होम /न्यूज /राजस्थान /लोकसभा चुनाव-2019: वागड़-मेवाड़ में BTP ने बढ़ाई बीजेपी-कांग्रेस की 'धड़कनें'

लोकसभा चुनाव-2019: वागड़-मेवाड़ में BTP ने बढ़ाई बीजेपी-कांग्रेस की 'धड़कनें'

बीटीपी यानी भारतीय ट्राइबल पार्टी.

बीटीपी यानी भारतीय ट्राइबल पार्टी.

आदिवासी बाहुल्य मेवाड़-वागड़ अंचल हमेशा से बीजेपी-कांग्रेस की आंखों में बसा हुआ रहा है. दोनों पार्टियों की इस अंचल पर ख ...अधिक पढ़ें

    आदिवासी बाहुल्य मेवाड़-वागड़ अंचल हमेशा से बीजेपी-कांग्रेस की आंखों में बसा हुआ रहा है. दोनों पार्टियों की इस अंचल पर खास नजर रहती है. सियासत का रास्ता मेवाड़ से होकर गुजरने की पुरानी कहावत को देखते हुए बीजेपी-कांग्रेस के बड़े नेता और स्टार प्रचारक अमूमन अपने चुनाव अभियान के पहले ही फेज में ही यहां आ जाते हैं. सोमवार को मेवाड़ के गढ़ उदयपुर में पीएम नरेन्द्र मोदी सभा करके गए हैं. वहीं आज कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी यहां सभा सियासी समीकरण साधने आए हैं. लेकिन इस बार यहां उभर रही नई 'भारतीय ट्राइबल पार्टी' (बीटीपी) ने बीजेपी-कांग्रेस को चिंता में डाल रखा है.

    राजस्थान में जो 'तिवाड़ी' न कर सके, वो इसने कर दिखाया, पढ़ें- क्या है BTP, कौन हैं कर्ताधर्ता?

    विधानसभा चुनाव में पहली बार अपनी धमाकेदार उपस्थिति दर्ज कराने वाली बीटीपी की 'भील प्रदेश' की मांग और उसके पीछे जुट रहे आदिवासी मतदाताओं के छिटकने के चिंता से कांग्रेस-बीजेपी की धड़कनें बढ़ी हुई हैं. बीटीपी ने हाल ही में विधानसभा चुनाव में 12 सीटों पर चुनाव लड़ते हुए डूंगरपुर जिले की 2 विधानसभा सीटों चौरासी और सागवाड़ा पर बीजेपी और कांग्रेस को मात देते हुए जोरदार जीत दर्ज की तो दोनों पार्टियों की नींद उड़ गई. अब पार्टी बांसवाड़ा-डूंगरपुर लोकसभा क्षेत्र समेत चार सीटों पर लोकसभा चुनाव में दमखम दिखाने में जुटी है. हालांकि इस पार्टी के उद्भव के बाद बीजेपी और कांग्रेस के बड़े नेताओं ने इसे आदिवासी हितों के खिलाफ बताते हुए इसकी तुलना माओवादी सोच से कर डाली है.

    लोकसभा चुनाव-2019: मेवाड़ में बीटीपी की 'भील प्रदेश' की मांग ने उड़ाई बीजेपी-कांग्रेस की नींद

    बीटीपी के नुमांइदों का यह आरोप है
    स्थानीय आदिवासियों को जमीनी मुद्दों पर एकजुट करने का प्रयास कर रहे बीटीपी के नुमांइदों का आरोप है कि अनूसूचित क्षेत्र के लिए 5वीं अनूसूची में दिए गए तमाम प्रावधान अभी तक आदिवासी हितों में उचित ढंग से लागू नही हुए हैं. इसके चलते ना केवल दक्षिणी राजस्थान बल्कि देश के अन्य हिस्सों के आदिवासियों के हित औऱ अधिकार भी प्रभावित हो रहे हैं.

    कांग्रेस अध्यक्ष राहुल का राजस्थान में 'टेम्पल रन', बेणेश्वर धाम में दर्शन कर पहुंचे सभास्थल

    समाज के दिग्गज नेताओं से खफा हैं आदिवासी समाज के लोग
    अलग भील प्रदेश की मांग के इस आंदोलन की गंभीरता का अंदाज इसी बात से लगाया जा सकता है कि कांग्रेस और बीजेपी में शामिल आदिवासी समाज के दिग्गज नेताओं से ये लोग खासे नाराज हैं. बीटीपी राजस्थान के मेवाड़ और इससे सटे गुजरात व मध्यप्रदेश के आदिवासी इलाकों को मिलाकर भील प्रदेश की मांग कर रहे हैं.

    लोकसभा चुनाव-2019: पूरी तस्वीर हुई साफ, 25 सीटों पर 249 उम्मीदवार डटे मैदान में

    लोकसभा चुनाव-2019: दागी नेताजी को बतानी होगी 'आपराधिक पृष्ठभूमि'

    एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएंगी आपके पास, सब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी  WhatsApp अपडेट्स

    Tags: Amit shah, Ashok gehlot, Banswara S20p20, BJP, Congress, Dungarpur news, Lok Sabha Election 2019, Pm narendra modi, Priyanka gandhi, Rahul gandhi, Rajasthan Lok Sabha Elections 2019, Rajasthan news, Rajasthan State Election Commission, Sachin pilot, Udaipur news, Udaipur S20p19, Vasundhara raje

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें