मानव तस्करी विरोधी यूनिट की बड़ी कार्रवाई, छत्तीसगढ़, बिहार और झारखण्ड के 60 बाल श्रमिकों को करवाया मुक्त

कार्रवाई सुखेर थाना इलाके के कविता गांव और बीएसएफ कैम्प के पास बने अलग-अलग ईंटों भट्टों पर की गई. सांकेतिक तस्वीर

कार्रवाई सुखेर थाना इलाके के कविता गांव और बीएसएफ कैम्प के पास बने अलग-अलग ईंटों भट्टों पर की गई. सांकेतिक तस्वीर

उदयपुर जिले की मानव तस्करी विरोधी यूनिट (Anti-Human Trafficking Unit) ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए 60 बाल मजदूरों (Child laborers) को ईंट भट्टों मुक्त करवाया है. मुक्त करवाए गए ये बाल मजदूर छतीसगढ़ (Chhattisgarh), बिहार (Bihar) और झारखण्ड (Jharkhand) राज्य के रहने वाले हैं.

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उदयपुर. जिले की मानव तस्करी विरोधी यूनिट (Anti-Human Trafficking Unit) ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए 60 बाल मजदूरों (Child laborers) को ईंट भट्टों मुक्त करवाया है. मुक्त करवाए गए ये बाल मजदूर छतीसगढ़ (Chhattisgarh), बिहार (Bihar) और झारखण्ड (Jharkhand) राज्य के रहने वाले हैं. इनको लंबे समय से न्यूनतम वेतन में बधुंआ मजदूर बनाकर रखा गया था. कार्रवाई के दौरान ईंट भट्टा संचालक मौके से फरार हो गए.



कविता गांव और बीएसएफ कैंप के पास की गई कार्रवाई

जानकारी के अनुसार कार्रवाई सुखेर थाना इलाके के कविता गांव और बीएसएफ कैम्प के पास बने अलग-अलग ईंटों भट्टों पर की गई. जिला कलक्टर आनंदी के निर्देश पर बडगांव एसडीएम डॉ मंजू के नेतृत्व में आसरा विकास संस्थान और मानव तस्कारी विरोधी टीम ने यह कार्रवाई की. कारवाई के बाद सभी मुक्त करवाये गए बधुंआ मजदूरों को बडगांव तहसील लाया गया. यहां पर टीम के सदस्यों ने काउसलिंग कर उनसे जानकारी जुटाई.



प्रदेश में लगातार कार्रवाइयां चल रही है
आसरा संस्थान के भोजराज सिंह ने बताया कि मुक्त करवाये गये सभी बाल मजदूर छतीसगढ़, बिहार और झारखण्ड के रहने वाले हैं। इन बाल मजदूरों को काफी समय से बधुंआ मजदूर बनाकर रखा गया था. उन्हें न्यूनतम वेतन दिया जाता था. उल्लेखनीय है कि प्रदेश में इन दिनों तस्करी विरोधी यूनिट और इससे जुड़ी संस्थाओं द्वारा लगातार बाल श्रम के खिलाफ अभियान चलाकर एक के बाद एक बडी कार्रवाइयां की जा रही हैं.





करीब 200 से ज्यादा बाल श्रमिकों को मुक्त करवाया जा चुका है

उदयपुर में बीते तीन माह में करीब 200 से ज्यादा बाल श्रमिकों को मुक्त करवाया जा चुके हैं. पूर्व में जिले में बाल तस्करी कर गुजरात और महराष्ट्र ले जा रहे एक गिरोह का पर्दाफाश किया जा चुका है. वहीं करीब डेढ़ माह पहले उदयपुर की टीम ने गुजरात के सूरत में साड़ी के कारखानों पर दबिश देकर बाल श्रमिकों को मुक्त करवाया था.



 



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