उदयपुर: क्वॉरेंटाइन शिविर में उत्तर प्रदेश के मजदूर ने लगाई फांसी, हड़कंप मचा

विष्णु सिंह के साथ मौजूद मजदूरों के अनुसार उसने कल गुस्से में आकर अपना मोबाइल भी तोड़ दिया था.

विष्णु सिंह के साथ मौजूद मजदूरों के अनुसार उसने कल गुस्से में आकर अपना मोबाइल भी तोड़ दिया था.

लॉकडाउन (Lockdown) के दौरान जिला प्रशासन की ओर से बनाए क्वॉरेंटाइन शिविर (Quarantine Camp) में उत्तर प्रदेश के एक मजदूर ने आत्महत्या (Suicide) कर ली. इसकी सूचना पर हड़कंप मच गया.

  • Share this:
उदयपुर. लॉकडाउन (Lockdown) के दौरान जिला प्रशासन की ओर से बनाए क्वॉरेंटाइन शिविर (Quarantine Camp) में उत्तर प्रदेश के एक मजदूर ने आत्महत्या (Suicide) कर ली. इसकी सूचना पर हड़कंप मच गया और आलाधिकारी मौके पर पहुंचे. अभी तक आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है. लेकिन माना जा रहा है कि डिप्रेशन में आकर मजदूर ने यह कदम उठाया है.

डिप्रेशन के चलत सुसाइड की बात आ रही है सामने

पुलिस के अनुसार आत्महत्या की घटना डबोक इलाके में स्थित गीतांजलि इंस्टीट्यूट में हुई. यहां प्रशासन ने क्वॉरेंटाइन शिविर बना रखा है. यहां प्रवासी मजदूरों को क्वॉरेंटाइन करके रखा गया है. उन्हीं मजदूरों में से एक विष्णु सिंह ने शनिवार रात को फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया. हालांकि आत्महत्या के कारण स्पष्ट नहीं हो पाए हैं, लेकिन प्रथम दृष्टया डिप्रेशन के चलते ऐसा कदम उठाने की बात सामने आ रही है.

उत्तर प्रदेश के शहादाबाद का रहने वाला था
गीतांजलि इंस्टीट्यूट में बनाए गए क्वॉरेंटाइन हाउस में 182 मजदूरों को रखा हुआ था. 20 वर्षीय विष्णु सिंह भी इन्हीं में शामिल था. वह गुजरात के सूरत में मजदूरी करता था. वह लॉकडाउन के बाद सूरत से अपने गांव उत्तर प्रदेश के शहादाबाद के लिए रवाना हुआ था. इस दौरान विष्णु सिंह के साथ उसके गांव के ही कुछ साथी भी थे. लेकिन प्रशासन ने इन सभी को उदयपुर में क्वॉरेंटाइन कर लिया था.

कल गुस्से में आकर अपना मोबाइल भी तोड़ लिया था

विष्णु सिंह के साथ मौजूद मजदूरों के अनुसार उसने कल गुस्से में आकर अपना मोबाइल भी तोड़ दिया था. हालांकि वह अपने परिवार वालों से लगातार बात कर रहा था, लेकिन उसने अपने साथी मजदूरों से अपनी परेशानी का कोई कारण साझा नहीं किया था. शनिवार रात को जब सभी साथी सो गए तो विष्णु ने बिल्डिंग की चौथी मंजिल में स्थित एक कमरे में जाकर चद्दर से फांसी का फंदा बनाया और फिर आत्महत्या कर ली.



शव पोस्टमार्टम के बाद गांव भिजवा दिया

सूचना पर आलाअधिकारी मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली. विष्णु के परिवार का कोई सदस्य उदयपुर में नहीं था. ऐसे में पुलिस ने उसके परिवार से स्वीकृति प्राप्त कर विष्णु के साथियों की मौजूदगी में उसका पोस्टमार्टम करवाया। बाद में शव उसके साथियों को सुपुर्द कर उनके साथ ही एम्बुलेंस के जरिये उसके गांव भिजवा दिया है. प्रशासन ने क्वॉरेंटाइन शिविरों में रखे गए लोगों को तनावमुक्त रखने के लिए काफी एक्टिविटी करवा रखी है. इसमें इन लोगों को योगा के मार्फत भी तनाव से दूर रखने के प्रयास किए जा रहे हैं.

आइये हम इस घड़ी में वो पर्वत-शिखर बनें जिसकी जरूरत इस दुनिया को है- मुग्धा

कोटा का यह डॉक्टर खुद होम क्वॉरटाइन होते हुए भी निभा रहा है दोहरी भूमिका
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज