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Big News: उदयपुर में कबाड़ के व्यापारी ने सरकार को लगाया 14.13 करोड़ की जीएसटी का चूना, गिरफ्तार

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आरोपी पवन कुमार (कंबल लिये हुये) फर्जी कंपनियों के जरिये अब तक करीब 80 करोड़ रुपये के आसपास का ट्रांजेक्शन बता चुका है.

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आरोपी पवन कुमार (कंबल लिये हुये) फर्जी कंपनियों के जरिये अब तक करीब 80 करोड़ रुपये के आसपास का ट्रांजेक्शन बता चुका है.

Big News: उदयपुर में कबाड़ का व्यापार करने वाले व्यापारी (Junk businessman) ने फर्जी कंपनियां बनाकर 14 करोड़ 13 लाख रुपये की जीएसटी (GST) की चोरी कर ली. जीएसटी विभाग की उदयपुर युनिट ने उसे गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी पंजाब (Panjab) का रहने वाला है.

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उदयपुर. लेकसिटी उदयपुर (Udaipur) में जीएसटी चोरी का बड़ा मामला सामने आया है. यहां कबाड़ का व्यापार (Junk businessman) करने वाले व्यापारी ने जीएसटी (GST)  की चोरी कर सरकार को 14 करोड़ 13 लाख रुपये का चूना लगा दिया. सेंट्रल जीएसटी की टीम ने आज उसे गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी व्यापारी पंजाब का रहने वाला है. पूछताछ के बाद उसे न्यायालय में पेश करने के लिये जोधपुर ले जाया गया है.

सेंट्रल जीएसटी की टीम ने 14 करोड़ 13 लाख रुपये की जीएसटी चोरी के मामले में पंजाब के गोविंदगढ़ के रहने वाले पवन कुमार शर्मा को गिरफ्तार किया है. पवन कुमार शर्मा कर चोरी के मामले में आदतन अपराधी है. जीएसटी की उदयपुर युनिट पिछले तीन महीने से उसकी तलाश में थी. पवन कुमार शर्मा फर्जी जीएसटी क्रेडिट शो करने के लिये फर्जी फर्म और फर्जी बिलों का सहारा लेता था.

राजस्थान, गुजरात और दिल्ली से फर्जी बिल बनवाता था
जीएसटी विभाग की उदयपुर युनिट को जब इस फर्जीवाड़े के बारे में जानकारी मिली तो उसने उसकी तलाश शुरू की. पवन कुमार शर्मा मुख्य रूप से कबाड़ का कारोबारी हैं. वह उदयपुर और इसके आसपास के जिलों से छोटे कबाड़ियों से कबाड़ खरीद कर राजस्थान, गुजरात और दिल्ली से फर्जी बिल बनवाता था. इन बिलों में जीएसटी क्रेडिट फर्जी बताया जाता. इसी फंडे से वह जीएसटी चोरी कर रहा था.
करीब आठ से दस फर्जी कंपनियां बना चुका है


जीएसटी टीम की पूछताछ में सामने आया कि पवन कुमार शर्मा अब तक करीब आठ से दस फर्जी कंपनियां बना चुका है. ये कंपनियां फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बनाई गई थी. इनमें एक दो महीने में ही करोड़ों रुपये का ट्रांजेक्शन करने के बाद उन्हें बंद कर दिया जाता. पवन कुमार शर्मा को यह अनुमान हो जाता था कि कंपनी पर अब जीएसटी विभाग की नजर हैं तो वह उसे बंद कर नई फर्जी कंपनी से व्यापार शुरू कर देता था.

अब तक करीब 80 करोड़ रुपये के आसपास का ट्रांजेक्शन बता चुका है
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार वह फर्जी कंपनियों के जरिये अब तक करीब 80 करोड़ रुपये के आसपास का ट्रांजेक्शन बता चुका है. उसी के आधार पर जीएसटी विभाग ने 14 करोड़ 13 लाख रुपये के फर्जीवाड़े का खुलासा किया है. अभी इस मामलें में और भी जांच की जायेगी. उससे यह आंकड़ा बढ़ने की संभावना है. जीएसटी उदयपर कमिश्नरेट की एंटी एवेजन ब्रांच ने इस आरोपी को गिरफ्तार करने में तीन महीने तक कड़ी मेहनत की.

आरोपी को पकड़ने में इन्होंने अदा की अहम भूमिका
आरोपी पवन को गिरफ्तार करने में आयुक्त बीएस मीणा, अतिरिक्त आयुक्त पीयूष भाटी, सहायक आयुक्त अशोक जेटवा के नेतृत्व में अधीक्षक राजेश चाहर, इंस्पेक्टर गौरव और आदित्य पंचोली ने मत्वपूर्ण भूमिका निभाई. अब पवन कुमार शर्मा को राजेश चाहर, इंस्पेक्टर गौरव और आदित्य पंचोली जोधपुर लेकर गये हैं. वहां उसे आर्थिक न्यायालय में पेश किया जायेगा.
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