ACB's Big Action: खैरवाड़ा थानाप्रभारी भंवर विश्नोई ढाई लाख रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार

थानाप्रभारी भंवर विश्नोई (लाल घेरे में) को उसके सरकारी क्वार्टर में ढाई लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया है.

थानाप्रभारी भंवर विश्नोई (लाल घेरे में) को उसके सरकारी क्वार्टर में ढाई लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया है.

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (Anti Corruption Bureau) ने मंगलवार को उदयपुर जिले के खैरवाड़ा थानाप्रभारी भंवर विश्नोई (Kherwara SHO Bhanwar Vishnoi) को ढाई लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार (Arrested) कर लिया. डूंगरपुर एसीबी (Dungarpur ACB) की टीम ने इस कार्रवाई को उदयपुर जिले में आकर अंजाम दिया.

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उदयपुर. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (Anti Corruption Bureau) ने मंगलवार को उदयपुर जिले के खैरवाड़ा थानाप्रभारी भंवर विश्नोई (Kherwara SHO Bhanwar Vishnoi) को ढाई लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार (Arrested) कर लिया. डूंगरपुर एसीबी (Dungarpur ACB) की टीम ने इस कार्रवाई को उदयपुर जिले में आकर अंजाम दिया. थानाप्रभारी रिश्वत की यह राशि जमीन के एक मामले में धारा हटाने के लिए ले रहा था. मजे की बात यह है कि जिस धारा को हटाने के लिए थानाप्रभारी विश्नोई ने रिश्वत ली थी वह उस मामले की एफआईआर में लगाई ही नहीं गई थी.



साढ़े चार लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी

एसीबी ने यह कार्रवाई पुलिस उपाधीक्षक गुलाब सिंह के नेतृत्व में की. डूंगरपुर एसीबी को खैरवाड़ा निवासी फरियादी अमित बालेश्वर ने थानाप्रभारी के खिलाफ 9 फरवरी को शिकायत पेश की थी. अपनी शिकायत में उसने एसीबी को बताया कि जमीन के मामले में उस पर खैरवाड़ा थाने में मामला दर्ज है. इस मामले से धारा 452 हटाने के एवज में थानाप्रभारी भंवर विश्नेाई ने 4 लाख 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी है.



डेढ़ लाख रुपए थानाप्रभारी को पहले दे चुका था परिवादी
परिवादी ने एसीबी को बताया कि डेढ़ लाख रुपए वह थानाप्रभारी को पहले दे चुका है. उसके बाद एसीबी ने 10 फरवरी को इसका सत्यापन कराया. सत्यापन के दौरान मंगलवार को रिश्वत की रकम देना तय हुआ. इस पर ब्यूरो ने थानाप्रभारी को रंगे हाथों पकड़ने के लिए अपना जाल बिछाया. मंगलवार को थानाप्रभारी भंवर विश्नोई को उसके सरकारी क्वार्टर में ढाई लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया.





यह था पूरा मामला

आरोपी थानाप्रभारी ने परिवादी से धारा 452 हटाने के एवज में रिश्वत मांगी थी. परिवादी ने डरकर थानाप्रभारी को डेढ़ लाख रुपए दे भी दिए. यही नहीं थानाप्रभारी भंवर विश्नोई ने परिवादी को डराते हुए एक बार उसे तीन चार दिन के लिये खैरवाड़ा से बाहर भी भेजा था. उसके बाद वह परिवादी पर ढाई लाख रुपए और देने के लिए दबाव बनाने लगा. इस बीच परिवादी का पता चला कि थानाप्रभारी जिस धारा को हटाने के लिए उससे रिश्वत मांग रहा है वह तो एफआईआर में दर्ज ही नहीं है. इस पर वह एसीबी के पास पहुंचा और थानाप्रभारी के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई. अब एसीबी की आगे की कार्रवाई में जुटी है.



 



 



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