Innovation: उदयपुर के लक्ष्यराज से एक नजर में जानें क्या है कोविड-19, तैयार की डिजिटल बुक

डिजिटल बुक को 16 अध्यायों में बांटा गया है.

डिजिटल बुक को 16 अध्यायों में बांटा गया है.

कोविड-19 से जूझ रही दुनिया इस समय लॉकडाउन (Lockdown) में है. सबकी यही चिंता है कि कोरोना वायरस (COVID-19) से कब छुटकारा मिलेगा? आने वाले दिनों या वर्षों में और क्या-क्या होगा या देखने को मिलेगा ? भविष्य के ऐसे ही कई सवालों को समेटने का काम एक ई-बुक (E-Book) में किया है उदयपुर के प्रतिभाशाली छात्र लक्ष्यराज कालरा ने.

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उदयपुर. कोविड-19 से जूझ रही दुनिया इस समय लॉकडाउन (Lockdown) में है. सबकी यही चिंता हैं कि कोरोना वायरस (COVID-19) से कब छुटकारा मिलेगा? आने वाले दिनों या वर्षों में और क्या-क्या होगा या देखने को मिलेगा ? भविष्य के ऐसे ही कई सवालों को समेटने का काम एक ई-बुक (E-Book) में किया है उदयपुर के प्रतिभाशाली छात्र लक्ष्यराज कालरा ने. दसवीं कक्षा के इस युवा विद्यार्थी ने कोविड-19 के प्रकोप से लेकर आज तक के बिगड़े और संभले हालात को लेकर गहराई से काम किया है.



डिजिटल निर्देशिका कोविड-19 के अतीत से पर्दा उठाने का काम करेगी

उदयपुर के शक्ति नगर निवासी लक्ष्य ने बताया इस ई-बुक में कोरोना वायरस के इतिहास, उसके प्रकार, नए वायरस नोवेल, कोविड-19 सुरक्षा, इम्यूनिटी, विभिन्न देशों में स्थिति, सरकारों के किए प्रयासों, लॉकडाउन, क्वारेंटाइन और कर्फ्यू जैसे सभी विषयों को संकलित करने का काम किया है. लक्ष्य का दावा है कि भविष्य में जब कोरोना का नाम गुमनामी के अंधेरे में होगा या लोग इसको भुला चुके होंगे उस स्थिति में डिजिटल निर्देशिका कोविड-19 के अतीत से पर्दा उठाने का काम करेगी.



डिजिटल बुक को 16 अध्यायों में बांटा है
इस बुक में लक्ष्य ने सभी विश्वसनीय न्यूज़ पोर्टल्स और समाचार-पत्रों के संदर्भ भी लिए हैं जिससे कि किसी तरह के कोई सवाल खड़े नहीं हों. ई-बुक को लक्ष्य ने देश के कर्मवीरों और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को समर्पित किया है. ई-बुक में शहर के प्रबुद्धजनों डॉ. अरविंदर सिंह, शैलेन्द्र सोमानी और डॉ. मनीषा वाजपेयी जैसे विशेषज्ञों ने भी मार्गदर्शन किया है. लक्ष्य ने अपनी डिजिटल बुक को 16 अध्यायों में बांटा है. इनमें कोविड-19 से जुड़ी अलग-अलग चीजों का पूरा विश्लेषण किया गया है.





पल-पल अपडेट मिलेगी ई-बुक पर

लक्ष्य के पिता और आईटी गुरुकुल के हेड संतोष कालरा ने बताया कि ऐसा नहीं कि ई-लॉचिंग के बाद इस बुक का काम पूरा हो जाएगा. आने वाले दिनों में भी कोविड-19 को लेकर जो कुछ अपडेशन देश-दुनिया में आएगा उसकी समग्र जानकारी यहां पर ताजा तथ्यों के साथ मिलती रहेगी. सूचना-तकनीक के सभी पहलुओं का समावेश इसमें किया गया है. महामारी कानून की महत्वपूर्ण धाराओं के साथ सामान्य सवालों और भ्रांतियों का निराकरण भी किया गया है.



सेवा कार्यों को भी जोड़ा है

ई-बुक की कॉ-ऑथर नीलम ने बताया इसमें उन सभी कर्मवीरों के प्रयासों को भी सराहा गया है जो कोरोना से जंग में हमारे मददगार बने हैं. विभिन्न डॉक्टर्स, एडमिनिस्ट्रेशन और सामाजिक संस्थाओं के किए जा रहे सेवा कार्यों को शामिल किया गया है. डब्ल्यूएचओ और सभी सरकारों की कोशिशों को प्रमुखता से रखा गया है. कोरोना से संक्रमित हुई हस्तियों, राष्ट्राध्यक्ष, वैज्ञानिक, खिलाड़ी, अभिनेता इत्यादि के अनुभवों को जोड़ा गया है.



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