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Navratri 2022: मेवाड़ की रक्षा के लिए माता 'घाटा रानी' ने किया था चमत्कार, पढ़िए रहस्यमयी कहानी

Udaipur News: स्थानीय निवासियों ने बताया की पहले माता के मंदिर के पास से रास्ता गुजारता था, लेकिन इसके बाद जब नेशनल हाई ...अधिक पढ़ें

रिपोर्ट- निशा राठौर

उदयपुर. उदयपुर के देबारी चौराहे के समीप बिराजी है ‘माता घाटा’ वाली इनके चमत्कार की कहानियां मेवाड़ की राजधानी स्थापित करने से लेकर अभी तक प्रख्यात है. यहां कई ऐसे चमत्कार हुए है जिससे सभी नतमस्तक है. माता के मंदिर में यह भी मान्यता है कि यदि किसी की संतान नहीं है, तो पालना चढ़ाने पर मां उसकी सुनी गोद भर देती है.

चित्तौड़ के बाद जब उदयपुर को मेवाड़ की राजधानी कायम की तब इसके पूर्वी द्वार देबारी की रक्षा का जिम्मा घाटा वाली मां के विश्वास से हरावल सिरमौर देवड़ा सरदारों को सौंपा गया. मेवाड़ पर जब हमला हुआ तब इसी द्वार से मुगलों ने उदयपुर में प्रवेश करना चाहा, दुश्मनों का संख्या बल देवड़ा राजपूतों की टुकड़ी से काफी ज्यादा था, तभी एक टोली मां की शरण में पहुंची और अरदास की, कहते है उस समय मां की नाभी से हजारों मधुमक्खियों का झुंड निकला और मुगलों को कई किलोमीटर तक खदेड़ दिया था.

राष्ट्रीय राज मार्ग और रेलवे ने भी बदला रास्ता
एक बड़ा चमत्कार यह भी है की चित्तौड़ राष्ट्रीय राजमार्ग के बीच में मां का मंदिर आ रहा था तो इस मन्दिर की जगह बदलने का निर्णय लेते हुए निर्माण शुरू हुआ, लेकिन जितने भी निर्माणकर्ता आए.शक्तिरूपा मां उन्हें उसी मार्ग पर हाथों में तलवार लिए दिखी. बाद में बिना मन्दिर हटे राष्ट्रीय राजमार्ग का रास्ता ही बदलना पड़ा.

…जब अचानक बंद हो गई मशीन
स्थानीय निवासियों ने बताया की पहले माता के मंदिर के पास से रास्ता गुजारता था, लेकिन इसके बाद जब नेशनल हाईवे वालों ने माता का मंदिर का स्थान बदलने की बात कही. लेकिन वहां आते ही सारी मशीन अपने आप काम करना बंद कर देती थी.

इसके बाद रास्ता बदलना पड़ा और पहाड़ काट कर नेशनल हाईवे का रास्ता निकाला गया. इसके लिए ग्रामीण द्वारा की भी प्रकार कोई विरोध प्रदर्शन नहीं किया गया था.

Tags: Hindu Temples, Navratri festival, Rajasthan news, Udaipur news

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