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सुविधा परिषद ने यूपी की कंपनी के खिलाफ पारित किया 1 करोड़ का अवार्ड

सुविधा परिषद ने यूपी की कंपनी के खिलाफ पारित किया 1 करोड़ का अवार्ड

सुविधा परिषद की बैठक.

सुविधा परिषद की बैठक.

उदयपुर की एमएसएमई इकाई फास्फेट इण्डिया को समय पर भुगतान नहीं करने के चलते नोएडा की कंपनी के खिलाफ 1 करोड़ का अवार्ड पारित किया गया है.

    राजस्थान सूक्ष्म एवं लघु उद्यम सुविधा परिषद ने बुधवार को नोएडा की एक कंपनी के खिलाफ 1 करोड़ रुपए का अवार्ड जारी किया है. यह अवॉर्ड उदयपुर की एमएसएमई इकाई फास्फेट इण्डिया को समय पर भुगतान नहीं करने के चलते पारित किया गया है.

    उदयपुर की फास्फेट इण्डिया ने जेपी हिमाचल सीमेंट को सप्लाई की गई रेड ओचेर के 45 लाख 34 हजार के भुगतान के लिए अपने स्तर पर काफी प्रयास करने के बाद सुविधा परिषद से गुहार लगाई थी. इसके बाद सुविधा परिषद की 39 वीं बैठक में प्रकरण की सुनवाई कर मूल धन मय विलंबित अवधि के बैंक ब्याज दर की 3 गुणा दर से ब्याज का भुगतान करने का अवार्ड पारित किया है.

    खास बात यह है कि सुविधा परिषद द्वारा पारित अवार्ड की 75 फीसदी राशि कोर्ट में जमा कराकर ही इसकी अपील की जा सकती है. इससे छोटे उद्योगों को बड़ी राहत मिल पाती है.

    उद्योग आयुक्त कुंजी लाल मीणा ने बताया कि केन्द्र सरकार के एमएसएमईडी एक्ट 2006 के प्रावधानों के अनुसार सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों से सामान प्राप्त करने वाले उद्योगों या संस्था को राशि का भुगतान 45 दिन में नहीं होने की स्थिति में संबंधित पक्ष उद्योग आयुक्त की अध्यक्षता में गठित सूक्ष्म एवं लघु उद्यम सुविधा परिषद में वाद प्रस्तुत कर राहत प्राप्त कर सकते हैं.

    एमएसएमईडी एक्ट 2006 के प्रावधानों के अनुसार 45 दिन में भुगतान नहीं करने वाले पक्ष को मूलधन एवं विलंबित अवधि की बैंक ब्याज दर की 3 गुणा दर से ब्याज का भुगतान करना होता है. उद्योग आयुक्त कुंजी लाल मीणा की अध्यक्षता में गठित परिषद् के उद्योग आयुक्त कुंजी लाल मीणा के अलावा संयोजक राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति एन.सी. उप्रेती, उद्योग संघों के प्रतिनिधि ताराचंद गोयल, राजेन्द्र राठी व योगेश गौतम सदस्य है.

    Tags: Rajasthan news, Udaipur news

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