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Udaipur: राजस्थान में मिली नई प्रजाति की खूबसूरत बैबलर चिड़िया, कीड़े-मकौड़े खाती है

इसकी चोंच एवं पैर ललाई लिए हुए हल्के गुलाबी होते हैं. इसके सिर का रंग हल्का चॉकलेटी तथा पीठ का रंग हल्का काला होता है.

इसकी चोंच एवं पैर ललाई लिए हुए हल्के गुलाबी होते हैं. इसके सिर का रंग हल्का चॉकलेटी तथा पीठ का रंग हल्का काला होता है.

राजस्थान में एक नई प्रजाति की बैबलर चिड़िया (Babbler bird) खोज की गई है. यह खोज उदयपुर में की गई है. इसका वैज्ञानिक नाम ...अधिक पढ़ें

उदयपुर. राजस्थान की समृद्ध जैव विविधता (Biodiversity) में एक और नया नाम और जुड़ गया है. यह नाम है चिड़िया की नई प्रजाति बैबलर चिड़िया (Babbler bird). उदयपुर में इस चिड़िया की खोज की गई है. यह एक छोटा रेजीडेंट पक्षी पफ थ्रोटेड बैबलर है. इसका वैज्ञानिक नाम पेलोर्नियस रूफीसेप्स (Paleornius ruficeps) है. उदयपुर जिले में स्थित फुलवारी की नाल वन्यजीव अभयारण्य के गामड़ा की नाल में यह नई प्रजाति की चिड़िया मिली है.

इसकी खोज राजस्थान के ख्यातनाम पर्यावरण वैज्ञानिक एवं टाइगर वॉच के फील्ड बॉयोलोजिस्ट डॉ. धर्मेन्द्र खण्डाल और दक्षिण राजस्थान में जैव विविधता संरक्षण के लिए कार्य कर रहे पर्यावरण वैज्ञानिक डॉ. सतीश शर्मा तथा हरकीरत सिंह संघा ने की है. इस नई उपलब्धि पर ‘इंडियन बर्ड्स‘ के अंक 16 के भाग 5 में विस्तृत रिपोर्ट प्रकाशित की गई है.

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ऐसा होता है यह पक्षी
उदयपुर के पक्षी विज्ञानी डॉ. सतीश शर्मा ने बताया कि यह एक वेबलर वर्ग का सदस्य है. इसकी चोंच एवं पैर ललाई लिए हुए हल्के गुलाबी होते हैं. इसके सिर का रंग हल्का चॉकलेटी तथा पीठ का रंग हल्का काला होता है. इसका गला एकदम सफेद तथा छाती पर टूटती गहरी धारियां होती हैं. आंख के ऊपर सफेद रंग की धारी लंबी होकर पीछे गर्दन तक फैली रहती है. यह जोड़े या छोटे दलों में रहकर जंगल में नीचे गिरी पड़ी पत्तियों के झुरमुट में भूमि पर पड़े कीड़े-मकौड़े खाती है. इस प्रकार की प्रजाति गुजरात के विजयनगर स्थित पोलो फोरेस्ट में भी मिली है.

इन क्षेत्रों में ज्यादा पाई जाती है
बकौल शर्मा यह बैबलर प्रजाति भारत के सतपुड़ा बिहार एवं उडीसा के पठारी क्षेत्र, पूर्वी एवं पश्चिमी घाट के क्षेत्र, राजमहल पहाड़ियां (मध्य पश्चिमी बिहार), केरल के पलक्कड (पालघाट) क्षेत्र, चितेरी पहाड़ियां आदि क्षेत्रों में पाई जाती है. राज्य में इस नई खोज के लिए स्थानीय पक्षी प्रेमियों ने खुशी व्यक्त की है.

Tags: Forest department, Wildlife department

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