मछली के लिए हवा में ही लड़े किंगफिशर, वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर ने कैमरे में कैद की दुर्लभ तस्वीरें
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मछली के लिए हवा में ही लड़े किंगफिशर, वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर ने कैमरे में कैद की दुर्लभ तस्वीरें
मछली के लिए हवा में ही लड़ाई और छिनाझपटी के इस नज़ारे को वाईल्ड लाईफ फोटोग्राफर और जनसंपर्क उपनिदेशक डॉ. कमलेश शर्मा ने क्लिक किया.

पेट भरने के लिए सिर्फ मनुष्य ही जद्दोजहद नहीं करते. बल्कि पशु-पक्षियों को भी इसके लिए बड़ी मेहनत करनी होती है. इन स्थितियों में मनुष्यों की भांति ही पशु-पक्षी भी भोजन के लिए अक्सर लड़ाई-झगड़े, छिना-झपटी करते दिखाई देते हैं.

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उदयपुर. पेट भरने के लिए सिर्फ मनुष्य ही जद्दोजहद नहीं करते. बल्कि पशु-पक्षियों को भी इसके लिए बड़ी मेहनत करनी होती है. इन स्थितियों में मनुष्यों की भांति ही पशु-पक्षी भी भोजन के लिए अक्सर लड़ाई-झगड़े, छिना-झपटी करते दिखाई देते हैं. एक ऐसा ही नज़ारा राजस्थान (Rajasthan) के उदयपुर (Udaipur) के समीप मेनार जलाशय पर दिखाई दिया. जब एक पाईड किंगफिशर (Kingfisher) ने पानी में गोता लगाकर एक मछली को पकड़ा और जैसे ही वह मछली लेकर उड़ा तो पास में ही शिकार की ताक में बैठे दूसरे किंगफिशर ने भी उड़कर उससे मछली को छिनने की कोशिश की.

इस छीनाझपटी में पहले वाले किंगफिशर के मुंह से मछली छूट गई तो दूसरा तत्काल ही हवा में ही उस मछली को पकड़ने के लिए झपटा और उसे हवा में ही लपक कर ले उड़ा. मछली के लिए हवा में ही लड़ाई और छिनाझपटी के इस नज़ारे को वाईल्ड लाईफ फोटोग्राफर और जनसंपर्क उपनिदेशक डॉ. कमलेश शर्मा ने क्लिक किया.

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ऐसा होता है पाईड किंगफिशर
पक्षी विशेषज्ञ विनय दवे के अनुसार पाईड किंगफिशर को सफेद और काला होने के कारण अबलक किंगफिशर भी कहा जाता है. शिकार के लिए यह एक ही जगह पर पंख फड़फड़ाते हुए उड़ता रहता है, जिसे होवरिंग कहते हैं. उड़ते-उड़ते ही अपने शिकार पर नज़रे गड़ाकर पानी में गोता लगाकर मछली का शिकार करता है. पक्षियों में मछली का शिकार करने में सिद्धहस्त होने के कारण यह मछलियों का शिकार करने में किंग (राजा) माना जाता है. मेनार का जलाशय पक्षियों की सबसे पसंदीदा जगह है और यही वजह है कि प्रवासी पक्षियों का भी इस तालाब में डेरा लगा रहता है. पक्षी प्रेमी और विशेषज्ञ पक्षियों को अपने कैमरे में कैद करने और उनके बारे में अध्ययन करने के लिए अक्सर इस तालाब के किनारे देखे जा सकते हैं.
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