World Elephant Day के दिन उदयपुर की सोनकली ने तोड़ा दम, पशु-प्रेमियों में शोक की लहर

सोनकली को बड़ी मुश्किल से क्रेन की सहायता से इलाज के लिए ले जाया गया था

उदयपुर में Lockdown के दौरान हनुमान मंदिर में रहने वाली हथिनी सोनकली को पर्याप्त खाना नहीं मिल पाया और एक ही जगह पर बंधे रहने की वजह से उसकी तबियत खराब हो गई. एनिमल एड संस्था (Animal Aid Unlimited) और मथुरा से पहुंची डॉक्टरों की टीम उसके इलाज का प्रयास कर रही थीं.

  • Share this:
उदयपुर. आज विश्व एलिफेंट डे (World Elephant Day) मनाया जा रहा है. वहीं उदयपुर से पशु- प्रेमियों के लिए बुरी खबर आई है. यहां की हथिनी सोनकली विश्व एलिफेंट डे के दिन जिंदगी की जंग हार गई. एनिमल एड संस्था व मथुरा से पहुंची डॉक्टरों की टीम उसे बचाने के प्रयास कर रही थी.लेकिन सारी कवायदें फेल हो गईं. बता दें कि कोरोना वायरस (Coronavirus Pandemic) के संक्रमण से बचाव के मद्देनजर लगाए गए Lockdown में सोनकली को भोजन की कमी हो गई थी. एनिमल एड (Animal Aid Unlimited) संस्था हथिनी के इलाज का प्रयास कर रही थी. मथुरा से डॉक्टरों की टीम भी उसके इलाज के लिए पहुंची थी. वहीं उनके महावत सोनकली के मौत से बेहद दुखी हैं.

मथुरा से इलाज के लिए पहुंची थी टीम
उदयपुर की हथिनी सोनकली जो कभी यहां मदमस्त हो कर घूमती थीं और स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र भी थी अब कभी यहां की सड़कों पर नजर नहीं आएगी. सोनकली खड़े हो सकने में भी लाचार हो चुकी थी. जिंदगी और मौत के बीच संघर्षरत सोनकली की खबर मीडिया में आने के बाद मदद को कई लोग सामने आए थे. उदयपुर की हरिदास जी की मगरी में स्थित हनुमान मंदिर में रह रही 65 वर्षीय हथिनी सोनकली पिछले दस दिनों से बीमार थी. सोनकली की तबियत दुरूस्त होने के बजाय रोजाना बिगड़ती जा रही थी. आज विश्व एलिफेंट डे है और उदयपुर की इस हथिनी के ठीक होने की हर कोई कामना कर रहा था. हथिनी सोनकली को ठीक करने के लिये मथुरा में स्थित भारत के एक मात्र हाथियों के हॉस्पिटल से तीन सदस्यीय चिकित्सकों की टीम भी आज उदयपुर पहुंची थी. डॉ. प्रदीप के साथ मथुरा से आई चिकित्सकों की टीम उसे अपने साथ पुरा मिनी हॉस्पिटल ले गई थी क्योंकि उसकी हालत मथुरा ले जाने लायक नहीं थी.

ये भी पढ़ें- राजस्थान का सियासी ड्रामा: पूर्व पर्यटन मंत्री बोले सीएम गहलोत हमारे मुखिया, हम जनता के लिए दिल्ली गए थे !





डॉक्टरों का कहना था कि सोनकली की तबियत में यदि थोड़ा भी सुधार होता है तो उसे इलाज के लिए मथुरा ले जाया जाएगा लेकिन ऐसा संभव नहीं हो सका. बताया जा रहा है कि हथिनी सोनकली लॉकडाउन के दौरान एक ही जगह पर खड़ी थी. महावत का कहना है कि उस दौरान आर्थिक तंगी के चलते उसे पूरा भोजन भी नहीं मिल पाया था. बताया जा रहा है कि उसके एक पांव में गठिया हो गया. यही नहीं एक ही जगह खड़े रहने के चलते उसके पीछे के दोनों पांव बुरी तरह से प्रभावित हो गए. एक दिन सोनकली अचानक गिर गई. क्रेन के सहारे सोनकली को खड़ा किया गया. मथुरा से टीम आने से पहले एनिमल एड की टीम ने उसके इलाज की कोशिश की, थोड़ा सुधार भी आया लेकिन फिर उसकी तबियत बिगड़ने लगी. महावत भगवान से दुआ कर रहे थे कि सोनकली जल्दी स्वस्थ होकर फिर से उदयपुर की सड़कों पर घूमती नजर आए लेकिन अब ऐसा नहीं हो पाएगा.

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.