चर्चा: योगेंद्र-प्रशांत को निकलवाना चाहते हैं केजरीवाल?

आप ने आधिकारिक तौर पर इस बात का खुलासा कर दिया है कि योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण को पार्टी की पीएसी से किन वजहों से निकाला गया।

  • Last Updated: March 10, 2015, 3:37 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली। पिछले कई दिनों से आम आदमी पार्टी के भीतर मची खलबली अब खुलकर सबके सामने आ गई है। पार्टी ने आधिकारिक तौर पर इस बात का खुलासा कर दिया है कि योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण को पार्टी की पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी से किन वजहों से निकाला गया। ये बयान केजरीवाल गुट के मनीष सिसोदिया, गोपाल राय, पंकज गुप्ता और संजय सिंह ने जारी किया है। बयान के मुताबिक, कार्यकर्ता पार्टी को जिताने के लिए पसीना बहा रहे थे, जबकि प्रशांत भूषण, योगेंद्र यादव और शांति भूषण हराने की कोशिश में थे।

अरविंद केजरीवाल की पार्टी के आम आदमी बयान देने से न थकते हैं, न रुकते हैं। पार्टी के दो पुराने वरिष्ठ और गरिष्ठ सहयोगियों योगेंद्र यादव और वकील पिता-पुत्र शांति भूषण और प्रशांत भूषण के खिलाफ आम आदमी पार्टी ने बाकायदा बयान जारी किया। बयान में तीनों को विलेन बना दिया गया। ऐसे विलेन जो पार्टी को चुनाव में हरवाने में जुटे थे, जो चाहते थे कि पार्टी की जेब भी खाली हो जाए और बुरी पब्लिसिटी हो। ये बयान जारी किया अरविंद केजरीवाल के चार सिपहसालारों मनीष सिसोदिया, संजय सिंह, गोपाल राय और पंकज गुप्ता ने।

आप ने बयान जारी कर कहा कि जब सब कार्यकर्ता पार्टी को जिताने के लिए अपना पसीना बहा रहे थे उस वक्त हमारे तीन बड़े नेता पार्टी को हराने की पूरी कोशिश कर रहे थे। ये तीनों नेता हैं प्रशांत भूषण, योगेंद्र यादव और शांति भूषण। इन्होंने खासकर प्रशांत भूषण ने दूसरे प्रदेशों के कार्यकर्ताओं को फोन करके दिल्ली में चुनाव प्रचार करने आने से रोका। जो लोग पार्टी को चंदा देना चाहते थे, प्रशांत जी ने उन लोगों को भी चंदा देने से रोका। प्रशांत जी ने खेतान से यहां तक को बोला कि पार्टी के लिए प्रचार करना तो बहुत दूर की बात है वो दिल्ली का चुनाव पार्टी को हराना चाहते है। पार्टी के पास तमाम सबूत है जो दिखाते हैं कि कैसे अरविंद की छवि खराब करने के लिए योगेंद्र यादव जी ने अखबारों में नेगेटिव खबरें छपवाईं।



बहरहाल, जहर बुझे शब्दों पर भी न योगेंद्र यादव ने, न प्रशांत भूषण ने शालीनता नहीं खोई। दोनों ने कहा कि सच अब सामने आएगा ही। अब प्रशांत भूषण का कलम कौन सा बम फोड़ेगा ये बुधवार को ही पता चलेगा। जाहिर है पेशे से वकील भूषण हर तर्क की काट, हर आरोप का जवाब खोज कर लिखेंगे। मुमकिन है वो अरविंद केजरीवाल के काम करने के तरीके पर नए सवाल दागें, पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र न होने की दुहाई दें। जो भी हो, आम आदमी पार्टी में मची छीछालेदर के बहाने विरोधियों ने हमला बोल दिया है और तो और अन्ना हजारे भी आम आदमी पार्टी को कीचड़ करार दे रहे हैं।



आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल बेंगलुरू में अपना इलाज करवा रहे हैं और उनकी गैरमौजूदगी में उनके सिपलसालार पार्टी की बीमारी के इलाज में जुटे हैं। लाख टके का सवाल ये है कि आखिर पार्टी की ये व्याधि क्या है। क्या AAP के नेता अरविंद केजरीवाल दूसरे नेताओं के प्रति असुरक्षित हैं।

क्या केजरीवाल खुद पार्टी को चलाने में यकीन रखते हैं, क्या केजरीवाल गुट के नेताओं का ही पार्टी पर कब्जा है, एक नेता, एक पद की दुहाई देने वाली पार्टी में केजरीवाल मुख्यमंत्री भी हैं, AAP के राष्ट्रीय संजोयक भी। केजरीवाल की खांसी तो शायद दूर हो जाए लेकिन उनकी पार्टी में योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण को हटाने की सर्जरी ये व्याधि दूर करेगी या नासूर पैदा करेगी ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा।

इस मुद्दे को लेकर आयोजित की गई चर्चा में आम आदमी पार्टी के सांसद भगवंत मान, बीजेपी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी, कांग्रेस प्रवक्ता रीता बहुगुणा जोशी, सामाजिक कार्यकर्ता सुनीता गोदारा और आवाम संगठन के संस्थापक करण सिंह ने हिस्सा लिया। चर्चा के लिए देखें वीडियो।
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading