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World Bicycle Day: अरावली की वादियों में 'पैडल टू जंगल टूर' का अलग है मजा...

वर्ल्ड साइकल डे पर बनाया गया एक पोस्टर, जिसमें दिखाया जा रहा है कि साइकल चलाते समय आप प्रकृति के कितने करीब होते हैं

वर्ल्ड साइकल डे पर बनाया गया एक पोस्टर, जिसमें दिखाया जा रहा है कि साइकल चलाते समय आप प्रकृति के कितने करीब होते हैं

उदयपुर के वन विभाग के तत्कालीन मुख्य वन-संरक्षक राहुल भटनागर की पहल पर यह शहर देश भर के साईक्लिस्ट की पसंद बन चुका है. देश भर के साईक्लिस्ट मेवाड़ की वाइल्ड लाइफ सेंचुरी (Wild life century) में साईक्लिंग का लुत्फ उठाते हैं जिसमें बड़ी संख्या में महिला साईक्लिस्ट भी हिस्सा लेती हैं.

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उदयपुर. जनपद में अरावली की वादियों (Aravali Hills) के बीच बनी वाइल्ड लाइफ सेंचुरी के प्रति अब साईक्लिस्ट का रूझान बढ़ने लगा है. उदयपुर राजस्थान का एक मात्र ऐसा शहर है जहां वन विभाग ने साइक्लिंग के जरिये वाइल्ड लाइफ सेंचुरी (Wild life century) में टूरिस्ट के साथ-साथ साईक्लिस्ट को भी इस शहर की और आकर्षित किया है. 3 जून को World Bicycle Day मनाया जाता है लेकिन इस बार वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते बहुत सी अन्य गतिविधियों की तरह इस बार पैडल टू जंगल टूर को भी स्थगित कर दिया गया.

उदयपुर का साइक्लिंग क्लब
उदयपुर जनपद में साइक्लिंग क्लब भी बनाया गया जिसमें शहर के कई डाक्टर्स, इंजीनियर्स, छात्र, राजनेता और कई फिटनेस प्रेमी जुड़े हैं जो सप्ताह में एक बार करीब 50 किमी से ज्यादा की साईक्लिंग कर खुद को फिट रखने की कोशिश करते हैं. उदयपुर के वन विभाग के तत्कालीन मुख्य वन-संरक्षक राहुल भटनागर की पहल पर यह शहर देश भर के साईक्लिस्ट की पसंद बन चुका है. यहां पिछले तीन वर्षों से साल में एक बार पैडल टू जंगल टूर  (Paddle to jungle tour) का आयोजन होता है. जिसमें देश भर के साईक्लिस्ट मेवाड़ की वाइल्ड लाइफ सेंचुरी में साईक्लिंग का लुत्फ उठाते हैं. साईक्लिंग का यह कार्यक्रम तीन दिनों तक चलता हैं जिसमें सैकड़ों किलोमीटर की साईक्लिंग कर साईक्लिस्ट प्राकृतिक वातावरण के बीच साईक्लिंग करते हैं. इसमें देश भर से बहुत सी महिला साईक्लिस्ट भी इसमें शामिल होती हैं. अब यह कार्यक्रम इतना चर्चित हो चुका है कि इसके लिये तय संख्या से ज्यादा आवेदन वन विभाग को मिलने लगे हैं.

इम्यूनिटी बूस्टर भी है साईक्लिंग
यही नहीं साईक्लिंग को इम्यूनिटी बूस्टर (Immunity booster) भी माना गया है. हेल्थ एक्सपर्टस की माने तो कोरोना संक्रमण के बीच सभी इम्यूनिटी बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं और साईक्लिंग इम्यूनिटी बढ़ाने का सबसे बेहतरीन उपाय है. उदयपुर में प्रतिदिन साईक्लिंग से अपनी दिनचर्या को बदल चुके लव बागडी बताते हैं कि लेक सिटी साइकिलिंग क्लब के संरक्षक होने के साथ-साथ वो नेचर लवर भी हैं और लोगों को पर्यावरण व उनके स्वास्थ्य के वास्ते साइकिलिंग के लिए मोटिवेट भी करते हैं.

उन्होंने बताया कि साइक्लिंग क्लब हर रविवार को 60 से 80 किलोमीटर की राइड ग्रुप में करते हैं, शरीर को फिट रखने के लिए और पर्यावरण को प्रदूषण से बचाने के लिए यह ग्रुप नियमित तौर पर साइकिलिंग टूर पर निकलता है. लेकसिटी साइकिल क्लब की एक विशेषता है जिसके पास हेलमेट नहीं होता उसको साइकिलिस्ट अपने साथ राइड पर नहीं लेकर जाते हैं. लव बागड़ी बताते हैं कि वो पिछले 5 वर्षों से साइकिलिंग कर रहे हैं और लगभग 7000 किलोमीटर तक साइकिल चला चुके हैं. उदयपुर के इस साइक्लिंग क्लब में ऐसे कई राइडर्स हैं जो पर्यावरण को प्रदूषण से बचाने के लिये और स्वयं को फिट रखने के लिये साईक्लिंग के प्रति जागरूक हुए और आज नियमित साइक्लिस्ट के तौर पर सैकड़ों कि.मी. साईकल चलाकर खुद को तंदुरूस्त रखते हैं.

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