रियलिटी चेकः 10 बजे तक खाली मिली सरकारी कार्यालयों की कुर्सियां

प्रदेश की योगी सरकार सरकारी कार्यालयों में समय पाबंदी की सख्ती को लेकर बड़े-छोटे सभी सरकारी कर्मचारी बेपरवाह है. रियलिटी चेक के लिए जब हमारी टीम वाराणसी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के कार्यालय में पहुंची तो पाया कि कार्यालयों के लिए निर्धारित किए गए समय से 10 मिनट भी अधिकारियों की कुर्सी खाली मिली.

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प्रदेश की योगी सरकार की सरकारी कार्यालयों में समय पाबंदी की सख्ती को लेकर सोमवार को बड़े-छोटे सभी सरकारी कर्मचारी अधिकारी बेपरवाह नज़र आए है. रियलिटी चेक के लिए जब हमारी टीम वाराणसी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के कार्यालय में पहुंची तो पाया कि कार्यालयों के लिए निर्धारित समय से 10 मिनट भी अधिकारियों की कुर्सी खाली मिली.

वाराणसी स्थित एसएसपी कार्यालय में 9 बजर 10 मिनट तक कुर्सी पर कोई नहीं मिला. हालांकि एसएसपी कमरे की कुर्सी के पास ही एक राजपत्रित अधिकारी मौजूद थे, जिन्होंने बचान करते हुए कहा कि एसएसपी की गैर-मौजूदगी में जन सुनवाई का काम वो स्वयं करते हैं. रियलिटी चेक के दौरान पूरे दिन एसएसपी वाराणसी की कुर्सी खाली मिली.

वाराणसी के बाद हमारी गाजियाबाद की टीम गाजियाबाद ssp ऑफिस में पड़ताल करने पहुंची, यहां भी उसे निराशा हाथ लगी. एस पी ग्रामीण (ए. के मौर्य) कार्यालय के निर्धारत समय पर अपनी सीट पर नजर नही आए. हालांकि खुद SSP गाजियाबाद ठीक 9 बजे अपने दफ्तर पर फरियादियों को सुनते नजर आए.



उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि उनके अधिनस्थ सभी अधिकारी प्रायः 9 बजे दफ्तर आ जाते हैं. उन्होंने बताया कि एस पी ग्रामीण ए के मौर्य आज मुख्यमंत्री की अगुवाई में सहारनपुर गए हुए हैं। इसके बाद टीम जब जिला मुख्यालय में स्थित DM दफ्तर पहुंची, तो पाया कि 9:15 तक जिलाधिकारी मिनिष्ति एस अपने दफ्तर पर गैरहाजिर थी।
हालांकि जिलाधिकारी दफ्तर की लाइट, पंखा व TV चालू था, लेकिन कार्यालय की कुर्सियां खाली थीं. फिर टीम गाजियाबाद मुख्य जिला चिकित्सा अधिकारी एन के गुप्ता के ऑफिस पहुंच गई. जहां 9 बजकर 45 मिनट तक सीएमओ ऑफिस खाली रहा जबकि वहां की लाइट, पंखे एयर कंडीशनर और tv चल रहे थे.

पूछने पर जबाव मिला कि साहब आने वाले हैं. मुख्यमंत्री योगी के आदेश की इस पड़ताल में जहां गाजियाबाद SSP एच एन सिंह पास हुए वही जिलाधिकारी महोदया मिनिष्ति एस ओर मुख्य जिला चिकित्सा अधिकारी एन के गुप्ता फेल नज़र आए.

इसके बाद रियलिटी चेक के लिए हमारी टीम आगरा पहुंची. आगरा डीएम गौरव दयाल, सीडीओ रवींद्र कुमार मांदड़ सहित तमाम अफसर समय पर दफ्तर नहीं पहुंचे। डीएम गौरव दयाल की जगह एडीएम वित्त और सिटी मजिस्ट्रेट फरियादियों की समस्याएं सुन रहे थे। सीडीओ रवींद्र मांदड़ का दफ्तर खुला था, लेकिन साहब गैरहाजिर मिले.

रिपोर्ट के मुताबिक फरियादी सीडीओ के इंतजार में इधर-उधर भटकते नजर आए. जिला अर्थसंख्या अधिकारी सहित विकास भवन स्थित कार्यालयों के ज्यादातर अधिकारी 10 बजे तक अपने कार्यालय में नहीं पहुंचे. जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के दफ्तर में भी सख्ती को लेकर अंधेरगर्दी कायम दिखी.

गौरतलब है प्रदेश की योगी सरकार ने प्रदेश के सभी सरकारी कार्यालयों में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को सुबह 9 बजे दफ्तर पहुंचने का निर्देश दिया है, लेकिन रियलिटी चेक के दौरान हमारी टीम ने पाया कि 10 बजे तक न कोई अधिकारी कार्यालय में दिखा और न कोई कर्मचारी वहां नजर आया।

रिपोर्ट के मुताबिक उप मुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा हाल ही में अधिकारियों को सरकार की मंशा के अनुरूप कार्य करने का निर्देश देकर आए हैं, लेकिन विभाग के अफसर व कर्मचारी सुधरने का नाम ही नहीं ले रहे हैं। रियलिटी चेक के दौरान टीम ने सूने दफ्तर और खाली कुर्सियां देखी. हालांकि इस दौरान कार्यालय में लगे लाइट्स व पंखे चलते मिले।

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