चर्चा: ‘आप’ भी दूसरी पार्टियों की तरह हो गई है?

इस क्लिप के सामने आने के बाद पार्टी की बड़ी नेता और लोकसभा चुनाव में गडकरी के ख़िलाफ़ ताल ठोक चुकी अंजलि दमानिया ने आम आदमी पार्टी से इस्तीफ़ा दे दिया है।

  • Last Updated: March 11, 2015, 3:02 PM IST
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नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी को लेकर हर रोज नए खुलासे हो रहे हैं। इसी कड़ी में अब सामने आई है एक ऑडियो क्लिप। आम आदमी पार्टी के पूर्व विधायक राजेश गर्ग ने ये ऑडियो जारी किया है। इसमें मुख्यमंत्री केजरीवाल पर आरोप लगाया गया है कि पिछली बार आम आदमी पार्टी की सरकार बनाने के लिए वो कांग्रेस विधायकों की खरीद-फरोख्त करना चाहते थे। क्लिप के सामने आने के बाद पार्टी की महाराष्ट्र इकाई की बड़ी नेता अंजलि दमानिया ने इस्तीफा दे दिया है। वहीं, केजरीवाल गुट के निशाने पर चल रहे योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण ने कार्यकर्ताओं के नाम लिखे खुले खत में अपने ऊपर लगे आरोपों पर पलटवार किया है।

इस क्लिप के सामने आने के बाद पार्टी की बड़ी नेता और लोकसभा चुनाव में गडकरी के ख़िलाफ़ ताल ठोक चुकी अंजलि दमानिया ने आम आदमी पार्टी से इस्तीफ़ा दे दिया है। अंजलि ने ट्वीट करके कहा है कि मैं पार्टी छोड़ रही हूं। मैं इस तरह की बकवास के लिए पार्टी में नहीं आई थी। मैंने अरविंद का समर्थन उनके सिद्धांतों के लिए किया था न कि खरीद-फरोख्त के लिए।

अंजलि दमानीया ने कहा कि मुझे अरविंद और प्रशांत पर बहुत विश्वास था। आज मैंने जब अरविंद की आवाज़ सुनी तो मैं टूट गई। मैं काफी दुखी हूं। मैं इस पार्टी से ये नहीं चाहती थी। ये कोई राजनीतिक पार्टी नहीं है। ये हजारों-लाखों कार्यकर्ताओं का सपना है। मुझे लगता है ये पार्टी या तो सिद्धांतों पर चले या मैं इसे छोड़ दूं। मैं चाहती हूं कि 48 घंटों में वीडियो की जांच हो। और उस जांच टीम का हिस्सा मैं भी रहना चाहती हूं।



हालांकि आम आदमी पार्टी के विधायकों ने इन आरोपों को झूठ का पुलिंदा बताते हुए खुद राजेश गर्ग पर सवाल उठाए हैं। आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष ने कहा कि कौन है राजेश गर्ग है? क्या प्रमाणकिता है उसकी? अंजलि दमनिया जी को अगर कोई गलतफहमी हो गई तो उनसे बात की जाएगी और उन्हे समझने की कोशिश की जाएगी।



वहीं, आम आदमी पार्टी के नेता योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण ने संयुक्त तौर पर पार्टी के कार्यकर्ताओं के नाम एक चिट्ठी जारी की है। जिसमें उन्होंने भी केजरीवाल पर कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बनाने का आरोप लगाया है। पार्टी कार्यकर्ताओं के नाम लिखी इस चिट्ठी में उन्होंने वो छह मुद्दे उठाए हैं जिनकी वजह से पिछले 10 महीनों में उनके और केजरीवाल के बीच मतभेद शुरू हुए।

इन मुद्दों को उठाते हुए योगेंद्र और प्रशांत ने गंभीर सवाल उठाए हैं। खत में लिखा है-
1- लोकसभा चुनाव के बाद अरविंद ने कांग्रेस से समर्थन लेकर दिल्ली में फिर से सरकार बनाने का प्रस्ताव रखा। अगर उस समय पार्टी कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बना लेती तो क्या हम दिल्ली की जनता का विश्वास दोबारा जीत पाते?

2- लोकसभा चुनाव के बाद पीएसी के सभी सदस्यों का इस्तीफा मांगा गया, राष्ट्रीय कार्यकारिणी को भंग करने तक की मांग उठी, अगर हम ऐसी असंवैधानिक चालों का विरोध न करते तो हमारी पार्टी और कांग्रेस या बीएसपी जैसी पार्टी में क्या फर्क रह जाता?

3- राष्ट्रीय कार्यकारिणी की राय थी कि राज्यों में चुनाव लड़ने का फैसला राज्य इकाई पर छोड़ देना चाहिए। लेकिन ये अरविंद को नामंजूर था। क्या स्वराज के सिद्धांत में निष्ठा रखने वाली हमारी पार्टी में राज्यों की स्वायत्तता का सवाल उठाना गलत है?

4- भड़काऊ पोस्टर लगाने वाले अमानतुल्लाह को पार्टी का उम्मीदवार बनाया गया, आप ही बताइए, क्या ऐसे मुद्दे पर हमें चुप रहना चाहिए था?

5-आवाम संगठन बनाने के आरोप में पार्टी के कार्यकर्ता करन सिंह को बिना जांच के दिल्ली इकाई ने निष्काषित कर किया। अगर कोई कार्यकर्ता अनुशासन समिति में अपील करे तो उसकी निष्पक्ष सुनवाई होनी चाहिए या नहीं?

6-दिल्ली चुनाव में पुराने वॉलंटियर को दरकिनार कर संगीन आरोपों में घिरे लोगों को टिकट दिया जा रहा था, जिसकी जांच की बात हमने की, क्या आप इसे पार्टी की मर्यादा और प्रतिष्ठा बचाए रखने का प्रयास कहेंगे या पार्टी विरोधी गतिविधि?

योगेंद्र यादव ने ये गुजारिश भी की है कि जिस तरह उन्हें पीएसी से निकाले जाने की वजहों को पार्टी की आधिकारिक वेबसाइट पर डाला गया। उसी तरह इस जवाब को भी वेबसाइट पर डाला जाए। इसके अलावा योगेंद्र और प्रशांत ने पूरे मामले की जांच पार्टी के लोकपाल से कराने की भी मांग की है। शांति भूषण, प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव के ख़िलाफ़ पहले ही पार्टी के 60 विधायक एक चिट्ठी पर दस्तख़त कर चुके हैं। लेकिन अब योगेंद्र की इस नई चिट्ठी के बाद लगता है कि फ़िलहाल आम आदमी पार्टी के भीतर चिट्ठियों की ये चर्चा चलती रहेगी।

इसी मुद्दे पर चर्चा के लिए आईबीएन7 के साथ जुड़े हैं आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता कपिल मिश्रा, दिल्ली से जुड़ी हैं बीजेपी नेता शाजिया इल्मी, कांग्रेस प्रवक्ता सलमान सोज और आवाम संगठन के संस्थापक करन सिंह। (वीडियो देखें)
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