Assembly Banner 2021

उदयपुर: 15 दि‍न में 300 लोगों से साढ़े पांच लाख रुपए से ज्‍यादा ठगे, एस्कॉर्ट सर्विस के नाम पर करते थे ठगी

उदयपुर में एस्कॉर्ट सर्विस के नाम पर 300 लोगों को ठगने वाले गिरोह का पर्दाफाश.

उदयपुर में एस्कॉर्ट सर्विस के नाम पर 300 लोगों को ठगने वाले गिरोह का पर्दाफाश.

उदयपुर की सलूंबर पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसने एस्कॉर्ट सर्विस के नाम पर 300 से ज्यादा लोगों को ठग लिया. वह एप के जरिए युवतियों की फर्जी तस्वीरें भेजकर लोगों को फंसाते थे.

  • Last Updated: March 3, 2021, 9:37 AM IST
  • Share this:
उदयपुर. उदयपुर की सलूंबर पुलिस ने एक ठग गिरोह का पर्दाफाश किया है. इस गिरोह ने एस्कॉर्ट सर्विस के नाम पर 300 से ज्यादा लोगों को ऑनलाइन ठगी का शिकार बनाया . पुलिस ने इस मामले में डूंगरपुर निवासी चार आरोपियों को सलूंबर के सुरों का कुआं गांव से गिरफ्तार किया है. इन आरोपियों ने लोकेंटो एप (Locanto App) नाम की एक मोबाइल ऐप से चेन्नई के रहने वाले 300 लोगों से महज 15 दिन में साढ़े पांच लाख रुपए ठग लिए.

उदयपुर एसपी राजीव पचौरी ने बताया कि इस मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों में मणिलाल पुत्र वेलजी, हरीश, मणिलाल पुत्र मानजी और जितेंद्र पुत्र वेलजी को गिरफ्तार किया गया है. सलूंबर की डीएसपी सुधा पालावत को जानकारी मिली थी कि मणिलाल और उसके साथी अलग-अलग जगहों पर घूमकर मोबाइल से एडल्ट वेबसाइट के जरिए युवतियों के फोटो अपलोड कर रहे हैं. पुलिस की टीम ने जब दबिश दी तो एक युवक भाग कर मकान में घुस गया. पुलिस ने दबिश देकर किराए के मकान से चारों युवकों को मोबाइल पर ऑनलाइन ठगी करते हुए गिरफ्तार किया. मौके से पुलिस ने 5.50 लाख रुपए, 8 मोबाइल और मोबाइल फोन में लगी 8 सिम भी बरामद की है.

लोकेंटो नाम की मोबाइल ऐप में एस्कॉर्ट सर्विस का भी ऑप्शन है. इस पर आरोपी युवतियों के फर्जी फोटो अपलोड करते हैं. इसके लिए 2000 रुपए ऑनलाइन जमा कर विज्ञापन के लिए रजिस्ट्रेशन भी कराते हैं. युवतियों के फोटो के साथ फर्जी मोबाइल नंबर डालकर लोगों को बहलाया फुसला या जाता है. इन युवकों ने युवतियों के फर्जी फोटो पर चेन्नई का एड्रेस डाला हुआ था. जो कोई एस्कॉर्ट सर्विस लेना चाहता था वह आरोपियों के दिए नंबर पर संपर्क करता था और यह उससे रजिस्ट्रेशन के नाम पर 500 रुपए पेटीएम या गूगल पे के ज़रिए वसूल लेते थे.



इस तरह की ठगी में ठग रजिस्ट्रेशन के नाम पर ली गई रकम मिल जाने के बाद में युवतियों के कुछ फोटो भेजते हैं और उसके बाद व्यक्ति से 2000 रुपए एडवांस डालने के लिए कहा जाता है. आरोपी उस व्यक्ति को आधे घंटे में युवती भेजने का लालच देते हैं, लेकिन जब युवती नहीं पहुंचती है तब उन्हें उनके साथ हुए ठगी के मामले का पता चलता है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज