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चर्चा: पाक की गोद में क्यों बैठा रहता है हुर्रियत?

चर्चा: पाक की गोद में क्यों बैठा रहता है हुर्रियत?

भारत और पाकिस्तान के बीच कोई ठोस बातचीत फिर से शुरू हो पाएगी, पाक उच्चायोग में हो रही हलचल के बाद इस पर सवाल उठने लगे हैं।

    नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान के बीच कोई ठोस बातचीत फिर से शुरू हो पाएगी, पाक उच्चायोग में हो रही हलचल के बाद इस पर सवाल उठने लगे हैं। माना जा रहा है कि दोनों देशों के बीच रिश्ते सुधारने के लिए बातचीत की प्रक्रिया फिर खटाई में पड़ सकती है। आज पाकिस्तान दिवस के मौके पर पाक उच्चायोग के न्योते पर हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के दोनों धड़ों के मुखिया मीरवाइज उमर फारूक और सैयद अली शाह गिलानी के अलावा दूसरे अलगाववादी नेता इस समारोह में शामिल हुए हैं।

    इस समारोह में शामिल होने के लिए चंद हफ्ते पहले जेल से रिहा हुए अलगाववादी नेता मसर्रत आलम को भी न्यौता दिया गया था। मसर्रत खुद तो दिल्ली नहीं पहुंचे, लेकिन उन्होंने अपने प्रतिनिधि को जरूर भेजा।

    पाकिस्तान दिवस के कार्यक्रम में जेकेएलएफ के चेयरमैन यासीन मलिक भी पहुंचे हैं, इसके अलावा जामा मस्जिद के इमाम अहमद बुखारी, केंद्रीय मंत्री वी के सिंह, कांग्रेस के नेता मणिशंकर अय्यर सहित कई खास मेहमान समारोह में मौजूद हैं। तमाम मेहमानों को पाक उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने दिल खोलकर खैर-मकदम किया।

    इस मौके पर अलगाववादी नेताओं को बुलाने और उनसे कथित रूप से कश्मीर मुद्दे पर बात करना भारत सरकार को पसंद नहीं आया है। भारत को चिढ़ाने में जो कसर बाकी रह गई थी वो बासित के एक बयान से पूरी हो गई। बासित ने कहा कि भारत सरकार को इन मुलाकातों पर कोई आपत्ति नहीं। भारत सरकार के रुख से उलट दिए गए इस बयान पर विदेश मंत्रालय ने नाराजगी जताने में देरी नहीं की। इन मुलाकातों के विरोध में पाक उच्चायोग के बाहर शिवसेना ने प्रदर्शन किया। उच्चायोग के बाहर विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए गए थे।

    चर्चा के लिए आईबीएन7 के साथ श्रीनगर से जुड़े हैं जेकेएलएफ के वाइस चेयरमैन बशीर अहमद भट, गुड़गांव से जुड़े हैं रिटायर्ड मेजर जनरल जीडी बख्शी, बीजेपी नेता संजय कौल, दिल्ली से कांग्रेस प्रवक्ता अजय कुमार और स्काइप के जरिए जुड़े हैं पाकिस्तान के पूर्व सूचना मंत्री जावेद जब्बार। (चर्चा के लिए वीडियो देखें)

    Tags: Pakistan

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