VIDEO : पानी की कहानी : सीवरेज के पानी से बंजर भूमि लहलाई, अब बनी कमाई का जरिया

प्रगतिशील बागवान राजीव बंसल को उनकी पत्नी कल्पना बंसल का भी पूरा सहयोग मिल रहा है. उनकी पत्नी का कहना है कि वह हर संभव अपने पति की सहायता करती है और वह इस काम का से बेहद खुश है.

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इंसान में अगर कुछ कर गुजरने की तो कोई भी काम करना कठिन नहीं है. कुछ ऐसा ही कर दिखाया है नाहन शहर के प्रगतिशील किसान राजीव बंसल ने, जिन्होंने सीवरेज के पानी से बंजर भूमि पर हरियाली ला दी है.

मौजूदा समय में विभिन्न समस्याओं के चलते किसान खेती से मुंह मोड़ रहे हैं और आज युवा खेती की और ना जाकर सरकारी नौकरी के पीछे भाग रहा है. इस सब के बावजूद नाहन शहर के एक परिवार ने बंजर पड़ी 15 बीघा भूमि में सीवरेज के पानी से आधुनिक खेती कर मिसाल कायम की है.

बंजर भूमि में खेती अपनाकर जहां लाखों रुपए की आमदनी शुरू हो गई है, वहीं चारों तरफ हरियाली हो गई है. प्रगतिशील किसान राजीव बंसल का कहना है कि 2 साल पहले उन्होंने यह काम किया था, जो आज रंग लाता दिख रहा है.



नाहन में पानी की भारी कमी
राजीव बंसल का कहना है कि नाहन में पानी की भारी कमी है. जिसके चलते उन्होंने सीवरेज के पानी को इस्तेमाल करने की योजना बनाई और अपने स्तर पर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाया, जिसके जरिए प्रतिदिन उन्हें करीब 20 हजार लीटर पानी मिल रहा है. बंसल की मानें तो इस प्लांट को लगाने में मात्र 30 हजार रुपए का खर्च आता है, जिसे आसानी से लगाया जा सकता है.

फलदार पौधों से हो रही आमदनी

राजीव बंसल इस जमीन पर एलोवेरा, चंदन नींबू, सेब, अनार उगा रहे हैं. इससे उन्हें लाखों रुपए की आमदनी हो चुकी है. मौजूदा समय में इस जमीन पर करीब 50 हजार एलोवेरा, 2 हजार चंदन के पेड़ के अलावा अन्य किस्म के करीब 2000 पेड़ लगे हुए हैं. राजीव बंसल का कहना है कि इससे उन्हें अच्छी आमदनी है इसलिए बेरोजगार युवाओं को आगे आना चाहिए. बंसल अब तक करीब 6 टन एलोवेरा प्लांट बेच चुके हैं.

पत्नी भी करती हैं मदद

प्रगतिशील बागवान राजीव बंसल को उनकी पत्नी कल्पना बंसल का भी पूरा सहयोग मिल रहा है. उनकी पत्नी का कहना है कि वह हर संभव अपने पति की सहायता करती है और वह इस काम का से बेहद खुश है.

उनका कहना है कि उनके पति द्वारा किए जा रहे काम से जहां उनके अछीआमदनी हो रही है वही चारों तरफ हरियाली छा गई है. प्रगतिशील बागवान राजीव बंसल द्वारा की यह पहल निश्चित तौर पर काबिले तारीफ है, जिससे दूसरे लोगों को भी प्रेरणा लेने की आवश्यकता है.

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