा है. क्योंकि जिस तरह की भाषा आंदोलन में उपयोग ली जा रही है भारत का कोई भी किसान ऐसी भाषा काम में नहीं लेता है.

पंचायत चुनाव के परिणामों पर की चर्चा
अरुण सिंह ने उदयपुर में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं की संभाग स्तरीय बैठक भी ली. इस बैठक में उदयपुर संभाग के बीजेपी के सभी सांसद, विधायक, प्रदेश के प्रतिनिधि, जिला अध्यक्ष, महामंत्री और अन्य चुनिंदा जनप्रतिनिधियों को बुलाया गया था. बैठक के दौरान बूथ स्तर पर पार्टी को मजबूत करने पर भी चर्चा की गई. वही संगठन के विकास के लिए कई अहम सुझाव और निर्देश भी दिए गये. इस दौरान पंचायत चुनाव में आए सकारात्मक और नकारात्मक परिणामों की समीक्षा की गई.
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