लाइव टीवी
Elec-widget

निकाय चुनाव: उदयपुर में BJP बना रही बोर्ड, खुश हो रही कांग्रेस, यह है कारण

Kapil Shrimali | News18 Rajasthan
Updated: November 19, 2019, 5:18 PM IST
निकाय चुनाव: उदयपुर में BJP बना रही बोर्ड, खुश हो रही कांग्रेस, यह है कारण
कांग्रेस ने यहां निकाय चुनाव में गत 25 बरसों में पहली बार सबसे बड़ी जीत हासिल की है. फोटो : न्यूज 18 राजस्थान ।

बीजेपी (BJP) के गढ़ उदयपुर (Udaipur) में पार्टी को नगर निगम चुनाव में स्पष्ट बहुमत (Clear majority) तो मिल गया है, लेकिन यहां कांग्रेस (Congress) ने उसके वोट बैंक (Vote Bank) में बड़ी सेंधमारी की है. कांग्रेस बोर्ड नहीं पाने के बावजूद इसलिए खुश (Happy) है कि उसने उदयपुर में पहली बार 20 सीटों का आंकड़ा (figure) छुआ है.

  • Share this:
उदयपुर. बीजेपी (BJP) के गढ़ उदयपुर (Udaipur) में पार्टी को नगर निगम चुनाव में स्पष्ट बहुमत (Clear majority) तो मिल गया है, लेकिन यहां कांग्रेस (Congress) ने उसके वोट बैंक (Vote Bank) में बड़ी सेंधमारी की है. यहां गत 25 साल से बीजेपी नगर निगम (Municipal council) पर काबिज है. इस बार वह लगातार छठी बार बोर्ड बनाने जा रही है. बीजेपी को भी इस बात का मलाल है कि उसे आशानुरुप सफलता (Success) नहीं मिल पाई. वहीं कांग्रेस बोर्ड नहीं पाने के बावजूद इसलिए खुश (Happy) है कि उसने उदयपुर में पहली बार 20 सीटों का आंकड़ा (figure) छुआ है. पिछले बोर्ड में यहां कांग्रेस के महज 3 पार्षद थे.

कांग्रेस की 25 बरसों में पहली बार बड़ी जीत
कांग्रेस ने यहां निकाय चुनाव में गत 25 बरसों में पहली बार सबसे बड़ी जीत हासिल की है. अब तक उसके पार्षदों की संख्या कभी भी 17-18 से ज्यादा नहीं पहुंच पाई थी. लेकिन अब की बार उसने 20 वार्ड जीते हैं. पिछले बोर्ड तक उदयपुर में 55 वार्ड थे. उनमें से 49 में बीजेपी थी. उनके अलावा 3 कांग्रेस और 3 अन्य पार्षद थे.

आरोप-प्रत्यारोप का चल रहा है दौर

हालांकि बीजेपी नेताओं का आरोप है कि कांग्रेस ने परिसीमन में मनमानी की, जिसके कारण वह इतने वार्ड जीत पाई है. लेकिन बीजेपी के इस आरोप से इतर कांग्रेस का मानना है कि मतदाताओं ने उन पर विश्वास जताया है. कांग्रेस की दिग्गज नेता डॉ. गिरिजा व्यास मंगलवार को मतगणना स्थल पर पहुंची. व्यास ने बोर्ड नहीं बन पाने के कई कारण गिनाए, लेकिन मजबूत विपक्ष बनने पर खुशी जाहिर की.

महापौर और उपमहापौर के वार्ड में हारी बीजेपी
यहां इस बार कई वार्डों के परिणामों चौंकाने वाले भी रहे. यहां महापौर और उपमहापौर के वार्ड में बीजेपी हार गई. वहीं बीजेपी के दो मंडल अध्यक्ष चुनाव हारे हैं. नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया के रिश्तेदार अतुल चंडालिया को हार का मुंह देखना पड़ा है. वहीं कांग्रेसी नेताओं के रिश्तेदारो के सिर पर जीत का सेहरा बंधा है. कांग्रेसी नेता की रिश्तेदार हितांशी शर्मा और प्रशांत श्रीमाली ने निकाय चुनाव में जीत दर्ज करवाई है. यह भी पहली बार ही हुआ है कि उदयपुर में बड़ी संख्या में निर्दलियों ने भी जीत दर्ज कराई है. यहां मेयर पद के सभी दावेदार चुनाव जीत गए हैं.
Loading...

बीजेपी ने 43 वार्डों जीत दर्ज कराई है
उल्लेखनीय है कि उदयपुर में परिसीमन के बाद 70 वार्ड हो गए हैं. इनमें से 44 वार्डों में बीजेपी, 20 में कांग्रेस और 6 पर अन्य प्रत्याशी विजयी हुए हैं. यहां महापौर पद के लिए जीएस टांक का नाम सबसे आगे है. माना जा रहा है उनके नाम की सिर्फ औपचारिक घोषणा होना ही बाकी है. नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया उनके नाम का पहले संकेत दे चुके हैं. टांक आएसएस की पसंद हैं. वे आरपीएससी के चेयरमैन भी रह चुके हैं.

निकाय चुनाव: CM अशोक गहलोत का चला जादू, BJP को लगा तगड़ा झटका

निकाय चुनाव: बीकानेर, उदयपुर और भरतपुर में BJP ने मारी बाजी, कांग्रेस पिछड़ी

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए उदयपुर से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: November 19, 2019, 4:40 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...