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जोधपुर कोर्ट का फैसला सुन भावुक हुए सलमान खान के चाचा

आर्म्स एक्ट में फंसे बॉलीवुड फिल्म अभिनेता सलमान खान को जोधपुर कोर्ट ने बरी कर दिया है. सलमान खान को बरी किए जाने के बाद इंदौर स्थित उनके पैतृक निवास पर खुशी का माहौल है.

आर्म्स एक्ट में फंसे बॉलीवुड फिल्म अभिनेता सलमान खान को जोधपुर कोर्ट ने बरी कर दिया है. सलमान खान को बरी किए जाने के बाद इंदौर स्थित उनके पैतृक निवास पर खुशी का माहौल है.

आर्म्स एक्ट में फंसे बॉलीवुड फिल्म अभिनेता सलमान खान को जोधपुर कोर्ट ने बरी कर दिया है. सलमान खान को बरी किए जाने के बा ...अधिक पढ़ें

    आर्म्स एक्ट में फंसे बॉलीवुड फिल्म अभिनेता सलमान खान को जोधपुर कोर्ट ने बरी कर दिया है. सलमान खान को बरी किए जाने के बाद इंदौर स्थित उनके पैतृक निवास पर खुशी का माहौल है.

    सुबह से ही परिवार के सदस्य टीवी पर नजर जमाए हुए थे. उन्हें बेसब्री से जोधपुर कोर्ट के फैसले का इंतजार था. यहां हर कोई दुआ कर रहा था कि उनका लाड़ला इस मामले में बरी हो जाए.

    18 साल से जारी केस में कोर्ट के फैसले पर सलमान के परिजनों ने उनके बरी होने पर खुशी जताई है.  भतीजे के बरी होने के बाद बेहद भावुक हुए चाचा अब्दुल नईम ने कहा, 'सलमान उनके लिए बेटे की तरह है. उसे कोर्ट ने बरी किया तो हम सब बहुत खुश हैं. यह हमारे के लिए राहत भरा फैसला है. पिछले 18 साल से चल रह केस की वजह से उसका भी कामकाज काफी प्रभावित हो रहा था.'

    सलमान की मां से बात कर दी बधाई

    चाचा नईम खान ने कहा है कि कोर्ट का फैसला आने के बाद उनकी सलमान से तो बात नहीं हो सकी, लेकिन उन्होंने मुंबई में सलमान की मां सलमा से बात कर उन्हें बेटे के रिहाई पर मुबारकबाद दी है.

    सलमान के चाचा ने कहा कि वह सलमान के बरी होने पर नमाज-ए-शुक्राना अदा करेंगे. हालांकि, भतीजे के 18 साल के संघर्ष ने उन्हें बेहद भावुक कर दिया और उनका दर्द जुबां पर आ ही गया.  अब्दुल नईम ने कुत्ते के काटने का जिक्र करते हुए कहा कि काटने से ज्यादा दर्द पेट में 14 इंजेक्शन लगाने का होता है.

    इंदौर में हुआ था 'दबंग' का जन्म

    सलमान खान का इंदौर से बेहद करीबी नाता रहा है. उनका जन्म 27 दिसंबर 1965 को इंदौर में ही हुआ था. सलमान का बचपन इंदौर के पलासिया थाने के सामने मौजूद खान कैम्पस में गुजरा है. वहीं नजदीक कल्याणमल नर्सिंग होम में उनका जन्म हुआ था.

    सलमान का बचपन इंदौर की गलियों में ही खेलते हुए गुजरा. उनकी पढ़ाई सिंधिया स्‍कूल, ग्‍वालियर से हुई है जहां वे अपने भाई अरबाज खान के साथ पढ़ते थे. इसके बाद की पढ़ाई उन्‍होंने मुंबर्इ के बांद्रा इलाके में स्थित सेंटस्‍टैनिसलॉस हाईस्‍कूल से की.

    इंदौर आकर भावुक हो गए थे सलमान

    सलमान खान 2014 में फिल्म 'जय हो' के प्रमोशन के लिए इंदौर आए थे. इस दौरान एक मीडिया इंटरव्यू में वह बेहद भावुक हो गए थे. उन्होंने कहा था, बहुत साल पहले की बात है, एक लड़का ओल्ड पलासिया में साइकिल से घूमा करता था, वहीं मजे से कुल्फी खाता था, पतंग और डोर से खेलता था. अब वो बात कहां? न तो साइकिल चलाने की जगह है, और न ही वैसा सुकून. लड़का जवान हो गया है. उसे हरियाली की जगह अब क्रांकिट का जंगल दिखता है. उसका अपना घर उसी खान कैम्पस में है, जहां पहले था. वह लड़का अब इंदौर आता है, तो चाहकर भी उस घर नहीं जा पाता है, जहां उसका पूरा दिन गुजरता था और जहां जाने की तमन्ना उसके दिल में हरदम जवां रहती है. इंदौर अब वैसा नहीं रहा, जैसा पहले था.
    चुनाव में किया था प्रचार

    सलमान खान 2009 में मेयर चुनाव के दौरान कांग्रेस प्रत्याशी पंकज संघवी के समर्थन में इंदौर में चुनाव प्रचार भी कर चुके हैं. इस दौरान उन्होंने आधे शहर में रोड शो किया था. उनके लाखों चाहने वाले अपने दबंग की एक झलक पाने के लिए सड़कों पर नजर आए थे. हालांकि, सलमान के प्रचार के बावजूद कांग्रेस प्रत्याशी चुनाव हार गए थे.

    Tags: Arms Act, Indore news, Salman khan

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