उदयपुर एयरपोर्ट पर प्लेन हाइजैक की सूचना से हड़कंप, लेकिन वो निकला मॉक ड्रिल एक्सरसाइज

मॉक ड्रिल के दौरान उदयपुर एयरपोर्ट पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे

मॉक ड्रिल के दौरान उदयपुर एयरपोर्ट पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे

मॉक ड्रिल (Mock Drill) के बाद उदयपुर एयरपोर्ट (Udaipur Airport) के एटीसी टॉवर में एंटी हाइजैकिंग कंट्रोल रूम में प्रशासनिक, पुलिस और एयरपोर्ट अधिकारियों की एक संयुक्त बैठक हुई, और मॉक ड्रिल की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए

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  • Last Updated: December 15, 2020, 10:05 PM IST
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उदयपुर. राजस्थान के उदयपुर (Udaipur) के डबोक स्थित महाराणा हवाईअड्डे पर मंगलवार को एंटी हाइजेकिंग मॉक ड्रिल (Anti Hijacking Mock Drill) की गई. एयरपोर्ट की ओर से प्रशासन को सूचना दी गई कि जयपुर से मुंबई जाने वाला यात्री विमान, जो उदयपुर में रिफलिंग के लिए उतरने वाला है, वो हाइजैक हो गया है. प्लेन हाइजैक (Plane Hijack) की सूचना से हड़कंप मच गया और पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारी फौरन एयरपोर्ट (Udaipur Airport) की तरफ दौड़ पड़े. सबसे पहले अतिरिक्त जिला कलेक्टर ओ.पी बुनकर एयरपोर्ट के लिए रवाना हुए. इसके अलावा पुलिस डिपार्टमेंट की क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) टीम, पुलिस कंट्रोल रूम से रिजर्व, एसडीआरएफ, फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस आदि भी एयरपोर्ट पहुंचे.

दरअसल एयरपोर्ट में साल में एक बार मॉक ड्रिल करने का प्रावधान है, ताकि प्रशासन एवं सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय बना रहे और एयरपोर्ट पर आपातकालीन स्थिति से समय रहते हुए निपटा जा सके.

मंगलवार को डबोक एयरपोर्ट एटीसी को सूचना मिली कि जयपुर से मुंबई जाने वाला एक विमान हाइजैक हो गया है. इस विमान को रिफिलिंग के लिए उदयपुर में सुबह लगभग साढ़े 10 बजे उतरना प्रस्तावित था. सूचना मिलते ही एयरपोर्ट प्रशासन हरकत में आया और एयरपोर्ट ऑथोरिटी स्टाफ और सीआईएसएफ ने तुरंत रणनीति बनाई, विमान को लैंड होने के साथ आइसोलेशन बे पर शिफ्ट किया गया और रनवे को क्रैश फायर टेंडर से लॉक कर दिया गया, ताकि प्लेन को उड़ने ना दिया जा सके. इसके साथ ही सीआईएसएफ की क्यूआरटी टीम ने चारों ओर से आइसोलेशन बे को अपने कब्जे में लिया.

मॉक ड्रिल के दौरान एयरपोर्ट के चप्पे-चप्पे पर रही सुरक्षा व्यवस्था
साथ ही एयरपोर्ट के बाहरी परिसर में राजस्थान पुलिस के जवान व सीआईएसएफ की रिजर्व टीम और परिसर के अंदर की सुरक्षा के लिए सीआईएसएस की क्यूआरटी टीम के जवान तैनात रहे. इसके अलावा पुलिस विभाग की बम स्क्वायड टीम, सीआईएसएफ की डॉग स्क्वायड टीम, पुलिस की एफएसएल टीम, एनसीसी के एयरविंग के अधिकारी, एमबीसी आदि ने भी मोर्चा संभाल लिया था.

मॉक ड्रिल के बाद एयरपोर्ट के एटीसी टॉवर में एंटी हाइजैकिंग कंट्रोल रूम में प्रशासनिक, पुलिस और एयरपोर्ट अधिकारियों की एक संयुक्त बैठक हुई, और मॉक ड्रिल की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए. बैठक में एडीएम (प्रशासन) ओ.पी बुनकर और एयरपोर्ट डायरेक्टर नंदिता भट्ट ने पूरी गंभीरता बरतने और समन्वय स्थापित करते हुए ऐसे हादसों में कार्रवाई करने को कहा.
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